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Chitrakoot News: 12 सौ सिलिंडरों की खेप पर्याप्त नहीं, 11 हजार से अधिक उपभोक्ता अब भी कतार में
Fri, 03 Apr 2026 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:48 PM IST
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फोटो-03सीकेटीपी 10-मुकेश केसरवानी। संवाद
चित्रकूट। जिले में रसोई गैस का संकट अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। 3 अप्रैल को 1200 सिलिंडरों की खेप पहुंचने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन अधिकतर लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 14,200 बुकिंग के मुकाबले सिर्फ 2,434 सिलिंडर ही उपलब्ध हो सके हैं। यानी 11,766 उपभोक्ता अब भी इंतजार की कतार में हैं। जिले की 17 गैस एजेंसियों पर मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। 3 अप्रैल को स्टॉक आने की खबर मिलते ही लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर जमा हो गए, लेकिन कई घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश को निराशा ही हाथ लगी। जिन लोगों को सिलिंडर मिला भी, उन्हें 20 से 25 दिन बाद राहत मिल सकी।
जिले की चार गैस एजेंसियों की हालत सबसे खराब है, जहां हजारों बुकिंग के बावजूद एक भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। बसंती इंडियन गैस सर्विस में 140 बुकिंग के बावजूद स्टॉक शून्य है, जबकि पालेश्वरनाथ इंडियन गैस सर्विस में 1096 बुकिंग के बाद भी एक भी सिलिंडर नहीं है। कामदगिरी और खंडेहा एजेंसियों पर भी यही स्थिति बनी हुई है।
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सबसे अधिक दबाव चित्रकूट गैस सर्विस पर है, जहां छह हजार की बुकिंग के मुकाबले 3 अप्रैल को सिर्फ 342 सिलिंडर ही पहुंच सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से जुड़ी अन्य एजेंसियों में भी आपूर्ति बेहद सीमित है। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर है। कई एजेंसियों पर स्टॉक पूरी तरह खत्म है, जिससे लोगों को लकड़ी और अन्य वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
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17 दिन बाद मिला सिलिंडर
कर्वी नगर के मुकेश केसरवानी बताते हैं कि 14 मार्च को बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें 16 दिन तक सिलिंडर नहीं मिला। 3 अप्रैल को सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर में जाकर सिलिंडर मिल सका।
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25 बार चक्कर लगाने के बाद मिला सिलिंडर ऋषभ कुमार का कहना है कि 18 मार्च को बुकिंग के बाद 25 से ज्यादा बार एजेंसी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी।
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सिलिंडर से बिगड़ी व्यवस्था
आरके सिंह ने बताया कि 20 मार्च को बुकिंग के बाद 3 अप्रैल को बड़ी मुश्किल से सिलिंडर मिल पाया, इस दौरान घर की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई थी।
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बोले जिम्मेदार
जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह का कहना है कि गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए लगातार अतिरिक्त आपूर्ति की मांग की जा रही है। 3 अप्रैल और शनिवार को स्टॉक आया है और आगे भी सप्लाई जारी रहने की उम्मीद है।
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स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 14,200 बुकिंग के मुकाबले सिर्फ 2,434 सिलिंडर ही उपलब्ध हो सके हैं। यानी 11,766 उपभोक्ता अब भी इंतजार की कतार में हैं। जिले की 17 गैस एजेंसियों पर मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। 3 अप्रैल को स्टॉक आने की खबर मिलते ही लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर जमा हो गए, लेकिन कई घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश को निराशा ही हाथ लगी। जिन लोगों को सिलिंडर मिला भी, उन्हें 20 से 25 दिन बाद राहत मिल सकी।
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जिले की चार गैस एजेंसियों की हालत सबसे खराब है, जहां हजारों बुकिंग के बावजूद एक भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। बसंती इंडियन गैस सर्विस में 140 बुकिंग के बावजूद स्टॉक शून्य है, जबकि पालेश्वरनाथ इंडियन गैस सर्विस में 1096 बुकिंग के बाद भी एक भी सिलिंडर नहीं है। कामदगिरी और खंडेहा एजेंसियों पर भी यही स्थिति बनी हुई है।
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सबसे अधिक दबाव चित्रकूट गैस सर्विस पर है, जहां छह हजार की बुकिंग के मुकाबले 3 अप्रैल को सिर्फ 342 सिलिंडर ही पहुंच सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से जुड़ी अन्य एजेंसियों में भी आपूर्ति बेहद सीमित है। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर है। कई एजेंसियों पर स्टॉक पूरी तरह खत्म है, जिससे लोगों को लकड़ी और अन्य वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
17 दिन बाद मिला सिलिंडर
कर्वी नगर के मुकेश केसरवानी बताते हैं कि 14 मार्च को बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें 16 दिन तक सिलिंडर नहीं मिला। 3 अप्रैल को सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर में जाकर सिलिंडर मिल सका।
25 बार चक्कर लगाने के बाद मिला सिलिंडर ऋषभ कुमार का कहना है कि 18 मार्च को बुकिंग के बाद 25 से ज्यादा बार एजेंसी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी।
सिलिंडर से बिगड़ी व्यवस्था
आरके सिंह ने बताया कि 20 मार्च को बुकिंग के बाद 3 अप्रैल को बड़ी मुश्किल से सिलिंडर मिल पाया, इस दौरान घर की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई थी।
बोले जिम्मेदार
जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह का कहना है कि गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए लगातार अतिरिक्त आपूर्ति की मांग की जा रही है। 3 अप्रैल और शनिवार को स्टॉक आया है और आगे भी सप्लाई जारी रहने की उम्मीद है।

फोटो-03सीकेटीपी 10-मुकेश केसरवानी। संवाद

फोटो-03सीकेटीपी 10-मुकेश केसरवानी। संवाद

फोटो-03सीकेटीपी 10-मुकेश केसरवानी। संवाद