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मौसम फिर बदला, छाया घना कोहरा बढ़ी ठडी और गलन
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पीडीडीयू नगर। मौसम के उतार-चढ़ाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को तेज धूप से जहां मौसम बदला-बदला नजर आ रहा था वहीं पछुआ हवाओं ने शुक्रवार की सुबह लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया। सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाने से गलन और ठंड भी बढ़ गई है। इससे न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री नीचे गिर गया। वहीं सुबह 11 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हुए। इसके बाद धूप खिली तब जाकर लोगों को थोड़ी राहत मिली। मौसम विज्ञानी का कहना है कि अभी ठंडी इसी तरह रहेगी और तीन दिन बाद मौसम में फिर बदलाव की उम्मीद है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंच गया था। कृषि मौसम विज्ञानी कृष्ण मुरारी पांडेय के अनुसार गेहूं की खेती के लिए कोहरा और ठंड फायदेमंद है लेकिन तिलहनी और दलहनी के साथ सब्जी की खेती के लिए कोहरा नुकसान पहुंचाएगा। इधर, मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार जम्मू - कश्मीर सहित उत्तराखंड में बर्फबारी और पछुआ हवाओं के चलते ठंडी और गलन बढ़ी है। मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कोहरे का भी काफी असर रहा। उन्होंने बताया कि ठंडी इसी तरह दो दिन तक पड़ेगी। वहीं 25 जनवरी से फिर मौसम करवट लेने की उम्मीद है। जिससे दिल्ली, एनसीआर, उत्तराखंड, हिमांचल में बादल छाने के साथ बारिश होने की संभावना है। जिसका असर चंदौली सहित पूर्वांचल के जिलों पर पड़ेगा। इससे फिर ठंडी और गलन तेज होगी। पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए काफी सावधानी रखने की जरूरत है।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंच गया था। कृषि मौसम विज्ञानी कृष्ण मुरारी पांडेय के अनुसार गेहूं की खेती के लिए कोहरा और ठंड फायदेमंद है लेकिन तिलहनी और दलहनी के साथ सब्जी की खेती के लिए कोहरा नुकसान पहुंचाएगा। इधर, मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार जम्मू - कश्मीर सहित उत्तराखंड में बर्फबारी और पछुआ हवाओं के चलते ठंडी और गलन बढ़ी है। मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कोहरे का भी काफी असर रहा। उन्होंने बताया कि ठंडी इसी तरह दो दिन तक पड़ेगी। वहीं 25 जनवरी से फिर मौसम करवट लेने की उम्मीद है। जिससे दिल्ली, एनसीआर, उत्तराखंड, हिमांचल में बादल छाने के साथ बारिश होने की संभावना है। जिसका असर चंदौली सहित पूर्वांचल के जिलों पर पड़ेगा। इससे फिर ठंडी और गलन तेज होगी। पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए काफी सावधानी रखने की जरूरत है।
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