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गड्ढों में खो गई गांव की सड़कें, पगडंडी बनी शहर की राह

Sun, 08 Aug 2021 12:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 12:45 AM IST
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Village roads lost in potholes
पीडीडीयू नगर। उत्तर प्रदेश में जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो सड़कों पर काफी जोर दिया जाने लगा। गांव से लेकर शहर तक सड़क की मरम्मत कराने की दिशा में काम हुआ, लेकिन देश के 112 पिछड़े जनपदों में शामिल चंदौली की सड़कों पर उस हिसाब से काम नहीं हुआ जैसा होना चाहिए था। ऐसी स्थिति में कहीं सड़कें गड्ढों में खो गईं तो कहीं रास्ता पगडंडी बन गया। गांव हो या शहर हर जगह की सड़कों की स्थिति खराब है। चाहे वह बिहार-यूपी को जोड़ने वाला करकैत-कंदवा मार्ग हो या फिर चंदौली-सोनभद्र को जोड़ने वाला मार्ग। खराब सड़कों की वजह से एक तो दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं वहीं लोगों गो अतिरिक्त समय भी आवागमन के लिए देना पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण प्रदूषण की समस्या अलग से बनी रहती है।सकलडीहा कस्बे में करीब डेढ़ किमी सड़क का काम डेढ़ साल में भी पूर्ण नहीं हो सका। ऐसे में राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे है।
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कंदवा। क्षेत्र का ककरैत-कंदवा सात किलोमीटर लंबा मार्ग पिछले काफी दिनों से बदहाल है। मार्ग पर इतने गड्ढे है कि पता ही नहीं चलता कि सड़क में गढ्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है। अदसड़ गांव में तो मार्ग झील बना हुआ है। जिससे लोग घुटने भर पानी के बीच से आवागमन करने को विवश हैं। वहीं पानी के अंदर डूबे गड्ढों की वजह से राहगीर गिरकर अक्सर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने खराब सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
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यूपी और बिहार को जोड़ने वाले सात किमी लंबे कंदवा ककरैत बाया अदसड़ मार्ग को अच्छे दिन का इंतजार है। मार्ग पर अदसड़ गांव में बने गढ्ढों और उनमें भरे पानी को देखकर लोगों को झील का अहसास होने लगा है। कोई दूसरा रास्ता न होने के चलते विवशा में घुटने भर पानी के बीच होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सामाजिक संस्था अंकुर वेलफेयर सोसायटी के सचिव अजय सिंह का कहना है कि यूपी और बिहार को जोड़ने वाला ककरैत-कंदवा मार्ग कई माह से बदहाल है। लेकिन, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। सड़क खराब होने के चलते किसी इमरजेंसी में भी कोई वाहन वाला इस मार्ग पर आने को तैयार नहीं होता। कहा कि गड्ढा मुक्त अभियान केवल फाइलों में दबा है। क्षेत्र के अजीत सिंह, पिंटू सिंह, राजेश पांडेय,कमलेश सिंह ने मरम्मत की मांग की है।
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नौगढ़। गढ़वा गांव के मार्ग की हालत जर्जर होने से कारण राहगीरों व वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का निर्माण वर्ष 2005 में कराया गया था। गढ़वा, सत्यनारायणपुर, पचकेड़िया मार्ग पर गिट्टी कुटाई में व्यापक मनमानी की गई। ऐसे में सड़क अब पूरी तरह से टूट चुकी है। बारिश होते ही सड़कों पर कीचड़ के बीच होते हुए लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है।आवागमन के समय शरीर व आंखो में खुजली व जलन महसूस होती है। गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते बारिश के समय में किचड़ से सराबोर हो जाते हैं। सड़क खराब होने से इस मार्ग पर चलने वाले यात्रियों के वाहन अक्सर खराब हो जाते हैं। इससे लोगों को यात्रा के लिए पैदल अथवा साइकिल का सहारा लेना पड़ रहा है। मार्ग के सटे गांव के लोगों खासकर स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए सड़क भारी मुसीबत का सबब बन चुका है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर सैकड़ों छोटे बड़े गड्ढे बन गए हैं। जो आए दिन दुर्घटना का कारण बन जा रहे हैं। यहीं मार्ग आगे सोनभद्र को भी जोड़ता है।
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रिपोर्ट-- सुनील सिंह, अशोक जायसवाल
संपादन- सुजीत शुक्ला
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