फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Candidates faced problems in bus and train, did not get correct information at railway station.

Chitrakoot News: अभ्यर्थियों को बस व ट्रेन में हुई परेशानी, रेलवे स्टेशन पर नहीं मिली सही जानकारी

Mon, 08 Sep 2025 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Mon, 08 Sep 2025 11:56 PM IST
विज्ञापन
Candidates faced problems in bus and train, did not get correct information at railway station.
फोटो05सीकेटीपी-6- परिचय- रेलवे स्टेशन पर मौजूद परीक्षा देकर लौटे परीक्षार्थी। संवाद
चित्रकूट। पीईटी देकर लौटने वाले अभ्यर्थियों को बसों व ट्रेनों में परेशानियाें का सामना करना पड़ा। आने वाली ट्रेनों में चढ़ने व बैठने तक की जगह नहीं मिली। खड़े होकर ही आना पड़ा। यहीं हाल जाने में रहा। सबसे खास बात यह रही कि रेलवे स्टेशन पर अभ्यर्थियों को कुछ भी पता करने के लिए भटकना पड़ा। कहीं भी हेल्प डेस्क की सुविधा नहीं थी। कुछ ऐसा ही हाल अस्थाई बस स्टैंड पर रहा।
विज्ञापन

परीक्षा के लिए कुछ अभ्यर्थी तो ट्रेन में सीट के लिए पहले बांदा गए और फिर वहां से चित्रकूट आए। इसके रात नौ बजे उसी ट्रेन से बांदा होकर झांसी गए। शनिवार व रविवार को हुई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए शुक्रवार से ही अभ्यर्थी बस व ट्रेनों से जाने लगे थे। झांसी जाने के लिए तो बहुत से अभ्यर्थी पहले बस से बांदा रेलवे स्टेशन गए। वहां से आने वाले संपर्क क्रांतिएक्सप्रेस, चित्रकूट एक्सप्रेस व निजामुद्दीन एक्सप्रेस से कर्वी रेलवे स्टेशन आए। यहां से उसी ट्रेन से झांसी लखनऊ कानपुर गए। इससे अभ्यर्थियों का समय और रुपये दोनों बर्बाद हुए। उसके बाद लौटने में भी बहुत परेशानी हुई। ट्रेन में चढ़ने से लेकर बैठने तक के लिए परेशान रहे। भीड़ अधिक होने पर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन भी चलाईं। इसके बाद भी अभ्यर्थियों की भीड़ कम नजर नहीं आ रही थी। वहीं लौटने वाली बसों में भीड़ बहुत ही कम रही। जल्दी के चक्कर में अभ्यर्थी निजी बसों व निजी वाहनों का भी प्रयोग किया है।
विज्ञापन

प्रयागराज से आए संदीपकुमार व वाराणसी से आए दिलीप ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर जब वह ट्रेन बदलने के लिए उतरे तो हेल्प डेस्क की सुविधा स्टेशन में नहीं मिली। तीन घंटे बाद उन्हें किसी तरह पता चला तब वह आगे रवाना हो पाए। इसी प्रकार कौशांबी के नीरज ने बताया कि बस स्टैंड पर भी कोई जानकारी देने वाला नहीं मिला। इससे वह दो घंटे तक वहीं बस के इंतजार में खड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed