{"_id":"5e9b30118ebc3e6faa49f969","slug":"bear-arrives-near-the-township-in-chitrakoot-frightened-villagers-chitrakutt-news-knp5558859131","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट में बस्ती के समीप पहुंचा भालू, भयभीत ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट में बस्ती के समीप पहुंचा भालू, भयभीत ग्रामीण
विज्ञापन
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे सरभंगा आश्रम के पास शनिवार को तड़केे भालू व उसके बच्चे को देख महुआ बीनने पहुंचीं कई महिलाएं चिल्लाती हुई वहां से भाग निकली। महिलाओं ने बस्ती में पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण समूह बनाकर वहां पहुंचे, तो भालू व उसका बच्चा जंगल में चले गए। इसकी जानकारी वनकर्मियों को दी गई है।
वन क्षेत्र के आसपास के लोगों के लिए इन दिनों महुआ ही आमदनी का जरिया है। मारकुंडी क्षेत्र से सटे मझगवां (मध्य प्रदेश) के सरभंगा आश्रम के कुसमुई जंगल के पेड़ से तड़के महुआ बीनने आसपास की बस्ती की महिलाएं व बच्चे पहुंचे। वहां एक पेड़ के नीचे भालू व उसका बच्चा खड़ा देखा। ग्रामीणों के अनुसार भालू भी महिलाओं व बच्चों की ओर लपका। इस पर कुछ महिलाओं ने भालू व उसके बच्चे को पत्थर मारे और चिल्लाते हुए बस्ती की तरफ भागने लगीं। भालू ने कुछ दूर तक सभी का पीछा किया।
महिलाओं ने बस्ती पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद बस्ती से कई लोग लाठी डंडे लेकर जंगल में गए, तो भालू बच्चे के साथ जंगल की ओर भाग गया। दोपहर को ग्रामीणों की सूचना पर मझगवां वनक्षेत्र व चित्रकूट वन क्षेत्र के कर्मचारी भी जंगल में पहुंचे। मझगवां रेंजर दीपकराज व रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने ग्रामीणों को समझाया कि इन दिनों जंगली जानवरों का खतरा बढ़ा है। ऐसे में दिन के दिन में ही जरूरी काम के लिए जंगल में जाएं। वह भी अकेले न जाकर कुछ लोगों का समूह बनाकर जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन क्षेत्र के आसपास के लोगों के लिए इन दिनों महुआ ही आमदनी का जरिया है। मारकुंडी क्षेत्र से सटे मझगवां (मध्य प्रदेश) के सरभंगा आश्रम के कुसमुई जंगल के पेड़ से तड़के महुआ बीनने आसपास की बस्ती की महिलाएं व बच्चे पहुंचे। वहां एक पेड़ के नीचे भालू व उसका बच्चा खड़ा देखा। ग्रामीणों के अनुसार भालू भी महिलाओं व बच्चों की ओर लपका। इस पर कुछ महिलाओं ने भालू व उसके बच्चे को पत्थर मारे और चिल्लाते हुए बस्ती की तरफ भागने लगीं। भालू ने कुछ दूर तक सभी का पीछा किया।
विज्ञापन
महिलाओं ने बस्ती पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद बस्ती से कई लोग लाठी डंडे लेकर जंगल में गए, तो भालू बच्चे के साथ जंगल की ओर भाग गया। दोपहर को ग्रामीणों की सूचना पर मझगवां वनक्षेत्र व चित्रकूट वन क्षेत्र के कर्मचारी भी जंगल में पहुंचे। मझगवां रेंजर दीपकराज व रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने ग्रामीणों को समझाया कि इन दिनों जंगली जानवरों का खतरा बढ़ा है। ऐसे में दिन के दिन में ही जरूरी काम के लिए जंगल में जाएं। वह भी अकेले न जाकर कुछ लोगों का समूह बनाकर जाएं।
विज्ञापन