पीडीडीयू नगर। आरपीएफ कर्मियों की हत्या के मामले की जांच में गाजीपुर की क्राइम ब्रांच जुटी है। रेलवे स्टेशन से सीसीटीवी फुटेज लेने के बाद दूसरे दिन शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब ढाई घंटे तक डीआरएम ऑफिस को खंगाला। वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के कार्यालय में भी टीम पहुंची। पुलिस सीडीआर के जरिए हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पीडीडीयू मंडल में तैनात रहे आरपीएफ केे कांस्टेबल प्रमोद कुमार और मोहमद जावेद 19 अगस्त की रात बाड़मेर गुवाहाटी एक्सप्रेस से मोकामा जाते समय गायब हो गए थे। दोनों के शव गाजीपुर जिले के भदौरा और गहमर रेलवे स्टेशन के ट्रैक के किनारे पड़ा मिला था। घटना के बाद गाजीपुर क्राइम ब्रांच, पुलिस, फोरेंसिक टीम सहित पांच एजेंसियां जांच पड़ताल में जुटी। सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच टीम इसे मारपीट के क्रम में घटी घटना के रूप में मानकर जांच शुरू की है। बाद में बीतते समय के साथ घटना ट्रेनों से होने वाली शरण तस्करी की और घूम गई। अब इस प्रकरण में पुलिस ने सीडीआर को खंगालना शुरू कर दिया है। टीम अब पीडीडीयू नगर में शराब की दुकानों के सेल्समैन से लेकर कुछ पुलिसकर्मियों और शराब तस्करों के बीच के कनेक्शन को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में कुछ पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। शनिवार को ढाई घंटे तक आरपीएफ कमांडेंट के कार्यालय में चली मीटिंग इस ओर इशारा कर रही है कि गाजीपुर की पुलिस टीम जल्द खुलासा कर सकती है।