{"_id":"5f4bf0e48ebc3e4ade1da3e1","slug":"villagers-panic-due-to-crocodile-sighting-chandauli-news-vns5442537198","type":"story","status":"publish","title_hn":"मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों ने दहशत
चकिया। क्षेत्र के भीषमपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले वनदेवी मजरे के पास चंद्रप्रभा नदी के किनारे रविवार को बड़ा मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने मगरमच्छ देखे जाने की सूचना वन विभाग को दे दी है। रविवार की सुबह कुछ युवक वनदेवी के पास चंद्रप्रभा नदी के किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान एक पेड़ के नीचे विशाल मगरमच्छ को आराम करता देख वे भाग खड़े हुए तथा गांव में इसकी सूचना दी। इससे ग्रामीणो में दहशत का महौल हो गया। प्रत्यक्षदर्शी श्यामबाबू सोनकर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वनदेवी मंदिर के आगे चन्द्रप्रभा नदी के किनारे टहल रहा था। इसी दौरान एक पेड़ के नीचे विशाल मगरमच्छ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने चंद्रप्रभा नदी के मगरमच्छों से निजात दिलाने की मांग जिला प्रशासन से की है। संवाद
रिपोर्ट -शीतला प्रसाद राय
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-800
विज्ञापन
चकिया। क्षेत्र के भीषमपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले वनदेवी मजरे के पास चंद्रप्रभा नदी के किनारे रविवार को बड़ा मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने मगरमच्छ देखे जाने की सूचना वन विभाग को दे दी है। रविवार की सुबह कुछ युवक वनदेवी के पास चंद्रप्रभा नदी के किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान एक पेड़ के नीचे विशाल मगरमच्छ को आराम करता देख वे भाग खड़े हुए तथा गांव में इसकी सूचना दी। इससे ग्रामीणो में दहशत का महौल हो गया। प्रत्यक्षदर्शी श्यामबाबू सोनकर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वनदेवी मंदिर के आगे चन्द्रप्रभा नदी के किनारे टहल रहा था। इसी दौरान एक पेड़ के नीचे विशाल मगरमच्छ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने चंद्रप्रभा नदी के मगरमच्छों से निजात दिलाने की मांग जिला प्रशासन से की है। संवाद
रिपोर्ट -शीतला प्रसाद राय
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-800