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चित्रकूटः 20 घंटे तक पेड़ पर चढ़ा रहा भालू, 40 फिट ऊंचे महुआ के पेड़ से उतारने को होती रही मशक्कत
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फोटो- 6 आर- कोरमानी जंगल के एक पेड़ पर बैठा भालू
- फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट/मानिकपुर जिले की सीमा से सटे धारकुंडी के जंगल में मंगलवार सुबह करीब छह बजे भालू को देखकर ग्रामाणों ने उसे खदेड़ दिया। इस पर वह महुआ के पेड़ पर चढ़ गया। तब से वह समाचार लिखे जाने तक करीब 40 फीट ऊंचे पेड़ की एक डाल पर चढ़ा रहा। सूचना पर पहुंचीं सतना व मझगवां वन विभाग की दो रेस्क्यू टीमें उसे उतारने की कोशिशें करती रहीं पर सफल न हो सकीं।
मानिकपुर से सटे मझगवंा वन क्षेत्र के बिरसिंहपुर वन बीट अउमानी जंगल में मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने एक भालू को देखा। बस्ती में वह घुस न जाए तो लोगों ने उसे खदेड़ने की कोशिश की। इस पर वह महुआ के पेड़ पर चढ़ गया। इस बीच पुलिस व वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। मझगवां वन क्षेत्र के रेंजर दीपक राज ने सतना के अधिकारियों को जानकारी देकर रेस्क्यू टीम मंगाई। लगभग तीन घंटे तक रेस्क्यू टीम के सदस्य भालू को पेड़ से उतारने का प्रयास करते रहे लेकिन सफल नहीं हुए।
दोपहर बाद एक और रेस्क्यू टीम सतना से बुलाई गई। दोनों टीमें देर शाम सात बजे तक भालू को सही सलामत पेड़ से उतारकर पकड़ने का प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली है। यह सब नजारा देखने के लिए पेड़ से लगभग 200 मीटर दूर से आस पास के गांव के लोग जुटे रहे। रेंजर ने बताया कि रात में भी टीम एलर्ट रहेगी।
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मानिकपुर से सटे मझगवंा वन क्षेत्र के बिरसिंहपुर वन बीट अउमानी जंगल में मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने एक भालू को देखा। बस्ती में वह घुस न जाए तो लोगों ने उसे खदेड़ने की कोशिश की। इस पर वह महुआ के पेड़ पर चढ़ गया। इस बीच पुलिस व वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। मझगवां वन क्षेत्र के रेंजर दीपक राज ने सतना के अधिकारियों को जानकारी देकर रेस्क्यू टीम मंगाई। लगभग तीन घंटे तक रेस्क्यू टीम के सदस्य भालू को पेड़ से उतारने का प्रयास करते रहे लेकिन सफल नहीं हुए।
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दोपहर बाद एक और रेस्क्यू टीम सतना से बुलाई गई। दोनों टीमें देर शाम सात बजे तक भालू को सही सलामत पेड़ से उतारकर पकड़ने का प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली है। यह सब नजारा देखने के लिए पेड़ से लगभग 200 मीटर दूर से आस पास के गांव के लोग जुटे रहे। रेंजर ने बताया कि रात में भी टीम एलर्ट रहेगी।
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