{"_id":"4c5553bca9488591e7b8a3eebff7dab6","slug":"the-holes-in-the-safety-of-railway-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की सुरक्षा में हैं छेद ही छेद !","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की सुरक्षा में हैं छेद ही छेद !
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Sat, 17 Jan 2015 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माओवादियों के बंद के ऐलान के मद्देनजर मंडल रेल प्रशासन पूरी तरह सुरक्षा
विज्ञापन
को लेकर मुस्तैद है। रेल कर्मियों से लेकर सुरक्षा कर्मियों को पैनी नजर
रखने के साथ ही ट्रेनों के परिचालन में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए
हंै।
बावजूद इसके एशिया में महत्वपूर्ण माने जाने वाले रेलवे स्टेशन मुगलसराय और तकरीबन आठ किलोमीटर तक फैले यार्ड की सुरक्षा के अलग से कोई प्रबंध नहीं किए गए। ऐसे में किसी बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
भारतीय रेल में मुगलसराय स्टेशन ए प्लस श्रेणी के अंतर्गत आता है। सुरक्षा की बात की जाए तो यार्ड और रेलवे स्टेशन दोनों पूरी तरह खुले हुए हैं। स्टेशन के प्रवेश द्वार पर काफी समय पूर्व डोर मेटल डिटेक्टर लगा रहता था लेकिन वर्तमान में वह भी गायब है।
वहां न तो कोई सुरक्षा कर्मी की तैनाती है और न ही रेलवे कर्मचारी। प्लेटफार्म चाहे हावड़ा छोर हो या फिर दिल्ली छोर की ओर, पूरी तरह खुले हैं।
आरपीएफ वेस्ट पोस्ट और जीआरपी थाना दोनों ही हावड़ा छोर की तरफ हैं। दिल्ली छोर की ओर तो सुरक्षा तंत्र बहुत कम दिखाई देते हैं।
बावजूद इसके एशिया में महत्वपूर्ण माने जाने वाले रेलवे स्टेशन मुगलसराय और तकरीबन आठ किलोमीटर तक फैले यार्ड की सुरक्षा के अलग से कोई प्रबंध नहीं किए गए। ऐसे में किसी बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
भारतीय रेल में मुगलसराय स्टेशन ए प्लस श्रेणी के अंतर्गत आता है। सुरक्षा की बात की जाए तो यार्ड और रेलवे स्टेशन दोनों पूरी तरह खुले हुए हैं। स्टेशन के प्रवेश द्वार पर काफी समय पूर्व डोर मेटल डिटेक्टर लगा रहता था लेकिन वर्तमान में वह भी गायब है।
वहां न तो कोई सुरक्षा कर्मी की तैनाती है और न ही रेलवे कर्मचारी। प्लेटफार्म चाहे हावड़ा छोर हो या फिर दिल्ली छोर की ओर, पूरी तरह खुले हैं।
आरपीएफ वेस्ट पोस्ट और जीआरपी थाना दोनों ही हावड़ा छोर की तरफ हैं। दिल्ली छोर की ओर तो सुरक्षा तंत्र बहुत कम दिखाई देते हैं।