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Chandauli News: पीडीडीयू नगर चकिया मार्ग पर बह रहा तीन फुट पानी
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बारिश का पानी एकत्रित होने के बाद मूसाखाड बांध का रौद्र नजारा। संवाद
पीडीडीयू नगर। जिले में शुक्रवार की रात हुई बारिश से पहाड़ी नदियों में उफान आ गया। बांधों से ओवरफ्लो होने के कारण पानी लगातार नदियों में छोड़ा जा रहा है। इससे नदियों के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया। जिले के 30 से अधिक गांव गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मुगलसराय चकिया मार्ग पर 3 फुट पानी बह रहा है। इससे मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। डीएम चंद्र मोहन गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों का भ्रमण किया और राहत पहुंचाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
जिले में शुक्रवार की रात तेज बारिश हुई। इसके कारण बांधों में लबालब पानी भर गया। बांधों में पानी को मेंटेन रखने के लिए फाटक खोलकर नदियों में पानी बहाना शुरू किया गया। रविवार को भी जिले के नौगढ़, मूसाखाड़, चंद्रप्रभा बांध से 10-10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे पहाड़ी नदियों में उफान आ गया और इसके तटवर्ती इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है।
इसके पूर्व बांधों से पानी छोड़ने के कारण चंद्रप्रभा नदी उफान पर आ गया और इससे बबुरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति आ गई। पीडीडीयू नगर चकिया मार्ग पर तीन फुट पानी बहने के कारण इस मार्ग पर वाहनेां का आवागमन रोक दिया गया। चकिया के तरफ से आने वाले सभी वाहन गौडिहार चौराहा से जिवनाथपुर, पटनवां, टेंगरा मोड, होते हुए वाराणसी और पीडीडीयू नगर की तरफ गए।
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इलिया संवाददाता के अनुसार शहाबगंज कस्बा में बस स्टैंड के पास लेवा–इलिया मार्ग पर बरसात होते ही सड़क तालाब में बदल गई। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने सड़क किनारे नाली तो बना दी, लेकिन निकासी की व्यवस्था अच्छी नहीं की। विभागीय अधिकारियों से बार-बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। चंदौली संवाददाता के अनुसार कर्मनाशा नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण चंदौली सदर ब्लाॅक के धरौली गांव के सोनकर बस्ती में पानी घुस गया। इससे कच्चे मकान में रखे हुए राशन पानी बिस्तर आदि डूब गए। बस्ती के लोग घरों को छोड़ कर सड़क के किनारे टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
अरविंद सोनकर, प्रकाश सोनकर, रज्जो सोनकर, पार्वती सोनकर व रघु सोनकर आदि के घरों में पानी भर जाने से मवेशियों और अपने रहने के लिए बने हुए घरों में बेहाल हो गए। उन्होंने पास के विद्यालय में शरण ली। जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव क्षेत्र का भ्रमण कर जिला प्रशासन से बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। चकिया और शिकारगंज क्षेत्र में दो दिनों की हुई बरसात के कारण बांध बंधियों के उफान के कारण चंद्रप्रभा नदी का पानी रौद्र रूप धारण कर लिया है। इसकी चपेट में आने से क्षेत्र के सिकंदरपुर, मवैया, चितौडी, कोदोचक, सिकठिया के साथ ही भैसही, करेमुआ, नसरथा, भावपुर, सोता, बसनीया, ददरा, कुर्थिया, भुडकुडा, दुदे सहित अन्य गांव पुरी तरह से बाढ के पानी की चपेट में आ गया है। शिकारगंज क्षेत्र में गरई नदी में पानी उफान पर होने के कारण अमरा दक्षिणी गांव के पास जर्जर पुल से आवागमन पिछले 24 घंटे से ठप है। वही क्षेत्र में आधा दर्जन गांव भी पानी के चपेट में आ गया है।
कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
कंदवा। लगातार हो रही बारिश और बांधों का पानी कर्मनाशा नदी में छोड़े जाने से नदी में उफान आ गया है। इससे नदी के तटवर्ती गांवों करौती, ककरैत, अदसड़, अरंगी, लोहरा, पोखरा-धनाइतपुर, कुंवा, मुड्डा, दैथा, चिरईगांव और चारी आदि गांवों और सिवान में बाढ़ का पानी घुस गया है।
क्षेत्र में कर्मनाशा नदी में छोड़े जाने से अरंगी, लोहरा, कुंवा, अदसड़, ककरैत, करौती,पोखरा धनाइतपुर, मुड्डा, चारी, चिरईगांव आदि गांवों के सीवान में अरहर, ज्वार,बाजरा, सब्जी व धान की फसलें डूब गई हैं। वहीं लोहरा-अरंगी मार्ग, अरंगी- धनाइतपुर मुड्डा मार्ग,ककरैत अदसड़ मार्ग पर जगह जगह पानी बह रहा है। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित है। नदी के बढ़ाव से लोग भयभीत हैं।
