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‘राष्ट्र को संस्कारित युवकों की आवश्यकता’
Chitrakoot
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:31 AM IST
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चित्रकूट। गोपाल हिंदी संस्कृत पाठशाला रसिन में बुधवार को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि ग्रामोदय विवि के कुलपति डा. केवी पांडे ने कहा कि आज राष्ट्र की समसामयिक और विषम परिस्थितियों के निराकरण के लिए संस्कारित नवयुवकों की बड़ी आवश्यकता है।
रसिन में तीन दिवसीय यज्ञोपवीत संस्कार का उद्घाटन करते हुए कुलपति ने कहा कि यह आयोजन सराहनीय है और इसके माध्यम से वटुक अच्छी शिक्षा ग्रहण करें एवं गुरुकुल की मर्यादाओं का पालन करते हुए चरित्रवान बनें। सच्चे अर्थों में ज्ञान क्रियावाचक है। आचरण निष्ठ व्यक्ति ही सही रूप में ज्ञानी है। कार्यक्रम में प्राचार्य डा. रामसुजान त्रिपाठी, संरक्षक जमुना प्रसाद त्रिपाठी, संयोजक रामनाथ दुबे का सहयोग है।
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रसिन में तीन दिवसीय यज्ञोपवीत संस्कार का उद्घाटन करते हुए कुलपति ने कहा कि यह आयोजन सराहनीय है और इसके माध्यम से वटुक अच्छी शिक्षा ग्रहण करें एवं गुरुकुल की मर्यादाओं का पालन करते हुए चरित्रवान बनें। सच्चे अर्थों में ज्ञान क्रियावाचक है। आचरण निष्ठ व्यक्ति ही सही रूप में ज्ञानी है। कार्यक्रम में प्राचार्य डा. रामसुजान त्रिपाठी, संरक्षक जमुना प्रसाद त्रिपाठी, संयोजक रामनाथ दुबे का सहयोग है।
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