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डाकू गौरी की तलाश में पहुंची पुलिस, संरक्षणदाता बचने का कर रहे प्रयास
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चित्रकूट। थाना बहिलपुरवा के ग्राम रुखमा खुर्द के मजरा बंदरीपुरवा निवासी कई ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि कुछ लोग गांव में पुलिस का मुखबिर बताकर धमकी देते हैं। फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव के मुन्नीलाल, चुनबद्दा, दादूलाल, कल्लू, पंडा, चुनुवा, पंखू, बबली, चुनकावन आदि ने एसपी सहित बहिलपुरवा थानाध्यक्ष को लिखे पत्र में बताया कि शुक्रवार को वह खेतों पर काम कर रहे थे। तभी गांव के ऐसे ही कुछ लोगों ने गौरी गैंग के छिपे होने की सूचना बहिलपुरवा पुलिस को दिया। जिसमें पुलिस टीम गांव पहुंची। तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गैंग का कोई सदस्य नहीं मिला। बाद में गांव के मुखबिरों ने ग्रामीणों को अभद्र भाषा का प्रयोग कर मारापीटा। पीड़ित ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रकरण की जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाई की जाए।
थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह ने बताया कि डाकू गौरी गैंग के आने की सूचना पर पुलिस टीम गांव गई थी। किसी के साथ मारपीट नहीं की गई है। गांव में पुलिस का कोई मुखबिर नहीं है लेकिन पुष्ट जानकारी पर ही पुलिस डाकू गैंग की खोज में गई थी। अब कुछेक संरक्षणदाता पुलिस की निगाह में हैं वह सब अपने बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
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गांव के मुन्नीलाल, चुनबद्दा, दादूलाल, कल्लू, पंडा, चुनुवा, पंखू, बबली, चुनकावन आदि ने एसपी सहित बहिलपुरवा थानाध्यक्ष को लिखे पत्र में बताया कि शुक्रवार को वह खेतों पर काम कर रहे थे। तभी गांव के ऐसे ही कुछ लोगों ने गौरी गैंग के छिपे होने की सूचना बहिलपुरवा पुलिस को दिया। जिसमें पुलिस टीम गांव पहुंची। तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गैंग का कोई सदस्य नहीं मिला। बाद में गांव के मुखबिरों ने ग्रामीणों को अभद्र भाषा का प्रयोग कर मारापीटा। पीड़ित ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रकरण की जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाई की जाए।
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थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह ने बताया कि डाकू गौरी गैंग के आने की सूचना पर पुलिस टीम गांव गई थी। किसी के साथ मारपीट नहीं की गई है। गांव में पुलिस का कोई मुखबिर नहीं है लेकिन पुष्ट जानकारी पर ही पुलिस डाकू गैंग की खोज में गई थी। अब कुछेक संरक्षणदाता पुलिस की निगाह में हैं वह सब अपने बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
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