कर्मनाशा नदी के उफान पर होने और नदी का पानी तेजी से निचले हिस्सों में फैलने से भयभीत लोग अपना बोरिया बिस्तर समेट कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। अरंगी गांव में तो पानी गलियों के रास्ते घरों में घुस गया है। पानी के चलते लोहरा अरंगी, अरंगी धनाइतपुर मुड्डा मार्ग की सड़क दिख ही नहीं रही है। मार्ग पर लगभग चार फीट पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।इससे लोग परेशान हैं। बीडीओ बरहनी रत्नेश सिंह का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों के मदद के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
पीडीडीयू नगर। पहाड़ी नदियों में उफान के बाद तटवर्ती इलाके में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए रविवार को डीएम चंद्र मोहन गर्ग के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांवों में पहुंचे। बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर पीड़ितों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण चंद्रप्रभा डैम से लगभग दस हजार क्यूसेक पानी और नौगढ़ डैम से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके कारण लगभग 15 गांव प्रभावित हुआ है। रविवार को चकिया के भाजपा विधायक चकिया कैलाश आचार्य, डीएम चंद्र मोहन गर्ग, एसपी आदित्य लांग्हे द्वारा डैम ने तटबंधों का निरीक्षण करते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं एवं राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की निगरानी नियमित रूप से की जाए। डीएम ने कहा कि जो गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को गांव से पुलिस-प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट गया है। जिन्हें प्रशासन की तरफ से सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिया कि दैवीय आपदा की इस घड़ी में शासन प्रशासन पूरी तरह से मदद करने के लिए तत्पर है। इसके अलावा पशुओं हेतु भूसा चोकर सहित मेडिसिन उपलब्धता सुनिश्चित किया गया है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ वाईके राय, एसडीएम चकिया विनय कुमार मिश्र, एक्सईसन चंद्रप्रभा, एई बंधी मनोज पटेल, सीओ रघुराज, कोतवाल अर्जुन सिंह आदि रहे।
नौगढ़। स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत जयमोहनी पोस्ता, गोलाबाद, नरकटी गांव में जलभराव और बंधी टूटने की समस्या को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को एडीएम रतन वर्मा ने नरकटी गांव की बंधी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंधी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एडीएम ने बंधी विभाग के एडीएम को निर्देश दिया कि बंधी के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। इसके बाद एडीएम ने गोलाबाद बंधी का भी निरीक्षण किया।
शहाबगंज। बारिश के बाद मूसाखाड बांध के सभी आठों गेट खोल दिया गया है। इसके कारण कर्मनाशा नदी के जलस्तर में बड़ी तेजी से वृद्धि हो रही है। पानी के बढ़ते जल स्तर के कारण निचले क्षेत्रों में पानी घुस गया है। ऐसे में नीचले इलाकों में बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है।
बाढ़ को देखते हुए क्षेत्र के केरायगांव और जेगूरी गांव के लोगों को एलर्ट कर दिया गया है। वहीं कर्मनाशा नदी पर बने पुल पर बाढ़ देखने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के निचले हिस्से में स्थित गांव केरायगाव, जेंगुरी, सवैया, परासी, भुसीकृतपुरवां, भोड़सर व स्थानीय कस्बा के नदी किनारे निवास करने वाले लोग बाढ़ को लेकर भयभीत हैं।
चकिया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई ने बारिश को देखकर सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में अवकाश रखने की अपील उप जिलाधिकारी चकिया से की। अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि पूरे जनपद चंदौली के समस्त मुख्य मार्ग, लिंक मार्ग, चकिया अहरौरा मार्ग, चकिया मुगलसराय मार्ग पूरी तरह भारी बारिश के कारण जलमग्न हो चुके हैं। संघ ने चकिया के प्राथमिक विद्यालय मुसाहीबपुर के पास पहुंचकर गरला गांव के पास जलमग्न क्षेत्र के पास निरीक्षण कर रहे एसडीएम विनय कुमार मिश्रा से मिलकर प्राथमिक विद्यालयों को बंद रखने की मांग की। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अजय गुप्ता, बाबूलाल, अनिल यादव, अशोक प्रजापति, अजीत पटेल, संदीप मौर्य, अमित मौर्य, जैसल आदि मौजूद रहे। संवाद
