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मानसून आते ही अन्ना जानवरों का डर सताने लगा किसानों को
Updated Sat, 01 Jul 2017 06:23 PM IST
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मानसून आते ही अन्ना जानवरों का आतंक
:- पिछले साल रात में ही खेतों में रुकते थे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मानसून आते ही किसानों को अन्ना जानवरों का डर सताने लगा है। उन्हें चिंता सताए जा रही है कि इस साल भी फसल तैयार होने पर अन्ना जानवर फसल को खा जाएंगे। उनका कहना कि मात्र आश्वासन ही दिया जाता है। धरातल पर कोई काम नहीं होता है। जिससे किसानों को हर साल आर्थिक क्षति पहुंचती है।
गौरतलब है कि जुलाई माह आते ही किसान खरीफ की फसल की जुताई शुरू कर दिया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्र सहित कस्बों व शहर में घूम रहे अन्ना जानवरों से किसान परेशान हैं। पिछले साल फसल बचाने के लिए किसान को रात में भी खेत में रुकना पड़ता था। भारतीय किसान यूनियन सहित कई कि सान संगठनों ने अन्ना जानवरों के रोकथाम के लिए धरना प्रदर्शन भी किया था। जिसको लेकर अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि इनके रहने खाने के लिए गौशाला बनाए जाएंगे।
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मात्र आश्वासन ही दिए जा रहे
चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल ने बताया कि अन्ना जानवरों से किसान परेशान हैं। इसके लिए कई बार जनप्रतिधि व अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या का निदान किया जाएगा। लेकिन अधिकतर योजनाएं कागजों तक ही सीमत रहती हैं।
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--इनसेट
50 हजार से अधिक अन्ना जानवर
चित्रकूट। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र सचान ने बताया कि जिले में 51 हजार गोवंशीय अन्ना जानवर हैं। इनके एक स्थान पर ठहरने के लिए पशु बाड़े बनाए जा रहे हैं।
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:- पिछले साल रात में ही खेतों में रुकते थे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मानसून आते ही किसानों को अन्ना जानवरों का डर सताने लगा है। उन्हें चिंता सताए जा रही है कि इस साल भी फसल तैयार होने पर अन्ना जानवर फसल को खा जाएंगे। उनका कहना कि मात्र आश्वासन ही दिया जाता है। धरातल पर कोई काम नहीं होता है। जिससे किसानों को हर साल आर्थिक क्षति पहुंचती है।
गौरतलब है कि जुलाई माह आते ही किसान खरीफ की फसल की जुताई शुरू कर दिया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्र सहित कस्बों व शहर में घूम रहे अन्ना जानवरों से किसान परेशान हैं। पिछले साल फसल बचाने के लिए किसान को रात में भी खेत में रुकना पड़ता था। भारतीय किसान यूनियन सहित कई कि सान संगठनों ने अन्ना जानवरों के रोकथाम के लिए धरना प्रदर्शन भी किया था। जिसको लेकर अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि इनके रहने खाने के लिए गौशाला बनाए जाएंगे।
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मात्र आश्वासन ही दिए जा रहे
चित्रकूट। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल ने बताया कि अन्ना जानवरों से किसान परेशान हैं। इसके लिए कई बार जनप्रतिधि व अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या का निदान किया जाएगा। लेकिन अधिकतर योजनाएं कागजों तक ही सीमत रहती हैं।
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50 हजार से अधिक अन्ना जानवर
चित्रकूट। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र सचान ने बताया कि जिले में 51 हजार गोवंशीय अन्ना जानवर हैं। इनके एक स्थान पर ठहरने के लिए पशु बाड़े बनाए जा रहे हैं।