{"_id":"587fc95b4f1c1ba73feff3d8","slug":"then-spread-the-rumor-of-leopard","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर फैली तेंदुए की अफवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर फैली तेंदुए की अफवाह
chandauli
Updated Thu, 19 Jan 2017 01:30 AM IST
विज्ञापन
मरे बछड़े को देखने को जुटी भीड़।
- फोटो : chandauli
स्थानीय रेलवे के अप यार्ड के समीप एक मैदान में बुधवार की सुबह नील गाय के बछड़े का शव मिलने से क्षेत्र में तेंदुए के मौजूदगी की अफवाह एक बार फिर फैल गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव का मुआयना कर इस निर्णय पर पहुंची कि हमला तेंदुए द्वारा नहीं बल्कि लकड़बग्घे या फिर जंगली सियार का है। शिकार करने वाले जानवर की पड़ताल के लिए बछड़े का शव को पोस्टमार्टम के लिए नियामताबाद ब्लाक स्थित पशु चिकित्सालय भेज दिया गया।
मुगलसराय रेलवे यार्ड के समीप के एक मैदान से बुधवार की सुबह कुछ लोग गुजर रहे थे। उसी दौरान लोगों ने नील गाय के बछड़े का शव देखा जो कि किसी जानवर द्वारा खाया हुआ था। जिसके बाद क्षेत्र में तेंदुऐ के मौजूदगी की अफवाह फैल गयी और बछड़े को देखने के लिए लोगों का मजमा लग गया। मौके पर पहुंचे वन रेंजर मुगलसराय आरएस यादव, उप वन रेंजर रामाप्रसाद, वन दरोगा पन्ना लाल सोनकर, राजवीर सिंह, वन रक्षक पवन कुमार सिंह, बेचू ने शव का मुआयना किया। रेंजर आरएस यादव ने बताया कि शिकार करने आैर खाने से यह प्रतीत होता है कि शिकार तेंदुए ने नहीं बल्कि सियार या लकड़बग्घे जैसे जानवार ने किया है।
विज्ञापन
मुगलसराय रेलवे यार्ड के समीप के एक मैदान से बुधवार की सुबह कुछ लोग गुजर रहे थे। उसी दौरान लोगों ने नील गाय के बछड़े का शव देखा जो कि किसी जानवर द्वारा खाया हुआ था। जिसके बाद क्षेत्र में तेंदुऐ के मौजूदगी की अफवाह फैल गयी और बछड़े को देखने के लिए लोगों का मजमा लग गया। मौके पर पहुंचे वन रेंजर मुगलसराय आरएस यादव, उप वन रेंजर रामाप्रसाद, वन दरोगा पन्ना लाल सोनकर, राजवीर सिंह, वन रक्षक पवन कुमार सिंह, बेचू ने शव का मुआयना किया। रेंजर आरएस यादव ने बताया कि शिकार करने आैर खाने से यह प्रतीत होता है कि शिकार तेंदुए ने नहीं बल्कि सियार या लकड़बग्घे जैसे जानवार ने किया है।
विज्ञापन