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चित्रकूट : इंतजाम धड़ाम, खुले आसमान के नीचे विश्राम
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रामघाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : संवाद
चित्रकूट। मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में स्नान के बाद प्रयागराज से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं का कारवां बढ़ता ही जा रहा है। रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ और दुकानों के सामने खुले आसमान के नीचे श्रद्धालुओं ने रात काटी।
धर्मनगरी के होटल, लॉज और धर्मशाला में जगह नहीं मिली। इस बीच शुक्रवार को वाहनों के प्रयागराज जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इससे भीड़ का दबाव कुछ कम हुआ है। प्रयागराज की ओर से 24 घंटे में 15 हजार से अधिक वाहनों से लगभग दस लाख श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच गए।
चार दिनों से श्रद्धालुओं का धर्मनगरी आने का सिलसिला जारी है। ठहरने की व्यवस्था नहीं मिलने और जाने के साधन नहीं मिलने के कारण श्रद्धालुओं ने रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क, फुटपाथ और बस स्टैंड पर रात बिताने को मजबूर हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर हालत बहुत ज्यादा खराब हैं।
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गुरुवार की रात 12 बजकर 30 मिनट पर रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठीं उरई रामकली ने बताया कि जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहे हैं। इस कारण रात यहीं बिता रहे हैं। मिर्जापुर के राकेश पटेल ने बताया कि रेलवे स्टेशन के अंदर घुसने नहीं दे रहे हैं। बाहर ही रहने को मजबूर है। इसके अलावा सड़क पर जाम की स्थिति रात भर बनी रही। कोई वाहन व ट्रेन भी नहीं है।
दरी और तिरपाल का कराया इंतजाम
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने स्टेशन रोड पर श्रद्धालुओं के लेटने के लिए तिरपाल व दरी का इंतजाम किया। वहीं डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल ने स्टेशन रोड पर अलाव जलवाया। इससे श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिली।
इनसेट
सुबह प्रतीक्षालय के अंदर जाने दिया
अमर उजाला में शुक्रवार को खबर छपने के बाद जिला प्रशासन एक्शन में आया। सुबह नौ बजे डीएम शिवशरणप्पा खुद रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को श्रद्धालुओं के हित में काम करने को कहा। इससे पहले भी देर रात में स्टेशन गए थे। इसके बाद यात्रियों को प्रतीक्षालय के अंदर जाने दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिली। श्रद्धालु इसी स्थान पर बैठकर ट्रेन आने का इंतजार करते रहे। ई रिक्शा भी रेलवे गेट के बाहर तक आने दिया जा रहा है। बस स्टैंड पर भी बसें व अन्य साधन मिलने से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिली है।
इनसेट
रामघाट व कामदनाथ मंदिर में सबसे ज्यादा दबाव
खोही। सुबह 6 बजे मंदाकिनी में स्नान करने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ बढ़ती देख प्रशासन ने श्रद्धालुओं को यूपी एमपी बार्डर, कामदगिरी भवन के पास और सीतापुर के रास्ते पर रोक दिया। इसके बाद वाकी टॉकी से संपर्क कर रामघाट पर भीड़ कम होने पर अगले जत्थे को भेजा गया। सुबह आठ बजे रींवा की संतोषी देवी ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह सब एक बार मन बनाया कि लौट जाएं लेकिन दो घंटे बाद पांच किमी चलकर मंदाकिनी तक पहुंचकर स्नान किया। सुबह 10 बजे कामदनाथ मंदिर के पास कर्नाटक की रामसिंह व अमरेश कुमार ने बताया कि बेड़ी पुलिया से 14 किमी पैदल आकर दर्शन करने को मिला। कई जगह उन्हें रोका गया लेकिन परिक्रमा करने के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
इनसेट
