फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   बुंदेलखंडी वादयंत्र व लोकगीत से प्रभावित मणिपुर की संस्कृति

बुंदेलखंडी वादयंत्र व लोकगीत से प्रभावित मणिपुर की संस्कृति

Thu, 07 Mar 2019 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2019 11:06 PM IST
विज्ञापन
बुंदेलखंडी वादयंत्र व लोकगीत से प्रभावित मणिपुर की संस्कृति
बुंदेलखंडी वाद्यंत्र व लोकगीत से प्रभावित मणिपुर की संस्कृति
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। चित्रकूट की धरती पर भगवान श्रीराम के दर्शन होते हैं और मणिपुर वासी भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला कर यहां पुण्य अर्जित कर रहे हैैं। हम बुंदेलखंड की संस्कृति व परंपरागत वाले संगीत वाद्यंत्रों से बेहद प्रभावित हैं और मानना है कि इनका मणिपुर की संस्कृति से काफी मिलान है।
यह उद्गार जवाहरलाल नेहरू मणिपुर डांस अकादमी इंफाल टीम के गुरु के. कुमार सिंह और उनकी टीम के सदस्यों के हैं। धर्मनगरी में चल रहे राष्ट्रीय रामायण मेला में लगातार दसवीं बार पहुंची मणिपुर की टीम मंगलवार को भगवान कामतानाथ मंदिर से लेकर अन्य धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेका। टीम गुरु के कुमार ने बताया कि उनको संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली से यहां का कार्यक्रम मिलता है। टीम के सदस्य हर बार बदल जाते हैं। लेकिन कार्यक्रम उनका सिर्फ श्रीकृष्ण की रास लीला व मणिपुर फोक डांस व संगीत ही होता है। इसके अलावा यह टीम देश के अन्य स्थानों पर भी साल भर लगातार कार्यक्रम करती है। इस डांस अकादमी में लगभग 150 छात्र छात्राएं प्रतिवर्ष नया प्रवेश लेते हैं। यहां की ट्रेनिंग व शिक्षा के बाद कई प्रमुख स्थानों पर छात्र अपनी अकादमी चला रहे हैं और अपना कैरियर बनाया है।
विज्ञापन


कम मिलते हैं रुपये पर संतुष्टि
चित्रकूट। इंफाल की टीम के सदस्यों का चित्रकूट के प्रति बेहद लगाव दिखा। सभी ने कहा कि उन्हें यहां कार्यक्रम में कम रुपये मिलते हैं लेकिन भगवान श्रीराम की कर्मभूमि में अपनी प्रतिभा दिखाने का जो अवसर मिलता है वह अद्वितीय है। टीम के गुरु ने बताया कि उनकी टीम के सदस्यों को एक कार्यक्रम का तीन हजार रुपये प्रति प्रतिभागी मिलता है। इसके अलावा रहने व खाने का अलग इंतजाम व्यवस्थापक करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



देशी वाद्यंत्रों से प्रभावित
चित्रकूट। पूरी टीम का कार्यक्रम बांसुरी, शंख व गिटार से होता है। टीम के सदस्य डब्लू रत्नावली देवी, अटीला एल, संध्यादेवी, एनसी लिसेंबी, मीरंडा एस, डब्लू टेलिस, आई मनीलीमा, निर्मला, ए एपाबी देवी, रतन कुमार सिंह, आरके नीलाकंटा सिंह व गुरु के कुमार सिंह कहते हैं कि उन्हें अपने परंपरागत वाद्यंत्रों के बीच प्रस्तुति में बेहद आसानी होती है। बुंदेलखंड के भी वाद्यंत्र इन्होंने देखे हैं जिसमें ढोलक व मजीरा बेहद पसंद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed