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दीपोत्सव: दूर हुआ अंधियारा, रोशनी से नहाया हर कोना, गलियारा
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पीडीडीयू नगर के रविनगर में आकर्षक झालरों से सजे मकान। संवाद
- फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। तम पर प्रकाश की जीत का पर्व दीपावली बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। घरों की साफ सफाई के बाद दीया जलाया। रोशनी से हर कोना गलियारा रोशन हो गया, इससे अंधेरा का नामोनिशां नहीं रहा। शुभ लग्न में लक्ष्मी गणेश की पूजा अर्चना की गई और अभीष्ट की कामना की गई। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया और साथ मिलकर आतिशबाजी की। देर रात तक आसमान में रंग बिरंगी रोशनी फैलती रही। इन नजारों का लोगों ने खूब आनंद उठाया।
चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के अयोध्या वापसी की खुशी में मनाने के लिए दीपोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह दिखा। दीपावली की सुबह से ही शाम के पूजा अर्चना की तैयारी शुरू हो गई। घरों की साफ सफाई के बाद फूल-माला और रंगोली से घरों को सजाया। शाम वक्त शुभ मुहुर्त में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की और पूरोहितों को बुलाकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। देव विग्रहों को लावा, लाई, चुरा, खील-बतासे और मिठाइयों का भोग लगाया। फूल-माला, धूप-दीप से शृंगार किया और इसके बाद भव्य आरती उतारी। घरों में घरौंदा बनाकर कुल्हिया, चुकिया, ग्वालिन, खिलौनों को लाई, खील बतासों से भरा और पूरे घर को दीप से जलाया। पूजन अर्चन के बाद घर की छतों, दरवाजों पर दीप मालाएं सजाई। दीप मालिका के साथ घरों की छतों पर लगाए गए विद्युत झालरों को शाम को जलाया गया। इससे पूरा इलाका रोशनी से नहा उठा। दीपक की लौ और विद्युत झालरों की लड़ियों की टिमटिमाती रोशनी से आसमान के तारे भी शरमाते नजर आए। पूजा अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में मिठाइयों का स्वाद चखा। यही नहीं एक दूसरे के घरों में भी प्रसाद और मिठाइयों बांटी गई और एक दूसरे को दीपावली की शुभकमानाएं दी। इसके बाद घर के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी घर की छतों और
दरवाजों पर एकत्र हो गए और आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। शाम छह बजे से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर रात दो बजे तक चलता रहा। आसमान रंग बिरंगी फूलझड़ियों से रोशन रहा, वहीं लोगों ने राकेट, अनार, चरखी, बिजली बम, आलू बम सहित अन्य पटाखों को छूडाकर आनंद उठाया। दुकानों में भी दिन भर दुकानदारी के बाद देर शाम पुरोहितों को बुलाकर पूजन अर्चन कराया गया। नया बही खाता की शुरूआत कराई और तुला पूजन, कुबेर पूजन के बाद शुभ के प्रतीक स्वास्तिक का निशान दरवाजे पर लगाया। इसकी पूजा अर्चना की और दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामना दी।
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पीडीडीयू नगर। बढ़ते प्रदूषण और सजावट के सामान की कीमतों में बेताहासा वृद्धि को देखते हुए घरों, प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए लोग फिर से प्रकृति की शरण में पहुंच गए हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों से आर्टिफिशियल माला के साथ रंग बिरंगे फूलों की माला से घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट की जा रही है। यही कारण है कि सुबह से ही बाजार में फूलों की दुकान सजी रही। विशेष कर गेंदे की माला की खूब डिमांड रही।
लोगों ने माला खरीद कर घर के दरवाजे को सजाया वहीं अशोक, आम के पत्तों की लड़ियां सजाई।यही नहीं दरवाजे पर शुभ प्रतीक केले के पेड़ भी लगाए। नगर में जीटी रोड पर मां काली मंदिर के समीप फूल मंडी के अलावा धर्मशाला रोड, परमार कटरा, गल्ला मंडी, रस्तोगी गली, नई सट्टी में फूलों की अस्थाई दुकाने सजाई गई। वहीं ठेला भी गली मुहल्लों में गेंदा की माला की खूब बिक्री हुई। दुकानों और ठेलों पर फूलों की माला खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ रही।
पीडीडीयू नगर। दीप पर्व पर बृहस्पतिवार को नगर सहित पूरे जिले में परंपरा निभाने के लिए लोगों ने खूब जुआ खेला। मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा अर्चना के बाद जगह जगह फड बिछाए गए और यहां लोगों ने किस्मत आजमाई। यहां पूरी रात लाखों रुपये के वारे न्यारे हुए।
लक्ष्मी पूजा का पर्व दीपावली पर जुआ खेलने की भी परंपरा रही है, लेकिन वर्तमान में यह परंपरा ने विभत्स रूप ले लिया है। वैसे तो पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर जुआ का खेल होता है लेकिन दीपावली के एक माह पहले जुए
का खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। ऐसा नहीं है कि जुआ के फड़ों की जानकारी पुलिस को नहीं है लेकिन पुलिस भी सिर्फ इक्का दुक्का स्थानों पर छापेमारी कर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। बुधवार को भी शाम ढलते ही
