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बारिश ने खोली नगर पालिका की कलई, ताल-तलैया बनी सड़कें-गलियां

Fri, 24 Jun 2022 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 12:51 AM IST
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The rain opened the blaze of municipality
पीडीडीयू नगर। उमसभरी गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को मौसम मेहरबान हुआ और दोपहर दो बजे से देर शाम तक जोरदार बारिश हुई। बरिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं पालिका प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। बारिश के बाद नगर की कई सड़कों पर हुए जलभराव ने पालिका प्रशासन की कलई खोल कर रख दी । कहीं-कहीं तो नाली का पानी सड़कों पर बहता दिखा। वहीं बारिश से धान की नर्सरी डाल चुके किसानों के चेहरे खिल गए।
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किसानों के अनुसार बारिश ने सूख रही नर्सरी के लिए संजीवनी का काम किया है। नगर के निचले वार्डों के घरों में पानी घुस गया जिसे निकालने में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। नगर के पॉश कालोनियों में शामिल कैलाशपुरी, रविनगर व पटेलनगर और सुभाष नगर में भी सड़कों पर घुटने भर पानी लगा रहा। इसके अलावा नई बस्ती, पूर्वी बाजार, गिधौली, अलीनगर आदि इलाकों में भी सड़कों पर पानी भरा रहा।नगरवासियों का कहना था कि मौसम विभाग ने 16 जून से मॉनसून आने की संभावना व्यक्त कर दी थी। यदि समय रहते रेल प्रशासन ने बड़े नाले व नागर पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई करा दी होती तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
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ताराजीवनपुर। नगर पालिका प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को बरसात शुरू होने से चंद घंटे पहले नाले की साफ सफाई शुरू कराई गई। इससे नाले से निकाला गया कचरा बरसात के पानी के साथ वापस नाले में ही बहने लगा। क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि नगर पालिका समय रहते नाले की सफाई का कार्य पूर्ण करा लेता तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती। अब एक बार फिर उन्हें पानी निकासी की समस्या व जलभराव की स्थिति से दो चार होना पड़ेगा। यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है।
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कंदवा। बारिश न होने के साथ ही मौसम के गर्म होने से धान के नर्सरी की पत्तियां लाल होनी शुरू हो गई थीं।बहरहाल नर्सरी की लाल हो रही पत्तियों से बचाव के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए किसानों को इस बारिश ने राहत दे दी है। बारिश से धान की नर्सरी को काफी फायदा हुआ है। किसान रतन सिंह, केदार सिंह, देवेंद्र राय, धर्मेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, रमेश राय आदि का कहना है कि बारिश से किसानों के धान की नर्सरी को संजीवनी मिल गई है। यदि समय-समय पर बारिश होती रही तो धान की खेती अच्छी होगी।संवाद
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