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रोजगार सेवक ने की धांधली-

Wed, 22 Sep 2021 12:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 12:29 AM IST
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The employment servant got two job cards made for the family members
रोजगार सेवक ने परिवार वालों के बनवा दिए दो-दो जॉब कार्ड
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बगैर काम कराए डेढ़ लाख से ज्यादा का करा लिया भुगतान
ग्राम सचिव ने बीडीओ से की शिकायत, रोजगार सेवक ने आरोपों को नकारा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर/नौगढ़। विकास खंड नौगढ़ के मरवटिया और बोदलपुर गांव में मनरेगा के तहत एक घर में कई व्यक्तियों के नाम दो-दो जॉब कार्ड बनाकर बगैर काम कराए करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम रोजगार सेवक ने अपने नौकरी पेशा भाई, पत्नी, माता- पिता के नाम पर न सिर्फ जॉब कार्ड बनवाए, बल्कि बिना काम के उनके खाते में मजदूरी भी भेज दी। एक स्वयंसेवी संस्था की शिकायत के बाद पंचायत सचिव उपेंद्र साहनी ने रोजगार सेवक के खिलाफ बीडीओ से लिखित शिकायत की है।
आरोप है कि झुमरिया निवासी ग्राम रोजगार सेवक जयप्रकाश जिज्ञासु ने पहले अपने माता-पिता का जॉब कार्ड बनवाया। इसके बाद अपने दोनों भाइयों और उनकी पत्नियों के नाम पर जॉब कार्ड बनवाकर मजदूरी का भुगतान ले लिया। रोजगार सेवक ने डेढ़ लाख रुपये से अधिक की रकम इनके खातों में भेज दी।
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रोजगार सेवक ने मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत बोदलपुर और मरवटिया गांव में वित्तीय वर्ष 2017 से अगस्त 21 तक खेत का समतलीकरण, झाड़ी की सफाई, गोशाला निर्माण में अपनी पत्नी ममता का जॉब कार्ड बनवाकर हजारों रुपये खर्च दिखाया है। वर्ष 2017 से अगस्त 21 तक अपनी मां नौरंगी का जॉब कार्ड बनवाकर पशु शेड निर्माण, समतलीकरण, पौधरोपण में हजारों रुपये का भुगतान कराया। इसके अलावा 2020 में उसने अपने पिता मराछु के नाम जॉब कार्ड बनवाकर हजारों रुपये का भुगतान कराया। उसने अपने दोनों भाइयों अरुण कुमार और मनोज के नाम भी जॉब कार्ड बनवाकर उनके खाते में भुगतान कराया। भाइयों की पत्नी सोना और सुनीता के नाम भी जॉब कार्ड बनवाकर हजारों रुपये का भुगतान कराया। हालांकि रोजगार सेवक जयप्रकाश ने आरोपों को सिरे से नकार दिया।
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पिता, भाइयों और भाभी के नाम बनवाए ेकार्ड
रोजगार सेवक के पिता मराछु के नाम पर दो कार्ड बने हैं। इनका कार्ड नंबर 3152 और 152 है। छोटे भाई मनोज के नाम पर दो कार्ड बने हैं। इनका नंबर 3001भन और 3502 है। बड़े भाई अरुण कुमार के नाम से दो कार्ड बने हैं। इसका नंबर 3687 और 3152 है। भाभी सोना देवी के नाम दो कार्ड बने हैं। इनका नंबर 3001भन और 3502 है। इनके नाम से दो बैंकों में अलग-अलग खाते हैं। अरुण, मनोज, सोना देवी के नाम से एक बैंक खाता बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक नौगढ़ की शाखा में है जबकि दूसरा खाता यूबीआई नौगढ़ में संचालित है। इन खातों में मनरेगा योजना से मजदूरी का भुगतान किया गया है।

कोट...
मनरेगा में गलत तरीके से एक परिवार में कई कार्ड बनवाकर पैसे का भुगतान कराने का मामला सामने आया है। मैने इस मामले की लिखित शिकायत खंड विकास अधिकारी से की है।
- उपेंद्र साहनी, पंचायत सचिव
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मनरेगा में अभी तक कोई ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। वैसे आरोप सही मिलने पर रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सुदामा यादव, खंड विकास अधिकारी नौगढ़।
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