नगर में ही एक दर्जन स्थानों पर फड़ सज गए थे। यहां ताश के बावन पत्तों को फेंटने का काम शुरू हो गया। कई स्थानों पर ताश के पत्तों की जगह लूडो, शतरंज, चौसड़ के सहारे बाजियां लगी। पिछले कुछ वर्षों में आनलॉइन लूडो, क्रिकेट के नाम पर बाजी लगाने का प्रचलन बढ़ा है। लोगों ने यहां भी खूब दांव आजमाए। इसके साथ ही सट्टा बाजार में पैसा लगाने के शौकिनों के लिए बृहस्पतिवार की शाम साढ़े छह बजे से साढ़े सात बजे तक शेयर मार्केट खुला। इसमें भी लोगों ने खूब पैसे लगाए।
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चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के अयोध्या वापसी की खुशी में मनाने के लिए दीपोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह दिखा। दीपावली की सुबह से ही शाम के पूजा अर्चना की तैयारी शुरू हो गई। घरों की साफ सफाई के बाद फूल-माला और रंगोली से घरों को सजाया। शाम वक्त शुभ मुहुर्त में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की और पूरोहितों को बुलाकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। देव विग्रहों को लावा, लाई, चुरा, खील-बतासे और मिठाइयों का भोग लगाया। फूल-माला, धूप-दीप से शृंगार किया और इसके बाद भव्य आरती उतारी। घरों में घरौंदा बनाकर कुल्हिया, चुकिया, ग्वालिन, खिलौनों को लाई, खील बतासों से भरा और पूरे घर को दीप से जलाया। पूजन अर्चन के बाद घर की छतों, दरवाजों पर दीप मालाएं सजाई। दीप मालिका के साथ घरों की छतों पर लगाए गए विद्युत झालरों को शाम को जलाया गया। इससे पूरा इलाका रोशनी से नहा उठा। दीपक की लौ और विद्युत झालरों की लड़ियों की टिमटिमाती रोशनी से आसमान के तारे भी शरमाते नजर आए। पूजा अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में मिठाइयों का स्वाद चखा। यही नहीं एक दूसरे के घरों में भी प्रसाद और मिठाइयों बांटी गई और एक दूसरे को दीपावली की शुभकमानाएं दी। इसके बाद घर के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी घर की छतों और
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दरवाजों पर एकत्र हो गए और आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। शाम छह बजे से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर रात दो बजे तक चलता रहा। आसमान रंग बिरंगी फूलझड़ियों से रोशन रहा, वहीं लोगों ने राकेट, अनार, चरखी, बिजली बम, आलू बम सहित अन्य पटाखों को छूडाकर आनंद उठाया। दुकानों में भी दिन भर दुकानदारी के बाद देर शाम पुरोहितों को बुलाकर पूजन अर्चन कराया गया। नया बही खाता की शुरूआत कराई और तुला पूजन, कुबेर पूजन के बाद शुभ के प्रतीक स्वास्तिक का निशान दरवाजे पर लगाया। इसकी पूजा अर्चना की और दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामना दी।
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पीडीडीयू नगर। बढ़ते प्रदूषण और सजावट के सामान की कीमतों में बेताहासा वृद्धि को देखते हुए घरों, प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए लोग फिर से प्रकृति की शरण में पहुंच गए हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों से आर्टिफिशियल माला के साथ रंग बिरंगे फूलों की माला से घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट की जा रही है। यही कारण है कि सुबह से ही बाजार में फूलों की दुकान सजी रही। विशेष कर गेंदे की माला की खूब डिमांड रही।
लोगों ने माला खरीद कर घर के दरवाजे को सजाया वहीं अशोक, आम के पत्तों की लड़ियां सजाई।यही नहीं दरवाजे पर शुभ प्रतीक केले के पेड़ भी लगाए। नगर में जीटी रोड पर मां काली मंदिर के समीप फूल मंडी के अलावा धर्मशाला रोड, परमार कटरा, गल्ला मंडी, रस्तोगी गली, नई सट्टी में फूलों की अस्थाई दुकाने सजाई गई। वहीं ठेला भी गली मुहल्लों में गेंदा की माला की खूब बिक्री हुई। दुकानों और ठेलों पर फूलों की माला खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ रही।
पीडीडीयू नगर। दीप पर्व पर बृहस्पतिवार को नगर सहित पूरे जिले में परंपरा निभाने के लिए लोगों ने खूब जुआ खेला। मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा अर्चना के बाद जगह जगह फड बिछाए गए और यहां लोगों ने किस्मत आजमाई। यहां पूरी रात लाखों रुपये के वारे न्यारे हुए।
लक्ष्मी पूजा का पर्व दीपावली पर जुआ खेलने की भी परंपरा रही है, लेकिन वर्तमान में यह परंपरा ने विभत्स रूप ले लिया है। वैसे तो पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर जुआ का खेल होता है लेकिन दीपावली के एक माह पहले जुए
का खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। ऐसा नहीं है कि जुआ के फड़ों की जानकारी पुलिस को नहीं है लेकिन पुलिस भी सिर्फ इक्का दुक्का स्थानों पर छापेमारी कर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। बुधवार को भी शाम ढलते ही
नगर में ही एक दर्जन स्थानों पर फड़ सज गए थे। यहां ताश के बावन पत्तों को फेंटने का काम शुरू हो गया। कई स्थानों पर ताश के पत्तों की जगह लूडो, शतरंज, चौसड़ के सहारे बाजियां लगी। पिछले कुछ वर्षों में आनलॉइन लूडो, क्रिकेट के नाम पर बाजी लगाने का प्रचलन बढ़ा है। लोगों ने यहां भी खूब दांव आजमाए। इसके साथ ही सट्टा बाजार में पैसा लगाने के शौकिनों के लिए बृहस्पतिवार की शाम साढ़े छह बजे से साढ़े सात बजे तक शेयर मार्केट खुला। इसमें भी लोगों ने खूब पैसे लगाए।