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Chitrakoot News: गेहूं की फसल कम होने से आहत किसान ने फंदा लगाकर जान दी
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श्यामबाबू गौतम
- फोटो : परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी भरतकूप (चित्रकूट)। गेहूं की फसल कम होने से आहत भैसौंधा के किसान ने शनिवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार कर्ज और रेहन रखी जमीन को न छुड़ा पाने से भी परेशान थे। भैसौंधा निवासी मकरध्वज गौतम ने बताया कि भाई श्यामबाबू गौतम (50) शनिवार को गेहूं की मड़ाई कराने खेत गए थे। अपेक्षा के अनुसार उत्पादन नहीं हुआ। इससे वह परेशान हो गए। रात में खाना खाया और अपने कमरे में सोने चले गए। पत्नी और बच्चे बरामदे में सोये थे। रविवार की सुबह पांच बजे भाभी सुमन जागीं।
कमरे में देखा तो श्यामबाबू अंदर फंदे से लटके थे। शोर मचाने पर परिवार के सदस्य इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि परिजनों ने फसल कम होने और कर्ज होने की बात बताई है। जांच की जा रही है। कसान श्यामबाबू तीन भाई थे। एक भाई रामबाबू का बीमारी से निधन हो चुका है। छोटे भाई मकरध्वज के अनुसार श्याम के दो बेटे सोनू, नीरज, दो बेटियां सीमा व रागिनी हैं।
एक बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी की शादी होनी है। श्याम के हिस्से में लगभग 14 बीघे भूमि है। इसमें कुछ गहन रखी है और कुछ जमीन बेचकर बेटी की शादी की थी। लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज है।
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इस संबंध में तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी ने बताया कि मध्यमवर्गीय परिवार है। हाल ही में श्यामबाबू की एक भूमि पर केसीसी 80 हजार जमा कर जमीन बंधक से हटी थी। लेखपाल की प्रथम जांच में पता चला कि फसल का उत्पादन कम नहीं हुआ है। श्यामबाबू कुछ नशे के आदी थे। इसी के चलते परिजन विरोध करते थे तो विवाद होता था। किसान के फंदा लगाने में फसल का उत्पादन कम या कर्ज न चुका पाने का कारण सामने नहीं आया है।
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कमरे में देखा तो श्यामबाबू अंदर फंदे से लटके थे। शोर मचाने पर परिवार के सदस्य इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि परिजनों ने फसल कम होने और कर्ज होने की बात बताई है। जांच की जा रही है। कसान श्यामबाबू तीन भाई थे। एक भाई रामबाबू का बीमारी से निधन हो चुका है। छोटे भाई मकरध्वज के अनुसार श्याम के दो बेटे सोनू, नीरज, दो बेटियां सीमा व रागिनी हैं।
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एक बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी की शादी होनी है। श्याम के हिस्से में लगभग 14 बीघे भूमि है। इसमें कुछ गहन रखी है और कुछ जमीन बेचकर बेटी की शादी की थी। लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज है।
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इस संबंध में तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी ने बताया कि मध्यमवर्गीय परिवार है। हाल ही में श्यामबाबू की एक भूमि पर केसीसी 80 हजार जमा कर जमीन बंधक से हटी थी। लेखपाल की प्रथम जांच में पता चला कि फसल का उत्पादन कम नहीं हुआ है। श्यामबाबू कुछ नशे के आदी थे। इसी के चलते परिजन विरोध करते थे तो विवाद होता था। किसान के फंदा लगाने में फसल का उत्पादन कम या कर्ज न चुका पाने का कारण सामने नहीं आया है।