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तीन अभियंताओं का वेतन रोकने का निर्देश
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2015 02:11 AM IST
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जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ।
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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जगदीश सिंह ने गोष्ठी में अनुपस्थित रहने पर
मूसाखांड, चंद्रप्रभा और बंधी डिवीजन के अभियंता का एक दिन का वेतन रोकने
का निर्देश दिया।
वहीं गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की खेती की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि चंदौली कृषि प्रधान जनपद है। यहां की 80 प्रतिशत जनता खेती पर ही निर्भर है।
किसानों को खेती के साथ-साथ बागवानी, मस्त्य, पशु पालन भी करना चाहिए। जिलाधिकारी ने भूपौली पंप कैनाल को जुलाई के अंत तक पूरी क्षमता के साथ चलाने का आश्वासन दिया। साथ ही बलुआ कैनाल को 15 जुलाई तक किसानों के सिंचाई हेतु शुरू कराने की बात कही।
उन्होंने वर्षा के पानी को बंधियों के माध्यम से रोककर सिंचाई करने का किसानों से आह्वान किया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जगदीश सिंह ने तीन अभियंताओं की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक दिन का वेतन काटने को कहा। कहा कि यदि अधिकारी नहीं चेते तो उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कहा जो भी नहरें चल रही है उनका सत्यापन कराया जाएगा। बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक डा यूपी सिंह ने कहा कि धान की बोआई से पूर्व ट्राइकोडर्मा द्वारा बीज शोधन अवश्य करना चाहिए। इससे यूरिया की खपत कम होती है। डा. एसबी सिंह ने किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करने की नसीहत दी।
इससे पूर्व उप कृषि निदेशक डा. डा. आरके सिंह ने जिलाधिकारी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानिक किया। गोष्ठी में किसानों के लिए कृषि विभाग के जुड़े विभिन्न स्टाल लगाए गए थे। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी कमलजीत सिंह, डा. बीपी पाठक, डा. विनोद सिंह, डा. एस राम, डा. चेतर केशरवानी आदि उपस्थित रहे।
वहीं गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की खेती की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि चंदौली कृषि प्रधान जनपद है। यहां की 80 प्रतिशत जनता खेती पर ही निर्भर है।
किसानों को खेती के साथ-साथ बागवानी, मस्त्य, पशु पालन भी करना चाहिए। जिलाधिकारी ने भूपौली पंप कैनाल को जुलाई के अंत तक पूरी क्षमता के साथ चलाने का आश्वासन दिया। साथ ही बलुआ कैनाल को 15 जुलाई तक किसानों के सिंचाई हेतु शुरू कराने की बात कही।
उन्होंने वर्षा के पानी को बंधियों के माध्यम से रोककर सिंचाई करने का किसानों से आह्वान किया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जगदीश सिंह ने तीन अभियंताओं की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक दिन का वेतन काटने को कहा। कहा कि यदि अधिकारी नहीं चेते तो उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कहा जो भी नहरें चल रही है उनका सत्यापन कराया जाएगा। बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक डा यूपी सिंह ने कहा कि धान की बोआई से पूर्व ट्राइकोडर्मा द्वारा बीज शोधन अवश्य करना चाहिए। इससे यूरिया की खपत कम होती है। डा. एसबी सिंह ने किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करने की नसीहत दी।
इससे पूर्व उप कृषि निदेशक डा. डा. आरके सिंह ने जिलाधिकारी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानिक किया। गोष्ठी में किसानों के लिए कृषि विभाग के जुड़े विभिन्न स्टाल लगाए गए थे। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी कमलजीत सिंह, डा. बीपी पाठक, डा. विनोद सिंह, डा. एस राम, डा. चेतर केशरवानी आदि उपस्थित रहे।