{"_id":"6175b660d7c35d4ac93f1093","slug":"truck-laden-with-animals-stuck-in-pit-25-cows-got-salvation-chandauli-news-vns619076852","type":"story","status":"publish","title_hn":"गड्ढे में फंसी पशुओं से लदी ट्रक, 25 गोवंश को मिली मुक्ति 18-43-32","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गड्ढे में फंसी पशुओं से लदी ट्रक, 25 गोवंश को मिली मुक्ति 18-43-32
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकारगंज। ट्रक से तस्करी कर पशुओं को बिहार ले जाते समय क्षेत्र के कुसही गांव के समीप रविवार की भोर में ट्रक गड्ढे में फंस गया। काफी मेहनत के बाद ट्रक नहीं निकला और सुबह होने पर तस्कर पशु लदे ट्रक को छोड़ कर भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने पशुओं से भरे ट्रक को कब्जे में लेकर 25 पशुओं को मुक्त करा दिया।वहीं तस्करों की खोजबीन शुरू कर दी है।
पशु तस्करों ने शिकारगंज पुलिस चौकी से बचने के लिए गांव के संपर्क मार्गों को पकड़कर क्षेत्र के कुसही ग्राम पंचायत के रास्ते पशु तस्करी का नया रास्ता अपना लिया है। रविवार को तस्कर मवेशियों से भरे ट्रक को ले जा रहे थे। इसी बीच कुसही गांव के पास सड़क के गड्ढे में ट्रक फंस गया। काफी प्रयास के बाद ट्रक गड्ढे से बाहर नहीं निकला। सुबह का उजाला होने और ग्रामीणों को घर से बाहर निकलते देख ट्रक चालक तथा पशु तस्कर पशुओं से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस चौकी और कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर पशुओं से भरे ट्रक को कब्जे में ले लिया। ट्रक में पशुओं के मुंह तथा शरीर को बेरहमी के साथ बांधकर ले जाया जा रहा था।कोतवाल राजेश यादव ने कहा कि चकिया स्थित ब्लाक परिसर में पशुओं को पुलिस के देख-रेख मे रखा गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर पशु तस्करों के विरू़द्ध मुकदमा दर्ज कर तस्करो की तलाश में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
इनसेट-
पशु आश्रय केंद्र में सरकार चला रही पशु संरक्षण
शिकारगंज। प्रदेश की योगी सरकार ने छुट्टा पशुओं को संरक्षित और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पशु आश्रय केंद्र बनाकर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वही पशु तस्कर अपने क्रूरता से बाज नहीं आ रहे हैं। उनकी तस्करी के लिए तमाम उपायों को लेकर सक्रिय बने हुए हैं। पशुओं से भरा ट्रक कहां से चला और कहां तक जाएगा इसके पीछे के खेल में पुलिस की क्या कवायद है। लोगों की निगाहें टिकी हुई है। जिले में प्रवेश करने के लिए पशु तस्करों का पशुओं से भरे ट्रक मिर्जापुर के अहरौरा और जमालपुर थाना से होकर गुजरता है। पशु तस्करी को लेकर चंदौली जनपद का चकिया कोतवाली तथा उससे जुड़े शिकारगंज, रामपुर पुलिस चौकी गुजरते हुए बिहार प्रांत तक पहुंचता है। पशुओं को बिहार प्रांत के रास्ते गंतव्य तक पहुंचाने में पशु तस्कर बिहार प्रांत के प्रवेश में अपने को सेफ जोन समझते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशु तस्करों ने शिकारगंज पुलिस चौकी से बचने के लिए गांव के संपर्क मार्गों को पकड़कर क्षेत्र के कुसही ग्राम पंचायत के रास्ते पशु तस्करी का नया रास्ता अपना लिया है। रविवार को तस्कर मवेशियों से भरे ट्रक को ले जा रहे थे। इसी बीच कुसही गांव के पास सड़क के गड्ढे में ट्रक फंस गया। काफी प्रयास के बाद ट्रक गड्ढे से बाहर नहीं निकला। सुबह का उजाला होने और ग्रामीणों को घर से बाहर निकलते देख ट्रक चालक तथा पशु तस्कर पशुओं से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस चौकी और कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर पशुओं से भरे ट्रक को कब्जे में ले लिया। ट्रक में पशुओं के मुंह तथा शरीर को बेरहमी के साथ बांधकर ले जाया जा रहा था।कोतवाल राजेश यादव ने कहा कि चकिया स्थित ब्लाक परिसर में पशुओं को पुलिस के देख-रेख मे रखा गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर पशु तस्करों के विरू़द्ध मुकदमा दर्ज कर तस्करो की तलाश में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इनसेट-
पशु आश्रय केंद्र में सरकार चला रही पशु संरक्षण
शिकारगंज। प्रदेश की योगी सरकार ने छुट्टा पशुओं को संरक्षित और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पशु आश्रय केंद्र बनाकर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वही पशु तस्कर अपने क्रूरता से बाज नहीं आ रहे हैं। उनकी तस्करी के लिए तमाम उपायों को लेकर सक्रिय बने हुए हैं। पशुओं से भरा ट्रक कहां से चला और कहां तक जाएगा इसके पीछे के खेल में पुलिस की क्या कवायद है। लोगों की निगाहें टिकी हुई है। जिले में प्रवेश करने के लिए पशु तस्करों का पशुओं से भरे ट्रक मिर्जापुर के अहरौरा और जमालपुर थाना से होकर गुजरता है। पशु तस्करी को लेकर चंदौली जनपद का चकिया कोतवाली तथा उससे जुड़े शिकारगंज, रामपुर पुलिस चौकी गुजरते हुए बिहार प्रांत तक पहुंचता है। पशुओं को बिहार प्रांत के रास्ते गंतव्य तक पहुंचाने में पशु तस्कर बिहार प्रांत के प्रवेश में अपने को सेफ जोन समझते हैं।
विज्ञापन