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Chandauli News: बढ़ रहा जलस्तर, 40 गांवों के सीवान तक पहुंची गंगा
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टांडाकला में बढ़ता गंगा का जलस्तर। संवाद
पीडीडीयू नगर। गंगा का जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम छह बजे तक गंगा का जल स्तर 70.97 मीटर रहा। यह खतरे के निशान से 29 सेमी नीचे हैं। गंगा का जल स्तर आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इस तरह गंगा का जलस्तर 40 गावों के सीवान तक पहुंच चुका है। वहीं बाढ़ की आशंका को देखते हुए 44 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गय है।
जिले में सोमवार से गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ाव शुरू हो गया। इसके बाद से लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को गंगा का जल बढ़ने का रफ्तार कुछ कम हुआ है। गंगा के बढ़ाव का क्रम आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से रही। बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे तक गंगा का जल स्तर 70.92 मीटर रहा लेकिन दोपहर तीन बजे जल स्तर बढ़कर 70.96 और शाम छह बजे जल स्तर 70.97 मीटर रहा। जिले में चेतावनी बिंदू 70.262 मीटर है जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। वर्ष 1978 में गंगा का जल स्तर 73.901 मीटर रहा था जो सर्वाधिक है। इस तरह शाम को गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से मात्र 29 सेमी नीचे है। एक माह के भीतर दूसरी बार गंगा चेतावनी बिंदू को पार की है। इसके पहले दो अगस्त को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदू को पार कर गया था और गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आई थी।
टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से टांडा में घटवारी माता मंदिर के पास पानी पहुंच गया है। इससे तटवर्ती गांव के ग्रामीण अपना सामान समेटने लगे हैं। इसी माह में सात अगस्त को गंगा के तटवर्ती इलाके के मुकुंदपुर, बोझवा, सरैया गांव में पानी पहुंच गया है और लोगों ने बाढ़ राहत केंद्र की शरण ली थी। गंगा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पूरा विजयी, पुरा गनेश, चकरा, हरधन जूड़ा, सोनबरसा, महमदपुर, सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के दौरान गंगा में समाहित हो चुकी है।
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इनसेट-
बाढ़ चौकियां हुई सक्रिय
चंदौली। जिले में दूसरी बार बाढ़ की आशंका हो गई है। वहीं जिला प्रशासन बाढ़ के लिए पूरी तरह से सक्रिय है। इसे निपटने के लिए 44 बाढ. चौकी बनाई गई हैं। सभी को सतर्क किया गया है ।जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए 44 चौकी बनाई गई थी जो आज भी सक्रिय हैं। बारिश बंद होने के साथ-साथ बांधों के पानी छोड़े जाने का सिलसिला भी कम हुआ है।
कोट
जनपद में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गई है। धीरे-धीरे पानी कम होता जा रहा है और आमजन जीवन इससे प्रभावित नहीं है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। राजेश कुमार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक
चंदौली। जनपद के बाढ़ ग्रस्त विकास खण्ड चकिया के ग्राम मवैया, चितौड़ी, भरुहिया, कटरिया, करेमुवा, भैंसही, घटमापुर, ददरा एवं विकास खण्ड सदर के ग्राम पंचायत ढूंढे का नंगई, बियार बस्ती, कुरई का केवटी, पैतुवा व चनहटा का चूरमली भ्रमण किया गया। इस समय उपस्थित ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत सहायक विकास अधिकारी, पंचायत जिला कंसलटेंट स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित ग्राम प्रधान व सचिव को प्रभावित ग्रामों में साफ सफाई, ब्लीचिंग का छिड़काव, फॉगिंग नियमित करने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
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जिले में सोमवार से गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ाव शुरू हो गया। इसके बाद से लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को गंगा का जल बढ़ने का रफ्तार कुछ कम हुआ है। गंगा के बढ़ाव का क्रम आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से रही। बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे तक गंगा का जल स्तर 70.92 मीटर रहा लेकिन दोपहर तीन बजे जल स्तर बढ़कर 70.96 और शाम छह बजे जल स्तर 70.97 मीटर रहा। जिले में चेतावनी बिंदू 70.262 मीटर है जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। वर्ष 1978 में गंगा का जल स्तर 73.901 मीटर रहा था जो सर्वाधिक है। इस तरह शाम को गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से मात्र 29 सेमी नीचे है। एक माह के भीतर दूसरी बार गंगा चेतावनी बिंदू को पार की है। इसके पहले दो अगस्त को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदू को पार कर गया था और गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आई थी।
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टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से टांडा में घटवारी माता मंदिर के पास पानी पहुंच गया है। इससे तटवर्ती गांव के ग्रामीण अपना सामान समेटने लगे हैं। इसी माह में सात अगस्त को गंगा के तटवर्ती इलाके के मुकुंदपुर, बोझवा, सरैया गांव में पानी पहुंच गया है और लोगों ने बाढ़ राहत केंद्र की शरण ली थी। गंगा का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पूरा विजयी, पुरा गनेश, चकरा, हरधन जूड़ा, सोनबरसा, महमदपुर, सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के दौरान गंगा में समाहित हो चुकी है।
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बाढ़ चौकियां हुई सक्रिय
चंदौली। जिले में दूसरी बार बाढ़ की आशंका हो गई है। वहीं जिला प्रशासन बाढ़ के लिए पूरी तरह से सक्रिय है। इसे निपटने के लिए 44 बाढ. चौकी बनाई गई हैं। सभी को सतर्क किया गया है ।जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए 44 चौकी बनाई गई थी जो आज भी सक्रिय हैं। बारिश बंद होने के साथ-साथ बांधों के पानी छोड़े जाने का सिलसिला भी कम हुआ है।
कोट
जनपद में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गई है। धीरे-धीरे पानी कम होता जा रहा है और आमजन जीवन इससे प्रभावित नहीं है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। राजेश कुमार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक
चंदौली। जनपद के बाढ़ ग्रस्त विकास खण्ड चकिया के ग्राम मवैया, चितौड़ी, भरुहिया, कटरिया, करेमुवा, भैंसही, घटमापुर, ददरा एवं विकास खण्ड सदर के ग्राम पंचायत ढूंढे का नंगई, बियार बस्ती, कुरई का केवटी, पैतुवा व चनहटा का चूरमली भ्रमण किया गया। इस समय उपस्थित ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत सहायक विकास अधिकारी, पंचायत जिला कंसलटेंट स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित ग्राम प्रधान व सचिव को प्रभावित ग्रामों में साफ सफाई, ब्लीचिंग का छिड़काव, फॉगिंग नियमित करने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।