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गलत मेडिकल रिपोर्ट पर रेकलकर्मी के परिजनों ने किया हंगामा
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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडलीय अस्पताल में मंगलवार को बीमार रेलकर्मी के परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि ड्यूटी करने में असमर्थ रेलकर्मी को स्वस्थ घोषित कर दिया गया। सीएमएस कक्ष में हो हल्ला किए जाने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। बाद में परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया गया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में लिपिक के रूप में तैनात रेलकर्मी लंबे समय से बीमार चल रहा है। हादसे के बाद एक पैर से विकलांग रेलकर्मी के दूसरा पैर भी खराब हो गया है। उसे लोको अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उसे हेरिटेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि रेलकर्मी का दूसरा पैर भी ठीक नहीं हो सकता है। ऐसे में रेलकर्मी ने ड्यूटी से अनफिट होने के लिए आवेदन किया। इस पर मेडिकल टीम ने जांच पड़ताल की लेकिन अन्यायपूर्ण तरीके से फिट कर दिया गया। इससे नाराज होकर रेलकर्मी के परिजनों ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मिश्रा के कक्ष में पहुंच कर हो हल्ला किया। चेतावनी दी कि यदि फिर से सही मेडिकल जांच कर कार्रवाई नही की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके पूर्व परिवारीजनों ने बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में पहुंच कर एक चिकित्सक कक्ष के बाहर हो हल्ला किया था। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि बीमार रेलकर्मी को अनफिट करने के लिए चिकित्सकों की टीम गठित की जाती है। अनफिट होने पर रेलकर्मी के परिवार के सदस्य को नौकरी मिल जाती है। चिकित्सकों की टीम ने रेलकर्मी को फिट पाया। यदि इस रिपोर्ट से रेलकर्मी असंतुष्ट है तो मुख्य चिकित्सा निदेशक के यहां आवेदन कर सकते हैं लेकिन अनावश्यक दबाव बनाने के लिए हो हल्ला किया जा रहा है।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में लिपिक के रूप में तैनात रेलकर्मी लंबे समय से बीमार चल रहा है। हादसे के बाद एक पैर से विकलांग रेलकर्मी के दूसरा पैर भी खराब हो गया है। उसे लोको अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उसे हेरिटेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि रेलकर्मी का दूसरा पैर भी ठीक नहीं हो सकता है। ऐसे में रेलकर्मी ने ड्यूटी से अनफिट होने के लिए आवेदन किया। इस पर मेडिकल टीम ने जांच पड़ताल की लेकिन अन्यायपूर्ण तरीके से फिट कर दिया गया। इससे नाराज होकर रेलकर्मी के परिजनों ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मिश्रा के कक्ष में पहुंच कर हो हल्ला किया। चेतावनी दी कि यदि फिर से सही मेडिकल जांच कर कार्रवाई नही की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके पूर्व परिवारीजनों ने बृहस्पतिवार को भी अस्पताल में पहुंच कर एक चिकित्सक कक्ष के बाहर हो हल्ला किया था। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि बीमार रेलकर्मी को अनफिट करने के लिए चिकित्सकों की टीम गठित की जाती है। अनफिट होने पर रेलकर्मी के परिवार के सदस्य को नौकरी मिल जाती है। चिकित्सकों की टीम ने रेलकर्मी को फिट पाया। यदि इस रिपोर्ट से रेलकर्मी असंतुष्ट है तो मुख्य चिकित्सा निदेशक के यहां आवेदन कर सकते हैं लेकिन अनावश्यक दबाव बनाने के लिए हो हल्ला किया जा रहा है।
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