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Chitrakoot News: डीएपी खत्म पर इंतजार जारी नाराज किसानों ने केंद्र में की नारेबाजी
Tue, 14 Oct 2025 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 14 Oct 2025 12:27 AM IST
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12 सीकेटीपी-10- परिचय- खाद के इंतजार में इफ्को की गोदाम के पास खड़े किसान। संवाद
- फोटो : samvad
चित्रकूट। सहकारी समितियों के केंद्रों में डीएपी खत्म होने के बाद भी किसान खाद मिलने की उम्मीद में केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।सोमवार को भी कई किसान केंद्रों में पहुंचे तो जिम्मेदारों ने कहा कि नई रैक आने वाली है। खाद आते ही वितरण किया जाएगा। इसे लेकर कर्वी के गल्ला मंडी व कोऑपरेटिव सोसायटी, शिवरामपुर, खोही व पहाड़ी के केंद्र में किसानों ने जिम्मेदारों के खिलाफ नारेबाजी भी कर विरोध दर्ज कराया।
जिले के सहकारी समितियों में तीन अक्तूबर को खाद पांच-पांच सौ बोरी भी भेजी गई थी। जबकि केंद्रों में एक हजार से अधिक किसान खाद लेने के लिए पहुंचते थे। किसानों को दो-दो बोरी खाद दी गई। इससे डीएपी खत्म हो गई। जबकि एनपीके व यूरिया खाद केंद्रों में हैं। इन्हें किसान नहीं ले रहे।
सोमवार को कर्वी सहकारी केंद्र खाद लेने आए किसान राजू ने बताया कि डीएपी लेने के लिए आए हैं। कहा जा रहा कि तीन दिन बाद आना नई रैक आने पर खाद दी जाएगी। इसके बदले में एनपीके दी जा रही है। जो इस समय खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। शिवरामपुर की रजनीदेवी ने बताया कि हर दिन डीएपी के लिए बुलाया जाता है।
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दो दिन से लौट रहे हैं। जब प्रभारी से बात करो तो कहते हैं कि एनपीके ले लो डीएपी नहीं है। खोही के दिनेश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी चहेतों को चुपचाप रात में बुलाकर डीएपी दे रहे हैं। दिन में स्टॉक खत्म होने की बात कही जाती है।
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मिली भगत से हो रहा काम
चित्रकूट। प्राइवेट दुकानों में हाल बेहाल है। जिले में लगभग तीन सौ दुकानें खुली हैं। जिसमें से मात्र 20 से 30 दुकानों में ही डीएपी मिल रही है। किसान सभा के सदस्य रूद्र प्रसाद मिश्रा का कहना कि अधिकारी व प्राइवेट दुकान के मालिक आपस में मिले रहते हैं। ज्यादातर दुकानदार गोदामों में खाद रखे रहते हैं और वहां से ब्लैक में खाद बेची जा रही है। भारतीय किसान यूनियन तहसील कर्वी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बताया कि खाद की समस्या के लिए कई बार किसानों ने आंदोलन किया है। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है। जबकि एक बार कृषि मंत्री भी जिले में आकर किसानों को खाद देने का आश्वासन दिया है। (संवाद)
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जिले में नई रैक आने वाली
चित्रकूट। सहकारिता विभाग के सहायक उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि डीएपी सहकारी केंद्रों में खत्म हो गई है। शासन से डीएपी की दो सौ एमटी खाद का आवंटन किया गया है। गोदाम में आते ही केंद्रों को भेजा जाएगा। इसके अलावा 1057 एमटी खाद की नई रैक जिले में आने वाली है। (संवाद)
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जिले के सहकारी समितियों में तीन अक्तूबर को खाद पांच-पांच सौ बोरी भी भेजी गई थी। जबकि केंद्रों में एक हजार से अधिक किसान खाद लेने के लिए पहुंचते थे। किसानों को दो-दो बोरी खाद दी गई। इससे डीएपी खत्म हो गई। जबकि एनपीके व यूरिया खाद केंद्रों में हैं। इन्हें किसान नहीं ले रहे।
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सोमवार को कर्वी सहकारी केंद्र खाद लेने आए किसान राजू ने बताया कि डीएपी लेने के लिए आए हैं। कहा जा रहा कि तीन दिन बाद आना नई रैक आने पर खाद दी जाएगी। इसके बदले में एनपीके दी जा रही है। जो इस समय खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। शिवरामपुर की रजनीदेवी ने बताया कि हर दिन डीएपी के लिए बुलाया जाता है।
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दो दिन से लौट रहे हैं। जब प्रभारी से बात करो तो कहते हैं कि एनपीके ले लो डीएपी नहीं है। खोही के दिनेश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी चहेतों को चुपचाप रात में बुलाकर डीएपी दे रहे हैं। दिन में स्टॉक खत्म होने की बात कही जाती है।
मिली भगत से हो रहा काम
चित्रकूट। प्राइवेट दुकानों में हाल बेहाल है। जिले में लगभग तीन सौ दुकानें खुली हैं। जिसमें से मात्र 20 से 30 दुकानों में ही डीएपी मिल रही है। किसान सभा के सदस्य रूद्र प्रसाद मिश्रा का कहना कि अधिकारी व प्राइवेट दुकान के मालिक आपस में मिले रहते हैं। ज्यादातर दुकानदार गोदामों में खाद रखे रहते हैं और वहां से ब्लैक में खाद बेची जा रही है। भारतीय किसान यूनियन तहसील कर्वी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बताया कि खाद की समस्या के लिए कई बार किसानों ने आंदोलन किया है। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है। जबकि एक बार कृषि मंत्री भी जिले में आकर किसानों को खाद देने का आश्वासन दिया है। (संवाद)
जिले में नई रैक आने वाली
चित्रकूट। सहकारिता विभाग के सहायक उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि डीएपी सहकारी केंद्रों में खत्म हो गई है। शासन से डीएपी की दो सौ एमटी खाद का आवंटन किया गया है। गोदाम में आते ही केंद्रों को भेजा जाएगा। इसके अलावा 1057 एमटी खाद की नई रैक जिले में आने वाली है। (संवाद)

12 सीकेटीपी-10- परिचय- खाद के इंतजार में इफ्को की गोदाम के पास खड़े किसान। संवाद- फोटो : samvad