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आक्रोशित वकीलों ने रैपुरा थानाध्यक्ष का पुतला फूंका
Chitrakoot
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। इटवां निवासी अधिवक्ता प्रणव त्रिपाठी के साथ हुई घटना में कथित रूप से थाना रैपुरा पुलिस द्वारा सही कार्रवाई न करने के विरोध में वकीलों ने गुरुवार को थानाध्यक्ष नंदलाल का पुतला फूंका। ट्रैफिक चौराहे पर इकट्ठा आक्रोशित वकीलों ने नारेबाजी की।
गौरतलब है कि इटवां निवासी प्रणव त्रिपाठी के मामले में वकीलों का आरोप है कि एसओ ने उनकी तहरीर की वर्डिंग के हिसाब से धाराएं नहीं लगाईं, जिससे उनको न्याय नहीं मिल पा रहा। इस मुद्दे को लेकर 22 नवंबर से वकील हड़ताल पर भी है। जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मंडल इस संबंध में जिले के अधिकारियों से मुलाकात भी कर चुका है पर बात बनी नहीं। आक्रोशित वकीलों ने शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतराम त्रिपाठी की अगुवाई में ट्रैफिक चौराहे तक जुलूस निकाला और फिर वहां पर रैपुरा एसओ नंदलाल का पुतला फूंक दिया। इस दौरान वकील पुलिस विरोधी और खासकर रैपुरा एसओ के खिलाफ नारे लगा रहे थे। उपाध्यक्ष सुरेश तिवारी, मंत्री संजय करवरिया, शशिकांत पांडे, राजेश सिंह चौहान आदि पदाधिकारियों के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता केजी गुप्त, केशव चंद्र द्विवेदी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, अमित यादव, अनुराग सिंह आदि इसमें मौजूद रहे। अनूप गुप्ता संयुक्त सचिव प्रकाशन एवं प्रवक्ता ने बताया कि तय किया गया है कि जब तक थानाध्यक्ष रैपुरा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उचित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इनसेट -------------------
क्या है मामला
प्रणव त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने गांव में एक मामले में अनुसूचित जाति के कुछ लोगों की जमानत कराई थी। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों उमेश पांडे, लक्ष्मीकांत, हनुमान, भोलेराम, कल्लू आदि ने 11 नवंबर की सुबह उसके घर में धावा बोल दिया। मारने पीटने के साथ फायर भी किया, जो मिस हो गया। अधिवक्ता का कहना है कि उनके साथ उसके पिता श्रीदत्त के साथ भी मारपीट की गई। जंजीर और रुपए भी छीन लिए गए। वकील का आरोप है कि मामले में एसओ रैपुरा दूसरे का पक्ष ले रहे हैं, क्योंकि वह खनन माफिया है।
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इनसेट -------------------
एसओ बोले, कानून सम्मत कार्रवाई की
एसओ रैपुरा नंदलाल सिंह ने कहा कि वकील अपने संगठन के बल पर चाहते हैं कि दूसरे पक्ष के खिलाफ धारा 307 और लूट के मामले में धाराएं लगा दी जाएं, जो असंभव है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले ही उमेश पांडे को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने एसपी को सारे मामले की जानकारी दे दी है।
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गौरतलब है कि इटवां निवासी प्रणव त्रिपाठी के मामले में वकीलों का आरोप है कि एसओ ने उनकी तहरीर की वर्डिंग के हिसाब से धाराएं नहीं लगाईं, जिससे उनको न्याय नहीं मिल पा रहा। इस मुद्दे को लेकर 22 नवंबर से वकील हड़ताल पर भी है। जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मंडल इस संबंध में जिले के अधिकारियों से मुलाकात भी कर चुका है पर बात बनी नहीं। आक्रोशित वकीलों ने शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतराम त्रिपाठी की अगुवाई में ट्रैफिक चौराहे तक जुलूस निकाला और फिर वहां पर रैपुरा एसओ नंदलाल का पुतला फूंक दिया। इस दौरान वकील पुलिस विरोधी और खासकर रैपुरा एसओ के खिलाफ नारे लगा रहे थे। उपाध्यक्ष सुरेश तिवारी, मंत्री संजय करवरिया, शशिकांत पांडे, राजेश सिंह चौहान आदि पदाधिकारियों के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता केजी गुप्त, केशव चंद्र द्विवेदी, चंद्रप्रकाश गुप्ता, अमित यादव, अनुराग सिंह आदि इसमें मौजूद रहे। अनूप गुप्ता संयुक्त सचिव प्रकाशन एवं प्रवक्ता ने बताया कि तय किया गया है कि जब तक थानाध्यक्ष रैपुरा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उचित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
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क्या है मामला
प्रणव त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने गांव में एक मामले में अनुसूचित जाति के कुछ लोगों की जमानत कराई थी। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों उमेश पांडे, लक्ष्मीकांत, हनुमान, भोलेराम, कल्लू आदि ने 11 नवंबर की सुबह उसके घर में धावा बोल दिया। मारने पीटने के साथ फायर भी किया, जो मिस हो गया। अधिवक्ता का कहना है कि उनके साथ उसके पिता श्रीदत्त के साथ भी मारपीट की गई। जंजीर और रुपए भी छीन लिए गए। वकील का आरोप है कि मामले में एसओ रैपुरा दूसरे का पक्ष ले रहे हैं, क्योंकि वह खनन माफिया है।
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एसओ बोले, कानून सम्मत कार्रवाई की
एसओ रैपुरा नंदलाल सिंह ने कहा कि वकील अपने संगठन के बल पर चाहते हैं कि दूसरे पक्ष के खिलाफ धारा 307 और लूट के मामले में धाराएं लगा दी जाएं, जो असंभव है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले ही उमेश पांडे को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने एसपी को सारे मामले की जानकारी दे दी है।