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सेप्टिक टैंक के खाद युक्त पानी से खेती को मिलेगा लाभ

Wed, 02 Mar 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट Updated Wed, 02 Mar 2016 12:20 AM IST
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 Agriculture will benefit from water containing manure septic tank
 बुंदेलखंड में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। वर्षा पर निर्भर किसानों की हालत यह है कि उनके खेतों में पानी के अभाव में जुताई व बुआई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में खेतों को यदि उर्वरक युक्त पानी मिल जाए तो क्या कहना। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ घरों के सेप्टिक टैंक में जमा पानी का प्रयोग करना होगा। यह बहुत आसान भी है। जिस तरह लोग  टैंक ओवर फ्लो होने पर उसकी सफाई कराते हैं। उसी तरह उस गंदे पानी को सीधे ले जाकर खेतों में डाला जाए तो खाद के साथ ही पानी भी फसल को मिलेगा।
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यह सोच किसी वैज्ञानिक या कृषि विशेषज्ञ की नहीं बल्कि एक राज मिस्त्री की है। जिसने पानी संकट को देखकर अपना सुझाव दिया है। उसने यह सुझाव प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया। इसके बाद भारत सरकार के स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय ने इस सुझाव की हकीकत जानने के लिए उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा।  
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जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पेयजल संकट से जुड़ी खबरें अमर उजाला में पढ़कर खोही रोड शिवरामपुर निवासी राजगीर नत्थू वर्मा काफी चिंतित हैं। नत्थू वर्मा ने काफी सोच विचार के बाद पाया कि पहाड़  व वृक्ष कम हो रहे है, वहीं बारिश न होने से जल स्तर नीचे जा रहा है। जिसका असर फसलों पर पड़ रहा है। ऐसे में अगर घरों के सेप्टिक टैंक का प्रयोग किया गया जाए तो बेहतर होगा। प्रत्येक टैंक में लगभग 60 हजार लीटर पानी भरा रहता है, इस पानी के निकासी की व्यवस्था हो जाय तो काफी हद तक जल स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इससे खेतों को खाद के साथ पानी भी मिलेगा।
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40 साल से राजगीर का काम करने वाले नत्थू कक्षा आठ तक पढ़े हैं। उसके दो पुत्र एक पुत्री हैै। बडे पुत्र को तकनीकि शिक्षा दिला रहे हैं, जबकि पुत्री हाईस्कूल में है। छोटा पुत्र उनके काम में हाथ बंटाता है। नत्थू ने बताया कि ज्यादातर वह टैंक बनाने का ही काम करता है। जहां कई सालों तक पानी जमा रहता है। अचानक उसे ख्याल आया कि टैंक का पानी खाद के रूप में खेतों में प्रयोग किया जा सकता है। इसके बाद उसने प्रधानमंत्री को पत्र लिख दिया।


भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के अवर सचिव जल एके श्रीवास्तव ने नत्थू के पत्र पर प्रदेश शासन के ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव दीपक त्रिवेदी को पत्र लिखकर बताया कि पानी राज्य का विषय का है और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति की योजना बनाने, अनुमोदन और लागू करने का अधिकार राज्य सरकार को है। इसलिए इस सुझाव की तहकीकात कर काम करें और याचिकाकर्ता को भी सूचित करें।
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