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विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड राज्य बन सकता है मुद्दा
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:19 PM IST
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दिल्ली चुनाव के बाद हुई भाजपा की पहली बैठक में
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आगामी चुनाव का रोडमैप तैयार हो चुका है। सूत्रों की मानें तो आगामी चुनाव
में पार्टी बुंदेलखंड का मुद्दा उठा सकती है। बैनर, परिचय पत्र आदि में
प्रदेश की जगह बुंदेलखंड लिखा होना इस बात का सबसे सटीक उदाहरण है।
दो दिवसीय चिंतन बैठक की कई विशेषताएं रहीं। उन नेताओं को इसमें बुलाया गया, जो कई साल से दरकिनार थे। मसलन उन प्रदेश अध्यक्षों को विशेष तवज्जो देने की कोशिश की गई, जिनके पद के आगे अब भूतपूर्व लग चुका है, वो चाहे ओमप्रकाश सिंह हों, सूर्य प्रताप शाही हों या फिर कोई अन्य।
विनय कटियार को नहीं बुलाया गया। पार्टी के बड़े नेताओं ने उनके न आने को व्यस्तता बताई तो चिंतन बैठक की पहली औपचारिक प्रेसवार्ता कर रहे धर्मपाल सिंह तो यहां तक कह गए कि उनको शायद बुलाया ही नहीं गया। हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान को शब्दों के तानेबाने में तोड़ मरोड़ भी दिया।
इन पुराने चावलों को बैठक में बुलाया जाना, पूरा मान सम्मान दिया जाना यूं ही नहीं है। चिंतन बैठक में आए एक बड़े नेता की मानें तो दिल्ली में युवाओं पर निर्भरता का दांव खाली जाने के बाद मोदी और शाह ने पुराने लोगों पर ही दांव लगाना ही समझदारी का कदम माना है।
चित्रकूट ही में यह बैठक क्यों? इसके जवाब में इनका कहना था कि चित्रकूट भाजपाइयों के लिए आस्था का विषय रहा है। कहीं और बैठक होती तो शायद बहुत से लोग आने से कतराते पर चित्रकूट के नाम पर सभी यहां आने को उत्सुक रहते हैं। शायद यही कारण है कि इस महत्वपूर्ण चिंतन बैठक में 33 वीआईपी में 30 मौजूद रहे।
बैठक में एक और बड़ी बात ध्यान देने योग्य रही। प्रदेश स्तर से ही स्वागत करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए 22 परिचय पत्र आए थे। इसमें भी मोदी और शाह के चित्र के साथ प्रदेश के नाम की जगह कोष्ठक में बुंदेलखंड लिखा था। इसके निहितार्थ स्पष्ट हैं।
दीनदयाल शोध संस्थान के जिस आरोग्यधाम परिसर में यह चिंतन बैठक हो रही है, वह क्षेत्र मप्र के सतना जिले में आता है। चिंतन बैठक यूपी चुनाव को लेकर हो रही है। बैनर और परिचय पत्रों में स्थान की जगह लिखा है- दीनदयाल शोध संस्थान, आरोग्य धाम चित्रकूट (बुंदेलखंड)। मतलब साफ है कि बुंदेलखंड बीजेपी के एजेंडे में है।
संभव है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणापत्र में इसको प्रमुखता से जगह मिले। बुंदेलखंड राज्य की अलख जगाने वाले और इसी शर्त पर बीजेपी में शामिल अभिनेता-नेता राजा बुंदेला इस बात को स्वीकार भी कर चुके हैं कि उनकी इस मुद्दे पर पार्टी के बड़े नेताओं से बात भी हो चुकी है।
उन्होंने इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया है। खुद केंद्रीय मंत्री उमा भारती, साध्वी निरंजन ज्योति आदि के भी इस मुद्दे पर सकारात्मक विचार हैं। हालांकि प्रेसवार्ता में जब ओम माथुर से इस बात को पूछा गया तो उन्होंने सवाल को घुमा दिया, बोेले- हमारी बैठक जहां होती है, उस क्षेत्र के नाम का उल्लेख किया जाता है।
दो दिवसीय चिंतन बैठक की कई विशेषताएं रहीं। उन नेताओं को इसमें बुलाया गया, जो कई साल से दरकिनार थे। मसलन उन प्रदेश अध्यक्षों को विशेष तवज्जो देने की कोशिश की गई, जिनके पद के आगे अब भूतपूर्व लग चुका है, वो चाहे ओमप्रकाश सिंह हों, सूर्य प्रताप शाही हों या फिर कोई अन्य।
विनय कटियार को नहीं बुलाया गया। पार्टी के बड़े नेताओं ने उनके न आने को व्यस्तता बताई तो चिंतन बैठक की पहली औपचारिक प्रेसवार्ता कर रहे धर्मपाल सिंह तो यहां तक कह गए कि उनको शायद बुलाया ही नहीं गया। हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान को शब्दों के तानेबाने में तोड़ मरोड़ भी दिया।
इन पुराने चावलों को बैठक में बुलाया जाना, पूरा मान सम्मान दिया जाना यूं ही नहीं है। चिंतन बैठक में आए एक बड़े नेता की मानें तो दिल्ली में युवाओं पर निर्भरता का दांव खाली जाने के बाद मोदी और शाह ने पुराने लोगों पर ही दांव लगाना ही समझदारी का कदम माना है।
चित्रकूट ही में यह बैठक क्यों? इसके जवाब में इनका कहना था कि चित्रकूट भाजपाइयों के लिए आस्था का विषय रहा है। कहीं और बैठक होती तो शायद बहुत से लोग आने से कतराते पर चित्रकूट के नाम पर सभी यहां आने को उत्सुक रहते हैं। शायद यही कारण है कि इस महत्वपूर्ण चिंतन बैठक में 33 वीआईपी में 30 मौजूद रहे।
बैठक में एक और बड़ी बात ध्यान देने योग्य रही। प्रदेश स्तर से ही स्वागत करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए 22 परिचय पत्र आए थे। इसमें भी मोदी और शाह के चित्र के साथ प्रदेश के नाम की जगह कोष्ठक में बुंदेलखंड लिखा था। इसके निहितार्थ स्पष्ट हैं।
दीनदयाल शोध संस्थान के जिस आरोग्यधाम परिसर में यह चिंतन बैठक हो रही है, वह क्षेत्र मप्र के सतना जिले में आता है। चिंतन बैठक यूपी चुनाव को लेकर हो रही है। बैनर और परिचय पत्रों में स्थान की जगह लिखा है- दीनदयाल शोध संस्थान, आरोग्य धाम चित्रकूट (बुंदेलखंड)। मतलब साफ है कि बुंदेलखंड बीजेपी के एजेंडे में है।
संभव है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणापत्र में इसको प्रमुखता से जगह मिले। बुंदेलखंड राज्य की अलख जगाने वाले और इसी शर्त पर बीजेपी में शामिल अभिनेता-नेता राजा बुंदेला इस बात को स्वीकार भी कर चुके हैं कि उनकी इस मुद्दे पर पार्टी के बड़े नेताओं से बात भी हो चुकी है।
उन्होंने इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया है। खुद केंद्रीय मंत्री उमा भारती, साध्वी निरंजन ज्योति आदि के भी इस मुद्दे पर सकारात्मक विचार हैं। हालांकि प्रेसवार्ता में जब ओम माथुर से इस बात को पूछा गया तो उन्होंने सवाल को घुमा दिया, बोेले- हमारी बैठक जहां होती है, उस क्षेत्र के नाम का उल्लेख किया जाता है।