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जनपद में डायलिसिस की नहीं है कहीं व्यवस्था, भटकते हैं मरीज

Wed, 09 Mar 2022 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2022 11:34 PM IST
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There is no system of dialysis in the district, patients wander
चंदौली। धान का कटोरा के रूप में प्रसिद्ध चंदौली स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी पिछड़ा हुआ है। यहां किडनी मरीजों की प्राथमिक जांच तो होती है पर जिला अस्पताल में अभी तक डायलिसिस की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से मरीजों को डायलिसिस के लिए वाराणसी, लखनऊ और अन्य जनपदों में भटकना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डायलिसिस के लिए 10 बेड का प्रस्ताव काफी पहले भेजा जा चुका है पर अभी तक कुछ आदेश नहीं मिला है। ऐसे में दिक्कत जिले के किडनी रोगियों को है।जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.संजय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में औसतन रोजाना एक किडनी के मरीज आते हैं। उनको जरूर सलाह और दवा दी जाती है।
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चंदौली। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मोटापे के साथ जंकफूड का ज्यादा इस्तेमाल करना किडनी को नुकसान पहुंचाने की तरफ दावत देने जैसा होता है। ऐसे में अनियमित दिनचर्या के साथ जल्द ही गुस्सा करने की आदत सचेत होने की ओर संकेत करती है। लगातार लापरवाही बरतने से किडनी पूरी तरह से खराब हो सकती है। नियमित दिनचर्या के साथ जंकफूड के बजाय कम मसाले वाले आहार के सेवन की जरूरत है। योगा के साथ डायंबिटीज और गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी है।डॉ. संजय ने बताया कि वास्तव में किडनी शरीर के अंदर एकत्र होने वाले विषैले पदार्थों को छानने का काम करती है। मसलन, यूरिया व यूरिक एसिड को छानकर बाहर निकालती है। इसके अलावा उपयोगी पोषक पदार्थ जैसे अमीनो एसिड, ग्लूकोज, सोडियम व पोटेशियम क्लोराइड व अन्य जरूरी पदार्थों को बाहर जाने से रोकती भी है। इन पदार्थों को रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाता है। वहीं जंकफूड व ज्यादा मसालेदार खाने को पूरी तरह से नहीं पचा पाने के कारण उसके पदार्थों को छानने में भी दिक्कत आती है।
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चंदौली। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके वर्मा ने कहा कि अक्सर लोग शरीर में मामूली दर्द होने पर भी दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर लेते हैं। कई बार बिना डॉक्टर से परामर्श लिए भी लगातार दर्द निवारक दवाएं ले लेते हैं। ये दवाएं किडनी को खराब करने में काफी अहम भूमिका निभाती हैं। इसी तरह विभिन्न प्रकार भस्म का सेवन भी खतरनाक है। किडनी में खराबी आने के लक्षण हाथ व पैर में अनियमित सूजन का आना, रुक-रुककर पेशाब का आना, रात में कई बार पेशाब का आना, उच्च रक्तचाप का होना है।
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चंदौली। किडनी को सुरक्षित रखने के लिए मरीज नियमित व्यायाम और सायकिलिंग करें, डायबिटीज पर नियंत्रण रखें, समय-समय पर जांच कराए, मोटापे पर नियंत्रण करें, जंकफूड व रेस्तरां में खाने से बचें व स्मोकिंग से परहेज करें। साथ ही अगर नजदीक में कोई स्मोकिंग कर रहा हो तो भी दूर रहें। वहीं दर्द निवारक दवाएं डॉक्टर से बिना परामर्श के न लें।

जिला अस्पताल में किडनी मरीजों का उपचार होता है पर डायलिसिस की व्यवस्था नहीं हो सकी है। एक वर्ष पूर्व ही डायलिसिस के लिए 10 बेड का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जैसे ही आदेश आएगा, यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।-उर्मिला सिंह, सीएमएस, पं. कमलापति जिला चिकित्सालय, चंदौली
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