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Chitrakoot News: स्काई ग्लास ब्रिज निर्माण में भ्र्रष्टाचार का आरोप
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चित्रकूट। यूपी के पहले स्काई ग्लास ब्रिज के निर्माण स्थल पर दरार आने के मामले में सपा विधायक ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों ने कमीशन के चक्कर में बिना हैंडओवर कराए निर्माण एजेंसी को पूरा भुगतान कर दिया। जिम्मेदारों ने मोटा कमीशन लिया है। मामले की जांच कराई जाए।
सदर विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि तुलसी जल प्रपात के पास स्काई ग्लास ब्रिज का निर्माण मानकों को ताक में रखकर किया गया। एजेंसी से कमीशन लेकर पुल का कार्य अधूरा होने पर भी भुगतान कर दिया गया। उन्होंने भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कहा कि जो भी अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनकी जांच होनी चाहिए।
ब्रिज पर सुधार कार्य शुरु
निर्माण स्थल पर जिस बीम पर लोहे के खंभे लगाए गये हैं, उनमें दरार आने के बाद निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। ब्रिज के पिलर के पास दरार वाले स्थान पर गिट्टी और सीमेंट डालकर कुटाई कराई जा रही है। गाजीपुर की पवनसुत कांस्ट्रक्शन नामक कंपनी को डीएम शिवशरणप्पा ने मौके का निरीक्षण करने के बाद ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए हैं। हैंडओवर के पूर्व पूरे भुगतान मामले की जांच चल रही है।
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सदर विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि तुलसी जल प्रपात के पास स्काई ग्लास ब्रिज का निर्माण मानकों को ताक में रखकर किया गया। एजेंसी से कमीशन लेकर पुल का कार्य अधूरा होने पर भी भुगतान कर दिया गया। उन्होंने भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कहा कि जो भी अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनकी जांच होनी चाहिए।
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ब्रिज पर सुधार कार्य शुरु
निर्माण स्थल पर जिस बीम पर लोहे के खंभे लगाए गये हैं, उनमें दरार आने के बाद निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। ब्रिज के पिलर के पास दरार वाले स्थान पर गिट्टी और सीमेंट डालकर कुटाई कराई जा रही है। गाजीपुर की पवनसुत कांस्ट्रक्शन नामक कंपनी को डीएम शिवशरणप्पा ने मौके का निरीक्षण करने के बाद ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए हैं। हैंडओवर के पूर्व पूरे भुगतान मामले की जांच चल रही है।
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