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हिलाओं से जुड़े मामले प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं

Thu, 04 Jul 2019 12:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:45 AM IST
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चंदौली। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने बुधवार को मुख्यालय स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जन सुनवाई की। इस दौरान दहेज उत्पीड़न समेत महिला अपराधों से पीड़ित महिलाओं की फरियाद सुनी। इस दौरान जनसुनवाई में कुल आठ मामले आए। उन्होंने सभी मामलों को जांचकर अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। कहा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान मीना चौबे ने कहा कि महिलाओं के साथ भेदभाव, उत्पीड़न सहित अन्य पारिवारिक झगड़ों का दोनों पक्षों में सुलह-समझौता कराकर निस्तारण कराया जाए। सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। महिला अपराधों पर नियंत्रण के साथ पुरूषों के कदम से कदम मिलाकर चलने को प्रेरित किया जाए। कहा कि पीड़िताओं को तत्काल राहत पहुंचाने को 181 नंबर हेल्पलाइन शुरू की गई है। इस पर फोनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। आशा ज्योति केंद्र की ओर से तत्काल मदद पहुंचाई जाएगी। साथ ही जन सुनावाई में उन्होंने पुलिस व प्रोबेशन विभाग के अधिकारियों से जनपद में महिला अपराधों के बाबत जानकारी ली। वहीं महिला थानाध्यक्ष वंदना सिंह को पारिवारिक विवाद के मामलों की जांच कर सुलह-समझौता कराने का निर्देश दिया। इस दौरान एएसपी प्रेमचंद, जिला प्रोबेशन अधिकारी इंद्रावती, समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह रहे।
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आयोग की सदस्य ने कस्तूरबा का किया निरीक्षण
राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने बुधवार को मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। जहां परिसर की साफ-सफाई, वाल पेन्टिंग व लगे पौधे को देख छात्राओं की सराहना की। वहीं छात्राओं से मिलकर सवालों से उनके दक्षता को देखा। उन्होंने वार्डेन को सख्त निर्देश दिया कि बच्चियों के भोजन, पानी, फल, दूध सहित अन्य सामाग्री निर्धारित तिथियों में वितरित कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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चंदौली। मुख्यालय स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बुधवार को महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और अपराधों से जुड़े मामलों की जनसुनवाई करने पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे सुनवाई करने के बाद अचानक पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल पहुंच गई। उनके इस औचक निरीक्षण में काफी खामियां मिली। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई और सीएमएस को चेतावनी दी कि यदि आगे से लापरवाही मिली तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला आयोग के सदस्य के अचानक अस्पताल में पहुंचते ही वहां मौजूद चिकित्सकों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूलने लगे। सदस्य मीना चौबे ने जिला अस्पताल के महिला वार्ड व शिशु वार्ड के पास गंदगी को देख नाराजगी जताई। साथ ही सीएमएस डा.अरविंद सिंह को निर्देश दिया कि सफाई पर विशेष ध्यान रखें। सरकार स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर है, लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं है। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने जिला अस्पताल के महिला वार्ड, शिशु वार्ड, बर्न यूनिट का निरीक्षण किया। कहा महिलाओं के सुरक्षा को लेकर तत्काल वार्डों में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाए। वहीं चिकित्सकीय सुविधाओं में किसी प्रकार की अड़चन आ रही है तो तत्काल अवगत कराएं, ताकि उसे दूर किया जा सके। लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चंदौली। जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक बुधवार को जिला पंचायत के सभागार में हुई। इसमें बाल संरक्षण सेवाओं, समेकित बाल संरक्षण योजना और किशोर न्याय अधिनियम पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं महिला कल्याण विभाग से संचालित महिला और बच्चों के समस्त अधिनियमों और योजनाओं की जानकारी दी गई।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने महिलाओं व बच्चों के किसी भी समस्या के निराकरण के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। जिला विकास अधिकारी पद्मकांत शुक्ल ने कहा कि ब्लाक बाल संरक्षण समिति एवं ग्राम बाल संरक्षण समिति यह सुनिश्चित करें कि देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले नवजात, परित्यक्त, बेसहारा, लावारिस, कूड़ा बिनने वाले, उपेक्षित बच्चे, बाल श्रमिक, बाल विवाह, बाल वेश्यावृत्ति, असाध्य रोगों से पीड़ित बच्चों एवं अन्य किसी प्रकार के शोषण से पीड़ित बच्चों को बेसहारा व उपेक्षित होने से बचाना है। खासकर ऐसे उक्त बच्चों के मिलने पर 24 घंटे के अंदर चाइल्ड लाइन के नि:शुल्क नंबर 1098 व महिला हेल्पलाइन 181 एवं पुलिस कंट्रोल रूम के साथ ही जिला प्रोवेशन अधिकारी के मोबाइल नम्बर 7518024050 पर तत्काल सूचना दी जाए। साथ ही 7 से 18 वर्ष के बाल अपचारी बच्चों को चिह्नित करें, ताकि उन्हें सुधारा जा सके। इस दौरान संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा, डीआईओएस डॉ. विनोद कुमार राय रहे।
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