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आंगनबाड़ी केंद्र में स्कूल का सामान देख डीएम खफा
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 08 May 2015 11:37 PM IST
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में आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालयों का मुआयना किया। यहां कुपोषित
बच्चों की संख्या शून्य पाई गई। आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यालय का सामान
रखा देख नाराज डीएम ने प्रधानाध्यापक को इसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्र भाग एक में तीन वर्ष से लेकर छह साल के पंजीकृत 60 बच्चों में से 21 उपस्थित मिले। यहां गर्भवती महिला 15, धात्री महिला 14, सात माह से तीन साल के 93 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी भाग दो में तीन से छह साल के 60 बच्चे, सात माह से तीन वर्ष के 60 बच्चे, गर्भवती महिला 15, धात्री 12, किशोरी 50 पंजीकृत हैं।
रसोई घर में मेन्यू के अनुसार चार्ट न पाए जाने पर तत्काल लिखाने के निर्देश दिए। एएनएम से पूछा कि संयुक्त खाते में कितना पैसा है। यह बताने पर कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समिति के खाते में मात्र दस हजार रुपये हैं, जिलाधिकारी ने उससे कहा कि आज ही कैंप कार्यालय आकर पासबुक दिखाएं।
आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यालय का सामान रखा पाए जाने पर प्रधानाध्यापक से इसे तुरंत हटाने और वहां पर पंखा लगवाने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय भाग दो में 142 बच्चों के सापेक्ष 58 बच्चों की उपस्थिति पाई गई। जिलाधिकारी ने यहां गेट लगवाने और भाग एक से भाग दो को जाने वाले रास्ते में दोनों ओर नाली बनाने के प्रधान को निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केडी द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामबहादुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी केंद्र भाग एक में तीन वर्ष से लेकर छह साल के पंजीकृत 60 बच्चों में से 21 उपस्थित मिले। यहां गर्भवती महिला 15, धात्री महिला 14, सात माह से तीन साल के 93 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी भाग दो में तीन से छह साल के 60 बच्चे, सात माह से तीन वर्ष के 60 बच्चे, गर्भवती महिला 15, धात्री 12, किशोरी 50 पंजीकृत हैं।
रसोई घर में मेन्यू के अनुसार चार्ट न पाए जाने पर तत्काल लिखाने के निर्देश दिए। एएनएम से पूछा कि संयुक्त खाते में कितना पैसा है। यह बताने पर कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समिति के खाते में मात्र दस हजार रुपये हैं, जिलाधिकारी ने उससे कहा कि आज ही कैंप कार्यालय आकर पासबुक दिखाएं।
आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यालय का सामान रखा पाए जाने पर प्रधानाध्यापक से इसे तुरंत हटाने और वहां पर पंखा लगवाने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय भाग दो में 142 बच्चों के सापेक्ष 58 बच्चों की उपस्थिति पाई गई। जिलाधिकारी ने यहां गेट लगवाने और भाग एक से भाग दो को जाने वाले रास्ते में दोनों ओर नाली बनाने के प्रधान को निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केडी द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामबहादुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।