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Chitrakoot News: दिव्यांग बच्चों के लिए 23 करोड़ से बनेगा विशेष माध्यमिक विद्यालय

Sat, 30 May 2026 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sat, 30 May 2026 12:43 AM IST
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23 crore rupees will be used to build a special secondary school for differently-abled children.
फोटो 29 सीकेटीपी 05 विशेष माध्यमिक विद्यालय का माॅडल।
चित्रकूट। जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण होगा। इस पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए जमीन भी तलाश ली गई है। विद्यालय बनने के बाद जिले के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। इस विद्यालय की मांग काफी दिनों से चल रही थी। अब शासन से मंजूरी मिली है।
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नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय में कक्षा एक से 12 तक के दिव्यांग बच्चों को एक साथ शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए सदर तहसील क्षेत्र के बाबूपुर गांव में जमीन भी चिह्नित हो चुकी है। निर्माण के लिए 2333.56 लाख धनराशि भी स्वीकृत हुई है। दिव्यांग बच्चों को अभी तक पढ़ाई के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन यह विद्यालय बनने से उन्हें घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। भवन को पूरी तरह दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा।
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इसमें रैंप, रेलिंग, ब्रेल संकेतक, श्रवण यंत्र सहयोगी प्रणाली, विशेष शौचालय और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। इससे शारीरिक या मानसिक रूप से पीड़ित बच्चे शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। आवासीय सुविधा से गरीब परिवारों को राहत, दूरदराज गांवों से आने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का खर्च बचेगा और बच्चों की नियमित पढ़ाई हो सकेगी।
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नए भवन में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए बच्चों की क्षमता वाली कक्षाएं, लैब, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला भी होगी। उच्च प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत विद्यालयों के भवन निर्माण से ड्रॉप आउट कम होगा। इसमें 50 प्रतिशत से अधिक नामांकन दिव्यांग विद्यार्थियों का होगा। सामान्य और विशेष बच्चों के एक साथ पढ़ने से समाज में समावेशिता बढ़ेगी।




जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल नहीं था। काफी दिनों से विद्यालय निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा था। अब शासन से मंजूरी मिली है। जमीन भी चिह्नित हो चुकी है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी करा कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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