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Chandauli News: तो जलभराव की समस्या से जूझेगी दो लाख की आबादी
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पीडीडीयू नगर। मानसून आने में चंद दिन बाकी हैं लेकिन अभी तक नगर के नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू नहीं हो पाया। नालियां सिल्ट से बजबजा रही हैं तो मुख्य नाले भी जगह-जगह जाम हैं। सिक्स लेन निर्माण में क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत नहीं कराई गई। नगर पालिका और रेलवे प्रशासन की लापरवाही से नगर की दो लाख की आबादी को बरसात में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। जून माह के मध्य से मानसून की शुरुआत होती है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार 21 जून से मानसून आ जाएगा। इसके पहले 15 अथवा 16 जून को प्री मानसूनी बारिश होगी। मानसून आने से पहले पालिका की ओर से नगर क्षेत्र में नालियों की सफाई करा ली जाती है। इस बार अभी तक नालियों की सफाई नहीं कराई गई। नगर के 25 वार्डों में दो लाख की आबादी रहती है। इसमें चंदासी, गिधौली, कैलाशुपरी, सुभाष नगर, पटेल नगर, कसाब महाल, ईस्टर्न बाजार, अलीगनर, बिछड़ी, कालीमहाल, चतुर्भुजपुर में नालियों की सफाई का काम अधूरा है।
इनसेट-
रेलवे के नाले की भी नहीं शुरू हुई सफाई
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका के नाले का पानी रेलवे का नाला होकर कैली में गंगा में गिरता है। इसकी भी सफाई अभी तक रेलवे की ओर से नहीं कराई गई है। रेलवे के 17 कॉलोनियों और रेलवे यार्ड के पानी की निकासी के लिए रेलवे की ओर से नाले का निर्माण कराया गया है। रेलवे कॉलोनी से बाहर निकलने पर इसमें नगर का नाला जुड़ जाता है। इस तरह इस नाले से करीब 40 एमएलडी पानी गंगा नदी में जाता है। इसमें 15 एमएलडी रेलवे का और 25 एमएलडी नगर का पानी होता है। मुख्य नाले की सफाई मई माह में करा ली जाती थी लेकिन इस बार अभी तक रेल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। यदि समय से नाले की सफाई नहीं कराई गई तो रेलवे कॉलोनियों में जलभराव होगा।
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इनसेट-
रेलवे के नाले की भी नहीं शुरू हुई सफाई
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका के नाले का पानी रेलवे का नाला होकर कैली में गंगा में गिरता है। इसकी भी सफाई अभी तक रेलवे की ओर से नहीं कराई गई है। रेलवे के 17 कॉलोनियों और रेलवे यार्ड के पानी की निकासी के लिए रेलवे की ओर से नाले का निर्माण कराया गया है। रेलवे कॉलोनी से बाहर निकलने पर इसमें नगर का नाला जुड़ जाता है। इस तरह इस नाले से करीब 40 एमएलडी पानी गंगा नदी में जाता है। इसमें 15 एमएलडी रेलवे का और 25 एमएलडी नगर का पानी होता है। मुख्य नाले की सफाई मई माह में करा ली जाती थी लेकिन इस बार अभी तक रेल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। यदि समय से नाले की सफाई नहीं कराई गई तो रेलवे कॉलोनियों में जलभराव होगा।
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