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जन्मस्थली व कर्मस्थली में पूजन के कई सियासी मायने
Updated Wed, 18 Oct 2017 11:14 PM IST
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सुधीर अग्रवाल
चित्रकूट। भगवान राम की कर्मभूमि चित्रकूट में पहली बार आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर कई सियासी मायने लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा कि भाजपा अपने हिंदुत्ववादी विचारधारा के सहारे ही 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ेगी जिसके चलते पहले अयोध्या फिर चित्रकूट और इसके बाद ताजमहल देखने आगरा का कार्यक्रम तय हुआ है। फिलहाल मुख्यमंत्री के आगमन से पर्यटन क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं बढ़ गई हैं। अभी तक की प्रशासन की तैयारियों में संभावना है कि 134 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर सकते हैं।
योगी आदित्याथ के आगमन को लेकर कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार श्रीराम की जन्म स्थली व कर्मस्थली दोनों का विकास कर जनता को संदेश देना चाहती है। 22 अक्टूबर को धर्मनगरी आगमन पर मुख्यमंत्री गंगा आरती, संतों के साथ बैठक, मुख्य द्वार के मंदिर में दर्शन और परिक्रमा आदि के दौरान वह दीपदान भी करेंगे। गौरतलब है कि अयोध्या में मुख्यमंत्री ने छोटी दीपावली में दीपदान किया है।
जन्मस्थली व कर्मस्थली में पूजन के कई सियासी मायने
- जन्मस्थली से लेकर कर्मस्थली तक की यात्रा
- 134 करोड़ की योजनाओं का होगा शिलान्यास
- मंदिर नदी संतों से भेंट व परिक्रमा का कार्यक्रम
चित्रकूट। भगवान राम की कर्मभूमि चित्रकूट में पहली बार आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर कई सियासी मायने लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा कि भाजपा अपने हिंदुत्ववादी विचारधारा के सहारे ही 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ेगी जिसके चलते पहले अयोध्या फिर चित्रकूट और इसके बाद ताजमहल देखने आगरा का कार्यक्रम तय हुआ है। फिलहाल मुख्यमंत्री के आगमन से पर्यटन क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं बढ़ गई हैं। अभी तक की प्रशासन की तैयारियों में संभावना है कि 134 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर सकते हैं।
योगी आदित्याथ के आगमन को लेकर कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार श्रीराम की जन्म स्थली व कर्मस्थली दोनों का विकास कर जनता को संदेश देना चाहती है। 22 अक्टूबर को धर्मनगरी आगमन पर मुख्यमंत्री गंगा आरती, संतों के साथ बैठक, मुख्य द्वार के मंदिर में दर्शन और परिक्रमा आदि के दौरान वह दीपदान भी करेंगे। गौरतलब है कि अयोध्या में मुख्यमंत्री ने छोटी दीपावली में दीपदान किया है।
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जन्मस्थली व कर्मस्थली में पूजन के कई सियासी मायने
- जन्मस्थली से लेकर कर्मस्थली तक की यात्रा
- 134 करोड़ की योजनाओं का होगा शिलान्यास
- मंदिर नदी संतों से भेंट व परिक्रमा का कार्यक्रम