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Chitrakoot News: एक घंटे में ही हुई थी तीनों की मौत
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चित्रकूट। बहिलपुरवा के सेमरदहा में पति, पत्नी और उनकी पुत्री की मौत एक घंटे के अंतराल में ही हुई थी। पत्नी और बेटी को गोली मारकर भागे हत्यारोपी ने घर से लगभग दो किलोमीटर दूर आधे घंटे के अंदर ही पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली थी। इस घटना में 15 घंटे तक पुलिस की तीन टीमें आरोपी को परिजनों के साथ ढूंढती रहीं, लेकिन पता नहीं लगा पाईं।
पशुमित्र नंदकिशोर त्रिपाठी उर्फ नंदू, उसकी पत्नी सीमा और बेटी खुशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि तीनों की मौत के समय में ज्यादा अंतर नहीं है। लगभग एक घंटे के अंदर ही तीनों की मौत हुई है। सीमा और खुशी की मौत का कारण गोली लगना है। दोनों को एक-एक गोली लगी है। खुशी के दो जगह घाव होने के पीछे बताया गया कि शायद गोली दूसरे स्थान से निकली हो। सीमा के सीने के पास और खुशी के जांघ के पास गोली लगी थी। नंदू की मौत फांसी का फंदा लगने से ही हुई है।
अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि तीनों की मौत का समय लगभग एक समान ही है। दोनों को गोली मारने के बाद नंदू ने कुछ ही देर में जंगल में जाकर फांसी लगाकर जान दी है। लगभग एक घंटे के अंतराल में तीनों की मौत हुई है।
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अब सवाल यह है कि सोमवार की दोपहर को सीमा व खुशी को गोली मारने के बाद नंदू गांंव से ही रस्सी लेकर भागा तो पुलिस टीम व ग्रामीण परिजन उसकी तलाश तीन टुकड़ियों में कर रहे थे। शाम छह बजे तक पूरा दिन भी रहता है। पुलिस टीमें व ग्रामीण घर के चारों तरफ जंगल कुआं, शहर व रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश कर रहे थे और कुछ ही दूरी में वह एक पेड में फंदा बनाकर लटक गया, लेकिन किसी को जानकारी नहीं हो सकी। मंगलवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर लटका देखा था।
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पशुमित्र नंदकिशोर त्रिपाठी उर्फ नंदू, उसकी पत्नी सीमा और बेटी खुशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि तीनों की मौत के समय में ज्यादा अंतर नहीं है। लगभग एक घंटे के अंदर ही तीनों की मौत हुई है। सीमा और खुशी की मौत का कारण गोली लगना है। दोनों को एक-एक गोली लगी है। खुशी के दो जगह घाव होने के पीछे बताया गया कि शायद गोली दूसरे स्थान से निकली हो। सीमा के सीने के पास और खुशी के जांघ के पास गोली लगी थी। नंदू की मौत फांसी का फंदा लगने से ही हुई है।
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अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि तीनों की मौत का समय लगभग एक समान ही है। दोनों को गोली मारने के बाद नंदू ने कुछ ही देर में जंगल में जाकर फांसी लगाकर जान दी है। लगभग एक घंटे के अंतराल में तीनों की मौत हुई है।
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अब सवाल यह है कि सोमवार की दोपहर को सीमा व खुशी को गोली मारने के बाद नंदू गांंव से ही रस्सी लेकर भागा तो पुलिस टीम व ग्रामीण परिजन उसकी तलाश तीन टुकड़ियों में कर रहे थे। शाम छह बजे तक पूरा दिन भी रहता है। पुलिस टीमें व ग्रामीण घर के चारों तरफ जंगल कुआं, शहर व रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश कर रहे थे और कुछ ही दूरी में वह एक पेड में फंदा बनाकर लटक गया, लेकिन किसी को जानकारी नहीं हो सकी। मंगलवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर लटका देखा था।