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Chitrakoot News: दूसरे दिन भी बरगढ़ बाजार में सन्नाटा, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
Thu, 29 Jan 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:20 AM IST
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फोटो-28सीकेटीपी 12 दुकानों के खुलने के बाद बरगढ़ बाजार का दृश्य। संवाद
चित्रकूट। बरगढ़ कस्बा में आयुष केसरवानी की अपहरण व हत्या के पांचवें दिन मंगलवार से बरगढ़ बाजार तो खुल गई मगर वहां की खोई रौनक वापस लौट नहीं पाई है। बुधवार को अपने प्रतिष्ठानों को खोलकर दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे लेकिन बाजार में इक्का-दुक्का ग्राहक ही पहुंचे। शादी का सीजन शुरू होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए बाजार नहीं आ रहे हैं, जिससे व्यापारियों में व्यापार को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।
बरगढ़ कस्बा निवासी कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी के अपहरण और फिर हत्या की वारदात ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही कस्बे का बाजार पूरी तरह से बंद हो गया था। पांचवें दिन मंगलवार को व्यापारियों ने दुकानें तो खोलीं लेकिन ग्राहकों की संख्या नगण्य रही। बुधवार को भी सुबह आठ बजे के बाद दुकानें खुल गईं लेकिन दुकानदार ग्राहकों के आने की आस में बैठे रहे। इक्का-दुक्का ग्राहकों के आने से व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी छाई रही।
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दुकानदारों की जुबानी, व्यापारियों की व्यथा :
टेलीकॉम दुकानदार लखनलाल का कहना है कि आयुष हत्याकांड के बाद से बाजार में सन्नाटा सा छा गया है। केवल एक दो ग्राहक ही आ रहे हैं।
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फर्नीचर दुकानदार सत्यम केसरवानी का कहना है कि छात्र की निर्मम हत्या के बाद से दुकान में बैठने का मन ही नहीं करता है और न ही अन्य दिनों की अपेक्षा ग्राहक आ रहे हैं।
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दुकानदार भोले केसरवानी का कहना है कि पूरे कस्बे में घटना के छह दिन बाद भी बहुत ही भय का माहौल है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं।
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दुकानदार मुकेश केसरवानी का कहना है कि शादी का सीजन शुरू हो गया है, हमेशा इस समय बाजार में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन इस बार ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। यही हाल रहा तो व्यापार अच्छा नहीं होगा।
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शादी सीजन के बावजूद व्यापार ठप
आमतौर पर शादी-ब्याह के सीजन में बाजारों में खूब रौनक रहती है और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं लेकिन इस बार आयुष हत्याकांड के खौफ के चलते लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो उनका व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है ताकि लोग निर्भीक होकर अपने काम-काज कर सकें और बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट सके।
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बरगढ़ कस्बा निवासी कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी के अपहरण और फिर हत्या की वारदात ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही कस्बे का बाजार पूरी तरह से बंद हो गया था। पांचवें दिन मंगलवार को व्यापारियों ने दुकानें तो खोलीं लेकिन ग्राहकों की संख्या नगण्य रही। बुधवार को भी सुबह आठ बजे के बाद दुकानें खुल गईं लेकिन दुकानदार ग्राहकों के आने की आस में बैठे रहे। इक्का-दुक्का ग्राहकों के आने से व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी छाई रही।
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दुकानदारों की जुबानी, व्यापारियों की व्यथा :
टेलीकॉम दुकानदार लखनलाल का कहना है कि आयुष हत्याकांड के बाद से बाजार में सन्नाटा सा छा गया है। केवल एक दो ग्राहक ही आ रहे हैं।
फर्नीचर दुकानदार सत्यम केसरवानी का कहना है कि छात्र की निर्मम हत्या के बाद से दुकान में बैठने का मन ही नहीं करता है और न ही अन्य दिनों की अपेक्षा ग्राहक आ रहे हैं।
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दुकानदार भोले केसरवानी का कहना है कि पूरे कस्बे में घटना के छह दिन बाद भी बहुत ही भय का माहौल है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं।
दुकानदार मुकेश केसरवानी का कहना है कि शादी का सीजन शुरू हो गया है, हमेशा इस समय बाजार में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन इस बार ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। यही हाल रहा तो व्यापार अच्छा नहीं होगा।
शादी सीजन के बावजूद व्यापार ठप
आमतौर पर शादी-ब्याह के सीजन में बाजारों में खूब रौनक रहती है और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं लेकिन इस बार आयुष हत्याकांड के खौफ के चलते लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो उनका व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है ताकि लोग निर्भीक होकर अपने काम-काज कर सकें और बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट सके।

फोटो-28सीकेटीपी 12 दुकानों के खुलने के बाद बरगढ़ बाजार का दृश्य। संवाद

फोटो-28सीकेटीपी 12 दुकानों के खुलने के बाद बरगढ़ बाजार का दृश्य। संवाद

फोटो-28सीकेटीपी 12 दुकानों के खुलने के बाद बरगढ़ बाजार का दृश्य। संवाद

फोटो-28सीकेटीपी 12 दुकानों के खुलने के बाद बरगढ़ बाजार का दृश्य। संवाद