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हिंसा और आतंक के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं : मौलाना जाफर रिजवी
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चंदौली में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित मजलिस में भाईचारे के संदेशदेते मौलाना जाफ़र अली रिज़वी। स्
जिला मुख्यालय पर मुहर्रम माह के अवसर पर आयोजित मजलिस में शुक्रवार को मौलाना जाफ़र अली रिज़वी ने कहा कि इस्लाम में हिंसा, आतंक और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि पैगंबर -ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद मुस्तफा का स्पष्ट संदेश है कि मुसलमान का आचरण ऐसा हो जिससे उसके पड़ोसी तक को किसी प्रकार की तकलीफ या ठेस न पहुंचे।
मौलाना ने कहा कि आज दुनिया को सबसे अधिक जरूरत इंसानियत, आपसी सम्मान और सद्भाव की है। इस्लाम प्रेम, करुणा, सच्चाई और सामाजिक जिम्मेदारी का धर्म है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों की पहचान उनके अच्छे व्यवहार, ईमानदारी और मानव सेवा से होनी चाहिए, न कि किसी प्रकार की कट्टरता या हिंसा से।
मौलाना ने कहा कि मुहर्रम केवल शोक का महीना नहीं, बल्कि सब्र, त्याग और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का प्रतीक है। कर्बला का संदेश पूरी मानवता के लिए है।
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वहीं एलही से आई अंजुमन गुलजार ए पंजतनी और डिग्गी की अंजुमन ने भी मसायबी नौहा और सीनाजनी पेश कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मजलिस में मायल चंदौलवी, वकार सुल्तानपुरी, शाहिद बनारसी और ताबिश ने पेशख्वानी कर रूहानी माहौल को और प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर नफीस, सलमान, फैजान, मोहम्मद रजा, वसीम, मोहम्मद वैस, मोहम्मद वासिफ, आसिफ, रेयाज राइन, हसन मेहदी, अज्मी, बज्मी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि पैगंबर -ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद मुस्तफा का स्पष्ट संदेश है कि मुसलमान का आचरण ऐसा हो जिससे उसके पड़ोसी तक को किसी प्रकार की तकलीफ या ठेस न पहुंचे।
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मौलाना ने कहा कि आज दुनिया को सबसे अधिक जरूरत इंसानियत, आपसी सम्मान और सद्भाव की है। इस्लाम प्रेम, करुणा, सच्चाई और सामाजिक जिम्मेदारी का धर्म है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों की पहचान उनके अच्छे व्यवहार, ईमानदारी और मानव सेवा से होनी चाहिए, न कि किसी प्रकार की कट्टरता या हिंसा से।
मौलाना ने कहा कि मुहर्रम केवल शोक का महीना नहीं, बल्कि सब्र, त्याग और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का प्रतीक है। कर्बला का संदेश पूरी मानवता के लिए है।
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वहीं एलही से आई अंजुमन गुलजार ए पंजतनी और डिग्गी की अंजुमन ने भी मसायबी नौहा और सीनाजनी पेश कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मजलिस में मायल चंदौलवी, वकार सुल्तानपुरी, शाहिद बनारसी और ताबिश ने पेशख्वानी कर रूहानी माहौल को और प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर नफीस, सलमान, फैजान, मोहम्मद रजा, वसीम, मोहम्मद वैस, मोहम्मद वासिफ, आसिफ, रेयाज राइन, हसन मेहदी, अज्मी, बज्मी आदि मौजूद रहे।