खोही। डीएम शिवशरणप्पा, एसपी अरूण कुमार सिंह, एसडीएम पूजा साहू के अलावा सतना डीएम सतीश कुमार व एसपी आशुतोष गुप्ता अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहे। अर्द्धसैनिक बल की टीम भी श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करती रही।
खाने-पीने की नहीं थी व्यवस्था
कर्वी रेलवे स्टेशन में श्रद्धालुओं को रुकने नहीं दिया जा रहा है। ठहरने, खाने, पीने तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। डीएम शंभू बाबा पेट्रोल पंप के बगल में पड़ी जमीन पर शनिवार को टेंट लगवाने का निर्देश जारी कर दिया। जिससे श्रद्धालुओं को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं को बांटी खिचड़ी
रेलवे स्टेशन के बाहर श्रद्धालुओं को खाने की पीने की व्यवस्था नहीं थी। जिसको देख समाजसेवी डाॅ सुरेंद्र अग्रवाल, स्वाप्निल अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, गणेश मिश्रा सुशील पांडेय ने मंदिर के सामने व स्टेशन रोड पर खिचड़ी बनवाकर वितरित किया। खिचड़ी खाकर श्रद्धालुओं ने काफी प्रशंसा किया। समाजसेवी ने बताया कि अब लगातार खिचड़ी वितरित की जाएगी।
चार घंटे खड़ी रही ट्रेन, श्रद्धालु परेशान
मानिकपुर। बासा पहाड़ रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन लगभग चार घंटे से अधिक खड़ी रही। स्टेशन पर खाने व पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिससे प्रयागराज को जाने वाले श्रद्धालु परेशान रहे। श्रद्धालु बार-बार रेलवे को कोस रहे थे। गुजरात के बड़ौदा निवासी श्याम सिंह ने बताया कि सुबह सात बजे ट्रेन को खड़ा कर दिया गया है। ट्रेन कब चलेगी। कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। वाराणसी निवासी श्यामनारायण ने बताया कि स्टेशन पर खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा है। वहीं पानी भी नहीं है। जिससे भूख व प्यास से परेशान हैं।
प्रशासन की ओर से पांच दिन चलेगा भंडारा
डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि प्रशासन की ओर से मंदाकिनी नदी के रामघाट पर प्रशासन की ओर से एक फरवरी से पांच दिन लगातार भंडारा चलेगा। जो दिनभर चलेगा। इससे श्रद्धालुओं को भूखों नहीं रहना पड़ेगा। डीएम ने बताया कि समाजसेवियों से भी अपील की है कि श्रद्धालुओं की मदद करें। उनके रहने, खाने पीने के इंतजाम में सहयोग दें।
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धर्मनगरी के होटल, लॉज और धर्मशाला में जगह नहीं मिली। इस बीच शुक्रवार को वाहनों के प्रयागराज जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इससे भीड़ का दबाव कुछ कम हुआ है। प्रयागराज की ओर से 24 घंटे में 15 हजार से अधिक वाहनों से लगभग दस लाख श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच गए।
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चार दिनों से श्रद्धालुओं का धर्मनगरी आने का सिलसिला जारी है। ठहरने की व्यवस्था नहीं मिलने और जाने के साधन नहीं मिलने के कारण श्रद्धालुओं ने रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क, फुटपाथ और बस स्टैंड पर रात बिताने को मजबूर हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर हालत बहुत ज्यादा खराब हैं।
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गुरुवार की रात 12 बजकर 30 मिनट पर रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठीं उरई रामकली ने बताया कि जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहे हैं। इस कारण रात यहीं बिता रहे हैं। मिर्जापुर के राकेश पटेल ने बताया कि रेलवे स्टेशन के अंदर घुसने नहीं दे रहे हैं। बाहर ही रहने को मजबूर है। इसके अलावा सड़क पर जाम की स्थिति रात भर बनी रही। कोई वाहन व ट्रेन भी नहीं है।
दरी और तिरपाल का कराया इंतजाम
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने स्टेशन रोड पर श्रद्धालुओं के लेटने के लिए तिरपाल व दरी का इंतजाम किया। वहीं डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल ने स्टेशन रोड पर अलाव जलवाया। इससे श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिली।
इनसेट
