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मानसून का हुआ आगाज, अभी जारी है नाले की सफाई
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पीडीडीयू नगर। मानसून का आगाज हो चुका है। इसके बावजूद पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में नाले की सफाई का काम पूरा नहीं हो सका है। देर से सफाई का काम शुरू होने का खामियाजा नगर और रेलवे कॉलोनियों में रहने वालों को जल भराव के रूप में झेलना पड़ सकता है। हालांकि रेलवे के अधिकारियों का दावा है कि समय से सफाई हो जाएगी और जलभराव की समस्या नहीं आएगी।
पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल में कार्यरत 14722 रेल कर्मचारियों में से पांच से सात हजार रेल कर्मचारी और उनके परिवार के लोगों को रहने के लिए 17 रेलवे कॉलोनियों में पांच हजार से अधिक रेलवे क्वार्टर बनाए गए है। यहां लगभग बीस हजार लोग रहते हैं।
यूरोपियन कॉलोनी, रोजा कॉलोनी, स्टेशन कॉलोनी, मानसनगर, गया कॉलोनी, अप यार्ड कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी, डीजल कॉलोनी, प्लांट डिपो कॉलोनी सहित अन्य रेलवे कॉलोनी और रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 22 एमएलडी सीवर का पानी निकलता है। पानी गंदे नाले से जरिए कैली में गंगा नदी में गिरता है। इसी नाले के सहारे नगर पालिका क्षेत्र से के सीवर का 13 एमएलडी पानी भी गंगा नदी तक जाता है।
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कुल मिलाकर गंदे नाले से 35 एमएलडी पानी गंगा नदी में गिरता है। प्रति वर्ष गंदे नाले की सफाई रेलवे कराता है। इस वर्ष जून माह के पहले सप्ताह में सफाई की शुरूआत की गई है। सफाई का काम अत्यंत धीमी गति से चल रही है। यही कारण है कि अधिकतर इलाकों में नाले गंदगी से पटे हुए हैं। नाला सफाई न होने से बृहस्पतिवार और शनिवार को हुई बारिश में नगर में जल भराव हो गया। यदि अभी भी समय से सफाई नहीं हुई तो नगर सहित रेलवे कॉलोनियों में जल भराव की समस्या होगी।
नगर से गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले की सफाई तेज गति से कराई जा रही है। काम को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कालोनियों में जल भराव की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
राहुल गुप्ता, मंडल यांत्रिक अभियंता, पर्यावरण एवं रख रखाव
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पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल में कार्यरत 14722 रेल कर्मचारियों में से पांच से सात हजार रेल कर्मचारी और उनके परिवार के लोगों को रहने के लिए 17 रेलवे कॉलोनियों में पांच हजार से अधिक रेलवे क्वार्टर बनाए गए है। यहां लगभग बीस हजार लोग रहते हैं।
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यूरोपियन कॉलोनी, रोजा कॉलोनी, स्टेशन कॉलोनी, मानसनगर, गया कॉलोनी, अप यार्ड कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी, डीजल कॉलोनी, प्लांट डिपो कॉलोनी सहित अन्य रेलवे कॉलोनी और रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 22 एमएलडी सीवर का पानी निकलता है। पानी गंदे नाले से जरिए कैली में गंगा नदी में गिरता है। इसी नाले के सहारे नगर पालिका क्षेत्र से के सीवर का 13 एमएलडी पानी भी गंगा नदी तक जाता है।
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कुल मिलाकर गंदे नाले से 35 एमएलडी पानी गंगा नदी में गिरता है। प्रति वर्ष गंदे नाले की सफाई रेलवे कराता है। इस वर्ष जून माह के पहले सप्ताह में सफाई की शुरूआत की गई है। सफाई का काम अत्यंत धीमी गति से चल रही है। यही कारण है कि अधिकतर इलाकों में नाले गंदगी से पटे हुए हैं। नाला सफाई न होने से बृहस्पतिवार और शनिवार को हुई बारिश में नगर में जल भराव हो गया। यदि अभी भी समय से सफाई नहीं हुई तो नगर सहित रेलवे कॉलोनियों में जल भराव की समस्या होगी।
नगर से गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले की सफाई तेज गति से कराई जा रही है। काम को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कालोनियों में जल भराव की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
राहुल गुप्ता, मंडल यांत्रिक अभियंता, पर्यावरण एवं रख रखाव