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Chandauli News: जब जब हुआ विकास, मां काली के मंदिर का छोटा हुआ आकार

Sat, 04 Jul 2026 01:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:51 AM IST
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Whenever development took place, the size of the Maa Kali temple shrank.
पीडीडीयू नगर। सड़क चौड़ीकरण में पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर की पहचान बदल रही है। अब पीडीडीयू जंक्शन के सामने प्राचीन काली मंदिर का अस्तित्व नहीं रहेगा। नए मंदिर में माता की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजा शुरू हो गई है। शनिवार को माता नए मंदिर में पहुंच जाएंगी। मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि पहली बार जब सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ था तो मंदिर का आकार छोटा किया गया था। अब सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर ही हटाया जा रहा है।
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काली मंदिर के इतिहास का स्पष्ट समय नहीं मिलता। बुजुर्गों ने बताया कि यहां नीम का पेड़ था और उसमें माता की छवि दिखती थी। लोग आस्था से पूजा-अर्चना करते थे। वर्ष 1930 में नगर के व्यवसायी गोपीनाथ पुजारी ने चंदा जुटाकर मंदिर का निर्माण कराया था। यहां के व्यवसायी माता के चरणों में माथा टेके बिना दुकान नहीं खोलते। काली माता धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल ने बताया कि वर्ष 1949 में पीडब्लूडी ने मंदिर पर आपत्ति जताई थी।
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इसको लेकर मामला कोर्ट पहुंच था, जिसमें व्पापारियों की जीत हुई और मंदिर यथावत रहा। वहीं, नंदलाल जायसवाल ने बताया कि वर्ष 1975 में सड़क चौड़ीकरण के दौरान बाजार की दुकानें टूटी थीं। उस समय एक इंजीनियर ने मंदिर में तोड़फोड़ शुरू की लेकिन छज्जा गिरने से उसकी मौत हो गई थी। बाद में मंदिर का आकार आधा कर दिया गया था। हरि प्रसाद और अशोक सिद्धार्थ केसरवानी ने बताया कि अब फिर से सड़क चौड़ीकरण में मंदिर रुकावट बनने लगा। आपसी सहमति से सुभाष पार्क के पाया नया मंदिर बनवाकर वहां मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
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इनसेट-
मां काली का हुआ शृंगार, दर्शन को उमड़े भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के सामने मां काली मंदिर पर बृहस्पतिवार को माता का आखिरी बार शृंगार किया गया। विधि विधान से माता की पूजा और हवन किया गया। इस दौरान माता के दर्शन के लिए के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार की शाम कलश यात्रा निकाली जाएगी और माता के विग्रह को नगर भ्रमण कराया गया। इसके साथ मां की मूर्ति नए मंदिर में पहुंच जाएगी।

नए मंदिर में माता को स्थापित करने के लिए बृहस्पतिवार को पूजा शुरू हुई थी। शुक्रवार को दुर्गा सप्तशती पाठ, चंडी सप्तशती पाठ, कराया गया। श्री माता काली धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल और अशोक सिद्धार्थ केसरवानी ने बताया कि शनिवार को हवन पूजन के बाद शाम को मां काली की मूर्ति के साथ 108 महिलाएं कलश शोभा यात्रा निकालेंगी। 8 जुलाई को ए मंदिर में मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
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