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हड़ताल के चलते नहीं बंटे सिलेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 18 Sep 2015 01:35 AM IST
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दी रेलवे मेंस कोआपरेटिव से जुड़े रसोई गैस वितरक के ट्राली मैन गुरुवार को
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उचित कमीशन की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर रहे।
इस क्रम में गया कालोनी के मानसरोवर तालाब स्थित कोआपरेटिव स्टोर के समीप ट्राली चालकों ने प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक ट्राली मैनों को उचित कमीशन नहीं दिया जाएगा और उनके साथ हो रहे दुव्यर्वहार नहीं रुकते, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
गौरतलब है कि नगर में एजेसी से जुड़े करीब नौ हजार उपभोक्ता हैं।
गुरुवार की सुबह रसोई गैस लेने के लिए ट्रालीमैन गया कालोनी के मानसरोवर तालाब गए लेकिन उन्होंने सिलेंडरों का उठान नहीं किया और एजेंसी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
ट्रालीमैनों ने कहा कि वे कठिन मेहनत करते हुए घरों तक रसोई गैस सिलेंडर घरों तक पहुंचाते हैं।
इसके एवज में इंडेन गैस की ओर से 18 रुपये कमीशन दिए जाते हैं, परंतु एजेंसी संचालक ट्राली चालकों को भाड़ा नहीं देते हैं। ट्राली चालकों पर ग्राहकों से भाड़ा मांगने को मजबूर किया जाता है।
यही नहीं जब वे ग्राहकों से दस रुपये भाड़ा मांगते हैं तो उनसे किचकिच होती है।
इस महंगाई के जमाने में मात्र दस रुपये भाड़ा में ट्रालीमैनों का खर्च नहीं चल पा रहा है। यदि कोई ट्रालीमैन किसी ग्राहक से बीस रुपये भाड़ा मांग लेता है तो एजेंसी पर उसके साथ बदसूलकी की जाती है।
अधिक धन मांगने पर ग्राहकों पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है और इसके लिए ट्रालीमैनों को ही सुनना पड़ता है। यही नहीं प्रतिमाह भविष्य निधि के नाम पर भी उनसे धन वसूली होती है।
लेकिन कभी भी इसकी रसीद उन्हें नहीं दी जाती है। ऐसे में वे समय से धन की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। एक्सीडेंटल बीमा आदि की भी सुविधा नहीं दी जाती है।
एजेंसी पर अक्सर ही ट्रालीमैनों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
हड़ताल के चलते नगर में सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित रही। जबकि औसतन चार सौ उपभोक्ताओं को सिलेंडरों की रोज आपूर्ति की जाती है। प्रदर्शन करने वालों में सिकंदर, बनारसी यादव, सतीष, नखड़ू, अंबिका, उमाकांत, तोता, रमाकांत, पप्पू, रामविलास, मनटून यादव, श्यामलाल, रामआधार, मेहदी, सरजू, सोनू, संतोष यादव, राजू, जवाहिर आदि रहे।
इस क्रम में गया कालोनी के मानसरोवर तालाब स्थित कोआपरेटिव स्टोर के समीप ट्राली चालकों ने प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक ट्राली मैनों को उचित कमीशन नहीं दिया जाएगा और उनके साथ हो रहे दुव्यर्वहार नहीं रुकते, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
गौरतलब है कि नगर में एजेसी से जुड़े करीब नौ हजार उपभोक्ता हैं।
गुरुवार की सुबह रसोई गैस लेने के लिए ट्रालीमैन गया कालोनी के मानसरोवर तालाब गए लेकिन उन्होंने सिलेंडरों का उठान नहीं किया और एजेंसी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
ट्रालीमैनों ने कहा कि वे कठिन मेहनत करते हुए घरों तक रसोई गैस सिलेंडर घरों तक पहुंचाते हैं।
इसके एवज में इंडेन गैस की ओर से 18 रुपये कमीशन दिए जाते हैं, परंतु एजेंसी संचालक ट्राली चालकों को भाड़ा नहीं देते हैं। ट्राली चालकों पर ग्राहकों से भाड़ा मांगने को मजबूर किया जाता है।
यही नहीं जब वे ग्राहकों से दस रुपये भाड़ा मांगते हैं तो उनसे किचकिच होती है।
इस महंगाई के जमाने में मात्र दस रुपये भाड़ा में ट्रालीमैनों का खर्च नहीं चल पा रहा है। यदि कोई ट्रालीमैन किसी ग्राहक से बीस रुपये भाड़ा मांग लेता है तो एजेंसी पर उसके साथ बदसूलकी की जाती है।
अधिक धन मांगने पर ग्राहकों पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है और इसके लिए ट्रालीमैनों को ही सुनना पड़ता है। यही नहीं प्रतिमाह भविष्य निधि के नाम पर भी उनसे धन वसूली होती है।
लेकिन कभी भी इसकी रसीद उन्हें नहीं दी जाती है। ऐसे में वे समय से धन की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। एक्सीडेंटल बीमा आदि की भी सुविधा नहीं दी जाती है।
एजेंसी पर अक्सर ही ट्रालीमैनों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
हड़ताल के चलते नगर में सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित रही। जबकि औसतन चार सौ उपभोक्ताओं को सिलेंडरों की रोज आपूर्ति की जाती है। प्रदर्शन करने वालों में सिकंदर, बनारसी यादव, सतीष, नखड़ू, अंबिका, उमाकांत, तोता, रमाकांत, पप्पू, रामविलास, मनटून यादव, श्यामलाल, रामआधार, मेहदी, सरजू, सोनू, संतोष यादव, राजू, जवाहिर आदि रहे।