मां विंध्यवासिनी मंदिर में बृहस्पतिवार को दो दानपात्र खोले गए। दोनों दानपात्रों से 9 लाख 17 हजार 916 रुपये निकले। पूरी राशि भारतीय स्टेट बैंक की विंध्याचल शाखा में विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के खाते में जमा करा दी गई।
बुधवार को मंदिर के एक दानपात्र से धुआं निकला था। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दूसरे दिन दोनों दानपात्रों को खोलने का निर्णय लिया गया। नायब तहसीलदार गरिमा यादव की देखरेख में दोनों दानपात्र खोले गए। दानराशि की गणना मंदिर परिसर की छत पर स्थित श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की गई। श्री विंध्य पंडा समाज के कार्यालय में पुलिस और सीसी कैमरे की निगरानी में दान पात्रों से निकले रुपये की गिनती में दो दिनों में कुल तेरह दानपात्रों से 27 लाख 45 हजार 489 रुपये प्राप्त हुए।
नायब तहसीलदार के अनुसार, दानपात्रों से 7 लाख 59 हजार 766 रुपये के नोट और 1 लाख 58 हजार 150 रुपये के सिक्के निकले। इस दौरान राजस्व कर्मी सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरेंद्र दुबे, अनिल सोनकर, राकेश सोनकर, महेश सोनकर, चंद्रमणि तिवारी, शिव चौरसिया मौजूद रहे।