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Chandauli News: घर-घर दौड़ रहे कर्मचारी, फिर नहीं मिला पा रहा गेहूं
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क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने पहुंच नहीं रहे हैं। गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने में मुश्किल को देखते हुए अधिकारी घर-घर जाकर किसानों से गेहूं खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। उनको गेहूं नहीं मिल रहा है क्योंकि व्यापारी उनसे ज्यादा कीमत दे रहे हैं। ऐसे में जमाखोरी रोकने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं। जिले में आठ लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य है। एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की गई लेकिन डेढ़ महीने बाद एक फीसदी के करीब ही खरीद हो पाई है। किसानों ने सरकार को 8885 क्विंटल गेहूं ही बेचा है। ऐसे में लक्ष्य हासिल करना तो दूर विपणन विभाग अपनी प्रतिष्ठा बचाने में लगा है।
पहले क्रय केंद्रों पर किसान लाइन लगाए रहते थे। क्रय केंद्र प्रभारी पर खरीद में धांधली के आरोप भी लगते थे। इस साल क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पहले जिले में गेहूं खरीदने के लिए पहले 53 केंद्र बनाए गए थे। मगर किसानों को आकर्षित करने के लिए क्रय केंद्रों की संख्या 60 कर दी गई। इसके बाद भी किसानों ने क्रय केंद्रों से दूरी बनाए रखी तो शासन ने अधिकारियों से घर-घर जाकर गेहूं खरीदने को कहा। मगर यह कोशिश भी बेमानी ही लग रही है। जिले में 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी है लेकिन अब तक महज 316 किसानों ने ही क्रय केंद्रों पर गेहूं को बेचा है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए एक करोड़ 26 लाख भुगतान भी कर दिया है।
4928 किसानों ने कराया है पंजीकरण
गेहूं बेचने के लिए 4928 किसानों ने पंजीकरण कराया है लेकिन 316 किसान ही गेहूं बेचने क्रय केंद्र पर गए। क्रय केंद्रों को भी बढ़ने के बाद भी किसान गेहूं बेचने नहीं आ रहे हैं। गेहूं की कीमत सरकारी खरीद में 2125 रुपए हैजबकि गांव में ही व्यापारी इससे अधिक किसानों दाम किसानों को दे रहे हैं। लिहाजा बड़े पैमाने पर जमाखोरी की जा रही है। इससे गेहूं की कीमतें बढ़ने के आसार हैं।
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पहले क्रय केंद्रों पर किसान लाइन लगाए रहते थे। क्रय केंद्र प्रभारी पर खरीद में धांधली के आरोप भी लगते थे। इस साल क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पहले जिले में गेहूं खरीदने के लिए पहले 53 केंद्र बनाए गए थे। मगर किसानों को आकर्षित करने के लिए क्रय केंद्रों की संख्या 60 कर दी गई। इसके बाद भी किसानों ने क्रय केंद्रों से दूरी बनाए रखी तो शासन ने अधिकारियों से घर-घर जाकर गेहूं खरीदने को कहा। मगर यह कोशिश भी बेमानी ही लग रही है। जिले में 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी है लेकिन अब तक महज 316 किसानों ने ही क्रय केंद्रों पर गेहूं को बेचा है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए एक करोड़ 26 लाख भुगतान भी कर दिया है।
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4928 किसानों ने कराया है पंजीकरण
गेहूं बेचने के लिए 4928 किसानों ने पंजीकरण कराया है लेकिन 316 किसान ही गेहूं बेचने क्रय केंद्र पर गए। क्रय केंद्रों को भी बढ़ने के बाद भी किसान गेहूं बेचने नहीं आ रहे हैं। गेहूं की कीमत सरकारी खरीद में 2125 रुपए हैजबकि गांव में ही व्यापारी इससे अधिक किसानों दाम किसानों को दे रहे हैं। लिहाजा बड़े पैमाने पर जमाखोरी की जा रही है। इससे गेहूं की कीमतें बढ़ने के आसार हैं।
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