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सीएम की प्राथमिकता के कामों में ढिलाई बर्दाश्त नही
Chitrakoot
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। डीएम डा. बलकार सिंह ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों में ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी है। सीडीओ एमपी सिंह से इस बात की नाराजगी जताई कि उन्होंने अभी तक धनराशि नहीं दी है तो काम कैसे होगा? लेबर बजट शीघ्र पारित करा लिया जाए।
जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। डीएम ने कहा कि सीएम की घोषणाओं की पूर्ति के लिए संबंधित कार्यदाई संस्थाएं शीघ्र काम शुरू कराएं। पीडब्लूडी के एक्सईएन से मार्गों का चौड़ीकरण, हवाई पट्टी का विस्तारीकरण, राजापुर में लोहिया प्रेक्षागृह का निर्माण का प्राक्कलन प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने को कहा। इसके अलावा अन्य संस्थाओं से राजकीय महाविद्यालय, राजकीय नलकूप, रामघाट, परिक्रमा मार्ग का विस्तार एवं सुंदरीकरण का स्टीमेट भी जल्द बनाने के निर्देश दिए। मनरेगा के कामों का प्रस्ताव पहले ग्राम फिर क्षेत्र और इसके बाद जिला पंचायत से अनुमोदन कराने के बाद ही भेजें। सीडीओ से कहा कि स्टीमेट को चार दिन के अंदर फाइनल करें। कार्यदायी संस्था को धनराशि की पहली किस्त जल्द दी जाए। परियोजनावार सूची प्राप्त करने के बाद अगली धनराशि उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि अभी तक धनराशि नहीं दी गई है तो काम कैसे होगा? लेबर बजट शीघ्र पारित करा लिया जाए। लघु सिंचाई, सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे लोग अपने कार्यों का प्राक्कलन तीन दिन के अंदर गांवों से अनुमोदन करा लें। खर्च धनराशि से हुए कामों की गुणवत्ता परखकर बजट आवंटित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपनी मांगें सीधे बताने को कहा, जिससे बजट दिया जा सके। वन विभाग से कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के लिए दूसरा प्रस्ताव बनाने को कहा और जिला पंचायत की बैठक बुलाने के निर्देश भी दिए। मनरेगा के ठप पड़े कामों को शुरू कराने की बात कही।
डीएम ने जिले की भूमि संरक्षण और जल संसाधन विकास की चारों इकाइयों द्वारा धन खर्च करने की बात पर सीडीओ से कहा कि संबंधित अधिकारियों को चेतावनी रिपोर्ट जारी करें, रिपोर्ट दें और जांच कराएं। यह भी पता किया जाए कि किन ग्राम पंचायतों को कितनी धनराशि दी गई और कितनी अब तक खर्च की गई। जिलाधिकारी ने जब यह पूछा कि यूपीसीडी संस्था ने कोई कार्य नहीं कराया तो परियोजना निदेशक ने बताया कि संस्था के खाते सीज हैं। डीएम ने इस पर संस्था से धनराशि वापस करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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अधिक काम देने वाले से वसूली होगी
डीएम ने जॉब कार्डों की जांच कराने को कहा। जांच में देखा जाए कि कितने परिवारों को सौ दिन से अधिक काम दिया गया है। इसमें संबंधित कार्य प्रभारी से वसूली की जाए।
काम नहीं करने वालों रोजगार सेवकों की सेवाएं खत्म करें
डीएम ने कहा कि सोशल आडिट कराकर देखा जाए कि जिन रोजगारसेवकों ने काम नहीं किया है उनको तो भुगतान नहीं कर दिया गया। काम न करने वाले रोजगारसेवकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। 17 समग्र गांवों की कार्ययोजना में उन गांवों के मजरों को भी शामिल करने के लिए कहा है।
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जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। डीएम ने कहा कि सीएम की घोषणाओं की पूर्ति के लिए संबंधित कार्यदाई संस्थाएं शीघ्र काम शुरू कराएं। पीडब्लूडी के एक्सईएन से मार्गों का चौड़ीकरण, हवाई पट्टी का विस्तारीकरण, राजापुर में लोहिया प्रेक्षागृह का निर्माण का प्राक्कलन प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने को कहा। इसके अलावा अन्य संस्थाओं से राजकीय महाविद्यालय, राजकीय नलकूप, रामघाट, परिक्रमा मार्ग का विस्तार एवं सुंदरीकरण का स्टीमेट भी जल्द बनाने के निर्देश दिए। मनरेगा के कामों का प्रस्ताव पहले ग्राम फिर क्षेत्र और इसके बाद जिला पंचायत से अनुमोदन कराने के बाद ही भेजें। सीडीओ से कहा कि स्टीमेट को चार दिन के अंदर फाइनल करें। कार्यदायी संस्था को धनराशि की पहली किस्त जल्द दी जाए। परियोजनावार सूची प्राप्त करने के बाद अगली धनराशि उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि अभी तक धनराशि नहीं दी गई है तो काम कैसे होगा? लेबर बजट शीघ्र पारित करा लिया जाए। लघु सिंचाई, सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे लोग अपने कार्यों का प्राक्कलन तीन दिन के अंदर गांवों से अनुमोदन करा लें। खर्च धनराशि से हुए कामों की गुणवत्ता परखकर बजट आवंटित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपनी मांगें सीधे बताने को कहा, जिससे बजट दिया जा सके। वन विभाग से कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के लिए दूसरा प्रस्ताव बनाने को कहा और जिला पंचायत की बैठक बुलाने के निर्देश भी दिए। मनरेगा के ठप पड़े कामों को शुरू कराने की बात कही।
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डीएम ने जिले की भूमि संरक्षण और जल संसाधन विकास की चारों इकाइयों द्वारा धन खर्च करने की बात पर सीडीओ से कहा कि संबंधित अधिकारियों को चेतावनी रिपोर्ट जारी करें, रिपोर्ट दें और जांच कराएं। यह भी पता किया जाए कि किन ग्राम पंचायतों को कितनी धनराशि दी गई और कितनी अब तक खर्च की गई। जिलाधिकारी ने जब यह पूछा कि यूपीसीडी संस्था ने कोई कार्य नहीं कराया तो परियोजना निदेशक ने बताया कि संस्था के खाते सीज हैं। डीएम ने इस पर संस्था से धनराशि वापस करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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अधिक काम देने वाले से वसूली होगी
डीएम ने जॉब कार्डों की जांच कराने को कहा। जांच में देखा जाए कि कितने परिवारों को सौ दिन से अधिक काम दिया गया है। इसमें संबंधित कार्य प्रभारी से वसूली की जाए।
काम नहीं करने वालों रोजगार सेवकों की सेवाएं खत्म करें
डीएम ने कहा कि सोशल आडिट कराकर देखा जाए कि जिन रोजगारसेवकों ने काम नहीं किया है उनको तो भुगतान नहीं कर दिया गया। काम न करने वाले रोजगारसेवकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। 17 समग्र गांवों की कार्ययोजना में उन गांवों के मजरों को भी शामिल करने के लिए कहा है।