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अब जिले में लागू हुआ ई-मस्टररोल
Chitrakoot
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। मनरेगा के तहत काम मांगने वालों के नाम अब कंप्यूटर में फीड किए जाएंगे। डीएम डा. आदर्श सिंह ने शुक्रवार को जिला सूचना विज्ञान केंद्र में ई-मस्टररोल और डाटा फीडिंग के काम का शुभारंभ किया। बुंदेलखंड में महोबा के बाद चित्रकूट ऐसा दूसरा जिला बन गया है, जहां ई-मस्टररोल लागू हो गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह कदम काम में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मजदूरों के खाते में सीधे पैसा आ जाने की व्यवस्था भी लागू हो जाएगी। शुभारंभ पर कर्वी ब्लाक के ग्राम पंचायत अमिलिहा के ददुवा, रम्मी, रामनारायण, राजकुमारी, परदेशी, मुन्नी, मालती देवी, रतिराम और हरिओम के नाम भी दर्ज किए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि काम की मांग पर डिमांड की फीडिंग भी की जाएगी। अमिलिहा में काम मांगने वालों को एक सप्ताह का मस्टररोल विकास खंड कार्यालय कर्वी से ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले कुछ परिवारों को सौ दिन से अधिक का काम मिल जाता था पर अब इस व्यवस्था से सौ दिन का ही काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि अकुशल श्रमिकों को भारत सरकार के शासनादेश के अनुसार ही काम मिलेगा। इस फीडिंग से सरकार से धनराशि भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि एकाउंट नंबर और बैंक शाखा की जानकारी से जल्द ही मजदूर के खाते में पैसा भी पहुंच जाएगा। इससे पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि जिन अकुशल श्रमिकों को सौ दिन का काम न मिला हो वे संबंधित विकास खंड कार्यालय में काम की मांग करें, उनके गांव में ही काम उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर सीडीओ एके सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव, बीडीओ कर्वी राजेश कुरील भी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने कहा कि काम की मांग पर डिमांड की फीडिंग भी की जाएगी। अमिलिहा में काम मांगने वालों को एक सप्ताह का मस्टररोल विकास खंड कार्यालय कर्वी से ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले कुछ परिवारों को सौ दिन से अधिक का काम मिल जाता था पर अब इस व्यवस्था से सौ दिन का ही काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि अकुशल श्रमिकों को भारत सरकार के शासनादेश के अनुसार ही काम मिलेगा। इस फीडिंग से सरकार से धनराशि भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि एकाउंट नंबर और बैंक शाखा की जानकारी से जल्द ही मजदूर के खाते में पैसा भी पहुंच जाएगा। इससे पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि जिन अकुशल श्रमिकों को सौ दिन का काम न मिला हो वे संबंधित विकास खंड कार्यालय में काम की मांग करें, उनके गांव में ही काम उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर सीडीओ एके सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव, बीडीओ कर्वी राजेश कुरील भी मौजूद रहे।
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