नौगढ़। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसी क्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाघी को अस्थायी बाढ़ शरणालय राहत चौकी के रूप में स्थापित किया गया है। इस राहत केंद्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रधानपति दीपक गुप्ता ने जानकारी दी कि जिन ग्रामीणों को बाढ़ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वे जब तक पानी की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इस राहत चौकी में आकर सुरक्षित रूप से रह सकते हैं। एसडीएम विकास मित्तल ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल सहायता और सुरक्षित आश्रय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शहाबगंज / इलिया। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। शहाबगंज क्षेत्र के अमांव गांव में बीती रात मूसलाधार वर्षा के कारण कई मकान गिर गए। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे। क्षेत्र में दुलारे शर्मा, धनंजय जायसवाल, मुन्नी देवी सहित कई लोगों के मकान बारिश से गिर गए। इन परिवारों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल मनीष गुप्ता मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया। पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता ने पीड़ित परिवारों की माली हालत को देखते हुए तहसील प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। इलिया में मंगल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पास स्थित गोवर्धन चौहान का कच्चा मकान बारिश के कारण ढह गया ।इसी तरह थाना क्षेत्र के बराव गांव निवासिनी जीयुति देवी का भी घर शनिवार की रात बारिश के कारण ढह गया। ग्राम प्रधान अभय सिंह ने तहसील प्रशासन से आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
बाढ़ प्रभावित सदर तहसील के तीन गांवों का लिया जायजा
पीडीडीयू नगर। सदर तहसील के तीन गांवों में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल और एसडीएम ने क्षेत्र के नगई, नवाबपुर और दुदे गांव में पहुंच कर निरीक्षण किया। विधायक रमेश जायसवाल ने कच्चे मकान में रहने लोगों से अपील करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का आहवान किया। विधायक ने आश्वासन दिया कि जिनके कच्चे मकान गिर गए हैं या कच्चे मकान है उन्हें मुख्यमंत्री आवास का लाभ मिलेगा। बताया कि क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है।
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जिले में शुक्रवार की रात तेज बारिश हुई। इसके कारण बांधों में लबालब पानी भर गया। बांधों में पानी को मेंटेन रखने के लिए फाटक खोलकर नदियों में पानी बहाना शुरू किया गया। रविवार को भी जिले के नौगढ़, मूसाखाड़, चंद्रप्रभा बांध से 10-10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे पहाड़ी नदियों में उफान आ गया और इसके तटवर्ती इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है।
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इसके पूर्व बांधों से पानी छोड़ने के कारण चंद्रप्रभा नदी उफान पर आ गया और इससे बबुरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति आ गई। पीडीडीयू नगर चकिया मार्ग पर तीन फुट पानी बहने के कारण इस मार्ग पर वाहनेां का आवागमन रोक दिया गया। चकिया के तरफ से आने वाले सभी वाहन गौडिहार चौराहा से जिवनाथपुर, पटनवां, टेंगरा मोड, होते हुए वाराणसी और पीडीडीयू नगर की तरफ गए।
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इलिया संवाददाता के अनुसार शहाबगंज कस्बा में बस स्टैंड के पास लेवा–इलिया मार्ग पर बरसात होते ही सड़क तालाब में बदल गई। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने सड़क किनारे नाली तो बना दी, लेकिन निकासी की व्यवस्था अच्छी नहीं की। विभागीय अधिकारियों से बार-बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। चंदौली संवाददाता के अनुसार कर्मनाशा नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण चंदौली सदर ब्लाॅक के धरौली गांव के सोनकर बस्ती में पानी घुस गया। इससे कच्चे मकान में रखे हुए राशन पानी बिस्तर आदि डूब गए। बस्ती के लोग घरों को छोड़ कर सड़क के किनारे टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