सुबह प्रतीक्षालय के अंदर जाने दिया
अमर उजाला में शुक्रवार को खबर छपने के बाद जिला प्रशासन एक्शन में आया। सुबह नौ बजे डीएम शिवशरणप्पा खुद रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। व्यवस्था का जायजा लेकर अधिकारियों को श्रद्धालुओं के हित में काम करने को कहा। इससे पहले भी देर रात में स्टेशन गए थे। इसके बाद यात्रियों को प्रतीक्षालय के अंदर जाने दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिली। श्रद्धालु इसी स्थान पर बैठकर ट्रेन आने का इंतजार करते रहे। ई रिक्शा भी रेलवे गेट के बाहर तक आने दिया जा रहा है। बस स्टैंड पर भी बसें व अन्य साधन मिलने से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिली है।
इनसेट
रामघाट व कामदनाथ मंदिर में सबसे ज्यादा दबाव
खोही। सुबह 6 बजे मंदाकिनी में स्नान करने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ बढ़ती देख प्रशासन ने श्रद्धालुओं को यूपी एमपी बार्डर, कामदगिरी भवन के पास और सीतापुर के रास्ते पर रोक दिया। इसके बाद वाकी टॉकी से संपर्क कर रामघाट पर भीड़ कम होने पर अगले जत्थे को भेजा गया। सुबह आठ बजे रींवा की संतोषी देवी ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह सब एक बार मन बनाया कि लौट जाएं लेकिन दो घंटे बाद पांच किमी चलकर मंदाकिनी तक पहुंचकर स्नान किया। सुबह 10 बजे कामदनाथ मंदिर के पास कर्नाटक की रामसिंह व अमरेश कुमार ने बताया कि बेड़ी पुलिया से 14 किमी पैदल आकर दर्शन करने को मिला। कई जगह उन्हें रोका गया लेकिन परिक्रमा करने के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
इनसेट
खोही। डीएम शिवशरणप्पा, एसपी अरूण कुमार सिंह, एसडीएम पूजा साहू के अलावा सतना डीएम सतीश कुमार व एसपी आशुतोष गुप्ता अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहे। अर्द्धसैनिक बल की टीम भी श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करती रही।
खाने-पीने की नहीं थी व्यवस्था
कर्वी रेलवे स्टेशन में श्रद्धालुओं को रुकने नहीं दिया जा रहा है। ठहरने, खाने, पीने तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। डीएम शंभू बाबा पेट्रोल पंप के बगल में पड़ी जमीन पर शनिवार को टेंट लगवाने का निर्देश जारी कर दिया। जिससे श्रद्धालुओं को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं को बांटी खिचड़ी
रेलवे स्टेशन के बाहर श्रद्धालुओं को खाने की पीने की व्यवस्था नहीं थी। जिसको देख समाजसेवी डाॅ सुरेंद्र अग्रवाल, स्वाप्निल अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, गणेश मिश्रा सुशील पांडेय ने मंदिर के सामने व स्टेशन रोड पर खिचड़ी बनवाकर वितरित किया। खिचड़ी खाकर श्रद्धालुओं ने काफी प्रशंसा किया। समाजसेवी ने बताया कि अब लगातार खिचड़ी वितरित की जाएगी।
चार घंटे खड़ी रही ट्रेन, श्रद्धालु परेशान
मानिकपुर। बासा पहाड़ रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन लगभग चार घंटे से अधिक खड़ी रही। स्टेशन पर खाने व पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिससे प्रयागराज को जाने वाले श्रद्धालु परेशान रहे। श्रद्धालु बार-बार रेलवे को कोस रहे थे। गुजरात के बड़ौदा निवासी श्याम सिंह ने बताया कि सुबह सात बजे ट्रेन को खड़ा कर दिया गया है। ट्रेन कब चलेगी। कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। वाराणसी निवासी श्यामनारायण ने बताया कि स्टेशन पर खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा है। वहीं पानी भी नहीं है। जिससे भूख व प्यास से परेशान हैं।
प्रशासन की ओर से पांच दिन चलेगा भंडारा
डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि प्रशासन की ओर से मंदाकिनी नदी के रामघाट पर प्रशासन की ओर से एक फरवरी से पांच दिन लगातार भंडारा चलेगा। जो दिनभर चलेगा। इससे श्रद्धालुओं को भूखों नहीं रहना पड़ेगा। डीएम ने बताया कि समाजसेवियों से भी अपील की है कि श्रद्धालुओं की मदद करें। उनके रहने, खाने पीने के इंतजाम में सहयोग दें।