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52 दिन बाद भी ग्रामीण बैंकों में नो कैश
चित्रकूट
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:46 PM IST
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बेडीपुलिया के पास बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की ओर से नोट बंदी के बाद तय की गई मियाद अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई लेकिन जिले में समस्या जस की तस बनी हुई है। खासकर ग्रामीण बैंकों में शुक्रवार की सुबह से कांपते हुए ग्राहक पहुंचे और नो कैश का बोर्ड देखकर निराश होकर लौट आए। बेडीपुलिया,भरतकूप व रसिन में शाखाओं के बाहर ग्राहकों ने बैंककर्मियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
शुक्रवार को सुबह से कड़ाके की ठंड में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक पास बुक लेकर बैंक शाखाओं की लाइन में लग गए। दस बजने के बाद भरतकूप, शिवरामपुर, बेडीपुलिया, मऊ, मानिकपुर व बरगढ़ की यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंकों की शाखाएं खुली तो जब ग्राहक काउंटर तक पहुंचे तो अधिकारियों ने नो कैश का बोर्ड टांग दिया।
कई ग्राहकों ने अधिकारियों से एक-एक हजार रुपये की ही मांग की लेकिन बैंक ने नो कैश होने की बात कहकर हाथ खडे़ कर दिए। इसके बाद ग्राहक हंगामा करने लगे। हालत बिगड़ते देख बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को बाहर निकालकर बैंक के गेट बंद कर दिए। भरतकूप, रसिन और बरगढ़ में नाराज ग्राहकों ने बैंक के बाहर नारेबाजी की।
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आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी चहेतों को खूब रुपये दे रहे हैं लेकिन किसान मजदूरों का परेशान कर रहे हैं। वहीं इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके पात्रा ने बताया कि कैश की कमी है। जिस कारण कुल 42 शाखाओं में से आधी शाखाओं में कैश नहीं बंाटा गया। संभावना है कि शनिवार को रुपये मिलने पर इसे बराबर हर शाखा से बांटा जाएगा।
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शुक्रवार को सुबह से कड़ाके की ठंड में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक पास बुक लेकर बैंक शाखाओं की लाइन में लग गए। दस बजने के बाद भरतकूप, शिवरामपुर, बेडीपुलिया, मऊ, मानिकपुर व बरगढ़ की यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंकों की शाखाएं खुली तो जब ग्राहक काउंटर तक पहुंचे तो अधिकारियों ने नो कैश का बोर्ड टांग दिया।
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कई ग्राहकों ने अधिकारियों से एक-एक हजार रुपये की ही मांग की लेकिन बैंक ने नो कैश होने की बात कहकर हाथ खडे़ कर दिए। इसके बाद ग्राहक हंगामा करने लगे। हालत बिगड़ते देख बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को बाहर निकालकर बैंक के गेट बंद कर दिए। भरतकूप, रसिन और बरगढ़ में नाराज ग्राहकों ने बैंक के बाहर नारेबाजी की।
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आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी चहेतों को खूब रुपये दे रहे हैं लेकिन किसान मजदूरों का परेशान कर रहे हैं। वहीं इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके पात्रा ने बताया कि कैश की कमी है। जिस कारण कुल 42 शाखाओं में से आधी शाखाओं में कैश नहीं बंाटा गया। संभावना है कि शनिवार को रुपये मिलने पर इसे बराबर हर शाखा से बांटा जाएगा।