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Chitrakoot News: फेसबुक पर दोस्ती का जाल, सेवानिवृत्त फौजी से पौने दो करोड़ की ठगी
Mon, 05 Jan 2026 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:40 AM IST
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चित्रकूट। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक सेवानिवृत्त फौजी को शेयर मार्केट में मोटी कमाई का लालच देकर करीब पौने दो करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया। ठगी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए फेसबुक पर एक महिला के नाम से प्रोफाइल का इस्तेमाल किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और साइबर एक्सपर्ट की टीम पीड़ित फौजी के रिकॉर्ड और ठगों के फोन नंबरों का मिलान कर रही है।
शहर के पुरानी बाजार निवासी सेवानिवृत्त फौजी राजीव श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ समय पूर्व उनके फेसबुक अकाउंट पर माधुरी कायस्थ नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हो गई। धीरे-धीरे महिला ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया और सोलोनी कामनाम नामक एक वेबसाइट पर फौजी का अकाउंट बनवाया।
शुरुआत में, फौजी ने वेबसाइट पर 10 हजार रुपये जमा किए, जिसके एवज में उन्हें कुछ ही देर में 3500 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इस झूठे मुनाफे ने फौजी का लालच बढ़ा दिया और वे महिला के कहने पर उसी वेबसाइट पर लगातार पैसे लगाते रहे। इस तरह, कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ 72 लाख रुपये यूपीआई, नेफ्ट और आरटीजीएस के माध्यम से कई किश्तों में ट्रांसफर कर दिए गए। जब फौजी ने काफी दिनों तक अपना कमीशन नहीं मिलने पर महिला और उसके सहयोगियों से संपर्क किया, तो वे टालमटोल करने लगे। इसके बाद उन्हें धमकी दी जाने लगी। ठगी का एहसास होने पर, फौजी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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साइबर थाना प्रभारी विनोद राय ने बताया कि सेवानिवृत्त फौजी से जानकारी लेकर ऑनलाइन जांच की जा रही है। जिन इंडसइंड, यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के खातों में धनराशि भेजी गई थी, उन सभी खातों को सीज कर दिया गया है और उनकी गहन जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट की टीम ठगों की पहचान करने और पीड़ित की धनराशि वापस दिलाने का प्रयास कर रही है। फौजी के बयान साइबर थाने में दर्ज कर लिए गए हैं और उनके मोबाइल व ठगों के नंबरों से मिलान कर पहचान की कोशिशें जारी हैं।
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शहर के पुरानी बाजार निवासी सेवानिवृत्त फौजी राजीव श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ समय पूर्व उनके फेसबुक अकाउंट पर माधुरी कायस्थ नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हो गई। धीरे-धीरे महिला ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया और सोलोनी कामनाम नामक एक वेबसाइट पर फौजी का अकाउंट बनवाया।
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शुरुआत में, फौजी ने वेबसाइट पर 10 हजार रुपये जमा किए, जिसके एवज में उन्हें कुछ ही देर में 3500 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इस झूठे मुनाफे ने फौजी का लालच बढ़ा दिया और वे महिला के कहने पर उसी वेबसाइट पर लगातार पैसे लगाते रहे। इस तरह, कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ 72 लाख रुपये यूपीआई, नेफ्ट और आरटीजीएस के माध्यम से कई किश्तों में ट्रांसफर कर दिए गए। जब फौजी ने काफी दिनों तक अपना कमीशन नहीं मिलने पर महिला और उसके सहयोगियों से संपर्क किया, तो वे टालमटोल करने लगे। इसके बाद उन्हें धमकी दी जाने लगी। ठगी का एहसास होने पर, फौजी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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साइबर थाना प्रभारी विनोद राय ने बताया कि सेवानिवृत्त फौजी से जानकारी लेकर ऑनलाइन जांच की जा रही है। जिन इंडसइंड, यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के खातों में धनराशि भेजी गई थी, उन सभी खातों को सीज कर दिया गया है और उनकी गहन जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट की टीम ठगों की पहचान करने और पीड़ित की धनराशि वापस दिलाने का प्रयास कर रही है। फौजी के बयान साइबर थाने में दर्ज कर लिए गए हैं और उनके मोबाइल व ठगों के नंबरों से मिलान कर पहचान की कोशिशें जारी हैं।