अरविंद सोनकर, प्रकाश सोनकर, रज्जो सोनकर, पार्वती सोनकर व रघु सोनकर आदि के घरों में पानी भर जाने से मवेशियों और अपने रहने के लिए बने हुए घरों में बेहाल हो गए। उन्होंने पास के विद्यालय में शरण ली। जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव क्षेत्र का भ्रमण कर जिला प्रशासन से बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। चकिया और शिकारगंज क्षेत्र में दो दिनों की हुई बरसात के कारण बांध बंधियों के उफान के कारण चंद्रप्रभा नदी का पानी रौद्र रूप धारण कर लिया है। इसकी चपेट में आने से क्षेत्र के सिकंदरपुर, मवैया, चितौडी, कोदोचक, सिकठिया के साथ ही भैसही, करेमुआ, नसरथा, भावपुर, सोता, बसनीया, ददरा, कुर्थिया, भुडकुडा, दुदे सहित अन्य गांव पुरी तरह से बाढ के पानी की चपेट में आ गया है। शिकारगंज क्षेत्र में गरई नदी में पानी उफान पर होने के कारण अमरा दक्षिणी गांव के पास जर्जर पुल से आवागमन पिछले 24 घंटे से ठप है। वही क्षेत्र में आधा दर्जन गांव भी पानी के चपेट में आ गया है।
कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
कंदवा। लगातार हो रही बारिश और बांधों का पानी कर्मनाशा नदी में छोड़े जाने से नदी में उफान आ गया है। इससे नदी के तटवर्ती गांवों करौती, ककरैत, अदसड़, अरंगी, लोहरा, पोखरा-धनाइतपुर, कुंवा, मुड्डा, दैथा, चिरईगांव और चारी आदि गांवों और सिवान में बाढ़ का पानी घुस गया है।
क्षेत्र में कर्मनाशा नदी में छोड़े जाने से अरंगी, लोहरा, कुंवा, अदसड़, ककरैत, करौती,पोखरा धनाइतपुर, मुड्डा, चारी, चिरईगांव आदि गांवों के सीवान में अरहर, ज्वार,बाजरा, सब्जी व धान की फसलें डूब गई हैं। वहीं लोहरा-अरंगी मार्ग, अरंगी- धनाइतपुर मुड्डा मार्ग,ककरैत अदसड़ मार्ग पर जगह जगह पानी बह रहा है। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित है। नदी के बढ़ाव से लोग भयभीत हैं।
कर्मनाशा नदी के उफान पर होने और नदी का पानी तेजी से निचले हिस्सों में फैलने से भयभीत लोग अपना बोरिया बिस्तर समेट कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। अरंगी गांव में तो पानी गलियों के रास्ते घरों में घुस गया है। पानी के चलते लोहरा अरंगी, अरंगी धनाइतपुर मुड्डा मार्ग की सड़क दिख ही नहीं रही है। मार्ग पर लगभग चार फीट पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।इससे लोग परेशान हैं। बीडीओ बरहनी रत्नेश सिंह का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों के मदद के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
पीडीडीयू नगर। पहाड़ी नदियों में उफान के बाद तटवर्ती इलाके में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए रविवार को डीएम चंद्र मोहन गर्ग के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांवों में पहुंचे। बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर पीड़ितों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण चंद्रप्रभा डैम से लगभग दस हजार क्यूसेक पानी और नौगढ़ डैम से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके कारण लगभग 15 गांव प्रभावित हुआ है। रविवार को चकिया के भाजपा विधायक चकिया कैलाश आचार्य, डीएम चंद्र मोहन गर्ग, एसपी आदित्य लांग्हे द्वारा डैम ने तटबंधों का निरीक्षण करते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं एवं राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की निगरानी नियमित रूप से की जाए। डीएम ने कहा कि जो गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को गांव से पुलिस-प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट गया है। जिन्हें प्रशासन की तरफ से सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिया कि दैवीय आपदा की इस घड़ी में शासन प्रशासन पूरी तरह से मदद करने के लिए तत्पर है। इसके अलावा पशुओं हेतु भूसा चोकर सहित मेडिसिन उपलब्धता सुनिश्चित किया गया है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ वाईके राय, एसडीएम चकिया विनय कुमार मिश्र, एक्सईसन चंद्रप्रभा, एई बंधी मनोज पटेल, सीओ रघुराज, कोतवाल अर्जुन सिंह आदि रहे।
