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Chitrakoot News: मंदाकिनी में नहाते समय डूबे तीर्थयात्री की मौत
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चित्रकूट। दोस्तों के साथ अमावस्या मेले में चित्रकूट आये एक श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में नहाते समय डूब गया। साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह बहकर आगे चला गया। इस पर दोस्तों ने चिल्लाकर पुलिस व गोताखोरों से उसे बचाने के लिए कहा। आरोप लगाया कि काफी देर तक वह चिल्लाते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। लगभग आधे घंटे बाद गोताखोरों ने उसे नदी से निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
कानपुर देहात जिले के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बसंत बिहार गांव निवासी हिमांशू साहू (19) गांव के अपने दोस्त शुभम व सुमित के साथ अमावस्या मेले में चित्रकूट आया था। रविवार की देर रात्रि वह सीतापुर चौकी क्षेत्र के रामघाट में नदी में नहाते समय वह गहरे पानी मे चला गया। जिससे वह डूबने लगा। यह देखकर शुभम व सुमित ने भी नदी में उतरकर उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए। किसी तरह वह पानी से घाट पर पहुंचे।
दोस्तों ने बताया कि हिमांशु को डूबता देख उन्होंने मदद की गुहार लगाई। चिल्लाते हुए मेले में लगे पुलिस कर्मियों को सूचना दी पर किसी ने उनकी नहीं सुनी। आरोप लगाया कि बोट में घूम रहे गोताखोर पुलिसकर्मियों से भी कहा लेकिन कोई हिमांशु को ढूंढने आगे नहीं बढा। हर बार यही कहा कि चौकी जाकर पुलिस को सूचना दो।
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दोस्तों ने बताया कि इस दौरान सोमवार की सुबह हो गई। वह किसी तरह चौकी पहुंचे और सूचना दी। तब पुलिस हरकत मे आई उसकी खोज बीन की। डूबे वाले स्थान से लगभग 500 मीटर आगे जाकर हिमांशु को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कहा कि यदि गोताखोर व पुलिसकर्मी तत्पर होकर नदी से उसे निकालने का प्रयास करते तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजन शव गांव ले गये।
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कानपुर देहात जिले के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बसंत बिहार गांव निवासी हिमांशू साहू (19) गांव के अपने दोस्त शुभम व सुमित के साथ अमावस्या मेले में चित्रकूट आया था। रविवार की देर रात्रि वह सीतापुर चौकी क्षेत्र के रामघाट में नदी में नहाते समय वह गहरे पानी मे चला गया। जिससे वह डूबने लगा। यह देखकर शुभम व सुमित ने भी नदी में उतरकर उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए। किसी तरह वह पानी से घाट पर पहुंचे।
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दोस्तों ने बताया कि हिमांशु को डूबता देख उन्होंने मदद की गुहार लगाई। चिल्लाते हुए मेले में लगे पुलिस कर्मियों को सूचना दी पर किसी ने उनकी नहीं सुनी। आरोप लगाया कि बोट में घूम रहे गोताखोर पुलिसकर्मियों से भी कहा लेकिन कोई हिमांशु को ढूंढने आगे नहीं बढा। हर बार यही कहा कि चौकी जाकर पुलिस को सूचना दो।
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दोस्तों ने बताया कि इस दौरान सोमवार की सुबह हो गई। वह किसी तरह चौकी पहुंचे और सूचना दी। तब पुलिस हरकत मे आई उसकी खोज बीन की। डूबे वाले स्थान से लगभग 500 मीटर आगे जाकर हिमांशु को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कहा कि यदि गोताखोर व पुलिसकर्मी तत्पर होकर नदी से उसे निकालने का प्रयास करते तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजन शव गांव ले गये।