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Chandauli News: चंदौली से तीन बार सांसद रहे आनंद रत्न मौर्य का निधन, अभी तक कोई नहीं तोड़ पाया उनका ये रिकॉर्ड
Sat, 21 Jan 2023 12:01 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
Published by: किरन रौतेला
Updated Sat, 21 Jan 2023 12:01 PM IST
सार
चंदौली के पूर्व सांसद आनंद रत्न मौर्य पिछले काफी समय से किड्नी की बीमारी से ग्रस्त थे और इन दिनों दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में उनका डायलिसिस चल रहा था इसी दौरान शुक्रवार देर रात उन्होंने अपनी आखिरी सांसें ली। आनंद मौर्य की गिनती मृदुभाषी व विनम्र स्वभाव के नेताओं में होती थी जिसके फलस्वरूप वह चंदौली से लगातार तीन बार जीतने में सफल रहे थे। आनंद रत्न मौर्य का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव, बनारस स्थित चिरईगांव लाया जा रहा है।
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चंदौली से तीन बार सांसद रहे आनंद रत्न मौर्य का निधन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंदौली लोकसभा से लगातार तीन बार भाजपा के टिकट पर सांसद रहे आनंद रत्न मौर्य का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। आनंद चंदौली लोकसभा से लगातार तीन बार (1991, 96, 98) सांसद बनकर एक कीर्तिमान बनाया था जिसे चंदौली लोकसभा में आज तक कोई भी नहीं तोड़ पाया है। पूर्व सांसद आनंद, पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में चंदौली के काफी चर्चित चेहरे रहे थे।
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चंदौली के पूर्व सांसद आनंद रत्न मौर्य पिछले काफी समय से किड्नी की बीमारी से ग्रस्त थे और इन दिनों दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में उनका डायलिसिस चल रहा था इसी दौरान शुक्रवार देर रात उन्होंने अपनी आखिरी सांसें ली। आनंद मौर्य की गिनती मृदुभाषी व विनम्र स्वभाव के नेताओं में होती थी जिसके फलस्वरूप वह चंदौली से लगातार तीन बार जीतने में सफल रहे थे। आनंद रत्न मौर्य का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव, बनारस स्थित चिरईगांव लाया जा रहा है।
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आनंद रत्न मौर्य ने चंदौली लोकसभा से कुल पांच बार सांसद का चुनाव लड़ा था जिसमें 1991 से 98 तक लगातार तीन बार भाजपा से सांसद रहे वहीं 1999 के लोकसभा चुनाव में लगातार चौथी बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन आनंद को सपा के जवाहर लाल जायसवाल से हार का सामना करना पड़ा था । जिसके कुछ समय बाद उन्होंने भाजपा का दामन छोड़ दिया था। वहीं पांचवी बार 2004 का लोकसभा चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा था लेकिन उन्हे बहुजन समाज पार्टी के कैलाश नाथ सिंह यादव ने हरा दिया। जिसके उपरांत आनंद 2007 में एक बार फिर भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के उत्थान के लिए कई महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य किया । इस दौरान उन्होंने 2015 से 2017 तक भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर भी कार्य किया था। इन दिनों वह सक्रिय राजनीति से अलग हो गए थे।
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