नौगढ़। स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत जयमोहनी पोस्ता, गोलाबाद, नरकटी गांव में जलभराव और बंधी टूटने की समस्या को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को एडीएम रतन वर्मा ने नरकटी गांव की बंधी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंधी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एडीएम ने बंधी विभाग के एडीएम को निर्देश दिया कि बंधी के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। इसके बाद एडीएम ने गोलाबाद बंधी का भी निरीक्षण किया।
शहाबगंज। बारिश के बाद मूसाखाड बांध के सभी आठों गेट खोल दिया गया है। इसके कारण कर्मनाशा नदी के जलस्तर में बड़ी तेजी से वृद्धि हो रही है। पानी के बढ़ते जल स्तर के कारण निचले क्षेत्रों में पानी घुस गया है। ऐसे में नीचले इलाकों में बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है।
बाढ़ को देखते हुए क्षेत्र के केरायगांव और जेगूरी गांव के लोगों को एलर्ट कर दिया गया है। वहीं कर्मनाशा नदी पर बने पुल पर बाढ़ देखने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के निचले हिस्से में स्थित गांव केरायगाव, जेंगुरी, सवैया, परासी, भुसीकृतपुरवां, भोड़सर व स्थानीय कस्बा के नदी किनारे निवास करने वाले लोग बाढ़ को लेकर भयभीत हैं।
चकिया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई ने बारिश को देखकर सोमवार को परिषदीय विद्यालयों में अवकाश रखने की अपील उप जिलाधिकारी चकिया से की। अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि पूरे जनपद चंदौली के समस्त मुख्य मार्ग, लिंक मार्ग, चकिया अहरौरा मार्ग, चकिया मुगलसराय मार्ग पूरी तरह भारी बारिश के कारण जलमग्न हो चुके हैं। संघ ने चकिया के प्राथमिक विद्यालय मुसाहीबपुर के पास पहुंचकर गरला गांव के पास जलमग्न क्षेत्र के पास निरीक्षण कर रहे एसडीएम विनय कुमार मिश्रा से मिलकर प्राथमिक विद्यालयों को बंद रखने की मांग की। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अजय गुप्ता, बाबूलाल, अनिल यादव, अशोक प्रजापति, अजीत पटेल, संदीप मौर्य, अमित मौर्य, जैसल आदि मौजूद रहे। संवाद
नौगढ़। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसी क्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाघी को अस्थायी बाढ़ शरणालय राहत चौकी के रूप में स्थापित किया गया है। इस राहत केंद्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रधानपति दीपक गुप्ता ने जानकारी दी कि जिन ग्रामीणों को बाढ़ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वे जब तक पानी की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक इस राहत चौकी में आकर सुरक्षित रूप से रह सकते हैं। एसडीएम विकास मित्तल ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल सहायता और सुरक्षित आश्रय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शहाबगंज / इलिया। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। शहाबगंज क्षेत्र के अमांव गांव में बीती रात मूसलाधार वर्षा के कारण कई मकान गिर गए। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे। क्षेत्र में दुलारे शर्मा, धनंजय जायसवाल, मुन्नी देवी सहित कई लोगों के मकान बारिश से गिर गए। इन परिवारों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल मनीष गुप्ता मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया। पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता ने पीड़ित परिवारों की माली हालत को देखते हुए तहसील प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। इलिया में मंगल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पास स्थित गोवर्धन चौहान का कच्चा मकान बारिश के कारण ढह गया ।इसी तरह थाना क्षेत्र के बराव गांव निवासिनी जीयुति देवी का भी घर शनिवार की रात बारिश के कारण ढह गया। ग्राम प्रधान अभय सिंह ने तहसील प्रशासन से आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
बाढ़ प्रभावित सदर तहसील के तीन गांवों का लिया जायजा
पीडीडीयू नगर। सदर तहसील के तीन गांवों में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल और एसडीएम ने क्षेत्र के नगई, नवाबपुर और दुदे गांव में पहुंच कर निरीक्षण किया। विधायक रमेश जायसवाल ने कच्चे मकान में रहने लोगों से अपील करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का आहवान किया। विधायक ने आश्वासन दिया कि जिनके कच्चे मकान गिर गए हैं या कच्चे मकान है उन्हें मुख्यमंत्री आवास का लाभ मिलेगा। बताया कि क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है।