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पटाखे से दूरी सेहत के लिए जरूरी
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चित्रकूट। दिवाली पर आतिशबाजी से वायु प्रदूषण बढ़ने और नमी से बना जहरीला धुआं फेंफड़ों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में पटाखे मानव जीवन के लिए बहुत हानिकारक हैं। कोरोना मरीजों के लिए यह जहरीली हवा जानलेवा हो सकती है। पटाखे बच्चों-बड़ों को चुटहिल भी कर सकते हैं, इसलिए पटाखों से दूर रहने में ही सबकी भलाई है।
यह बात सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने कही है। उन्होंने कहा कि पटाखों धुएं में कई तरह के खतरनाक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं जो पर्यावरण को प्रदूषित करने के साथ ही शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। कोरोना मरीजों के लिए यह खतरनाक है। उसके लिए इस बार पटाखे से दूर रहें। पटाखों से निकलने वाली तेज रोशनी आंखों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इससे आँखों में खुजली व दर्द हो सकता है। आंखें लाल हो सकती हैं और आंसू निकल सकते हैं।
सैनिटाइजर लगे हाथों से कदापि न छुएं पटाखे
चित्रकूट। कोरोना के समय सैनिटाइजर लगे हाथों से पटाखे जलाना और छूना भी मुसीबत में डाल सकता है, क्योंकि अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर पटाखों में मौजूद बारूदों के संपर्क में आकर धमाका कर सकता है। इसलिए इस दीपावली पटाखों से वैसे दूर रहने की पूरी कोशिश कीजिए। यदि आतिशबाजी करते ही हैं तो जरूरी सावधानी रखें। आतिशबाजी के बाद नाक, मुंह व आँख को कदापि न छुएं और अच्छी तरह से साबुन-पानी से हाथ को धुलें।
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यह बात सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने कही है। उन्होंने कहा कि पटाखों धुएं में कई तरह के खतरनाक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं जो पर्यावरण को प्रदूषित करने के साथ ही शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। कोरोना मरीजों के लिए यह खतरनाक है। उसके लिए इस बार पटाखे से दूर रहें। पटाखों से निकलने वाली तेज रोशनी आंखों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इससे आँखों में खुजली व दर्द हो सकता है। आंखें लाल हो सकती हैं और आंसू निकल सकते हैं।
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सैनिटाइजर लगे हाथों से कदापि न छुएं पटाखे
चित्रकूट। कोरोना के समय सैनिटाइजर लगे हाथों से पटाखे जलाना और छूना भी मुसीबत में डाल सकता है, क्योंकि अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर पटाखों में मौजूद बारूदों के संपर्क में आकर धमाका कर सकता है। इसलिए इस दीपावली पटाखों से वैसे दूर रहने की पूरी कोशिश कीजिए। यदि आतिशबाजी करते ही हैं तो जरूरी सावधानी रखें। आतिशबाजी के बाद नाक, मुंह व आँख को कदापि न छुएं और अच्छी तरह से साबुन-पानी से हाथ को धुलें।
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